Kanpur: 10 वाली 1380 और 2450 में बिक रही 20 की गड्डी, फरवरी में है सहालग…बैंकों के चक्कर काट रहे ग्राहक
Kanpur News: कानपुर के बैंकों से नई करेंसी गायब है, जबकि नयागंज में 10 और 20 के बंडल भारी प्रीमियम पर बिक रहे हैं। बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
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कानपुर के बैंकों में नोटों की गड्डियों का संकट अभी भी बरकरार है। फरवरी से सहालग शुरू होने वाली है। नई करेंसी के लिए ग्राहक बैंक शाखाओं के चक्कर काट रहे हैं। बाजार में 10 की गड्डी 1380 और 20 रुपये की गड्डी 2450 रुपये में बिक रही है। वहीं, बैंकों की चेस्ट शाखाओं में नई गड्डियां न होने की बात कही जा रही है। चेस्ट शाखा में कार्यरत एक बैंक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि चेस्ट में जितनी नई करेंसी आती है।
उसके अनुपात में सभी शाखाओं को गड्डियां उपलब्ध कराना संभव नहीं हो पाता। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर नई करेंसी के बंडल चुनिंदा लोगों को वितरित कर देते हैं। कुछ चेस्ट अधिकारियों के नयागंज स्थित नई गड्डियों का व्यापार करने वाले दुकानदारों से संपर्क होने की भी बात सामने आ रही है। जिस कारण आम लोगों तक गड्डियां नहीं पहुंच पाती हैं।
बिक्री करने वालों पर होनी चाहिए कार्रवाई
ऑल इंडिया वी बैंकर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय महामंत्री आशीष मिश्रा ने बताया कि सहालग शुरू होने वाली है। नयांगज, घंटाघर में कटे-फटे नोट बदलने का काम करने वाले बैंकों के कर्मचारियों से मिलीभगत करके चेस्ट करेंसी से नई करेंसी ले आते हैं। आरबीआई को इसकी निगरानी करनी चाहिए और इसकी बिक्री करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
करोड़ों की नई करेंसी पकड़ी जा चुकी
तीन साल पहले आयकर विभाग की टीम ने नयागंज में छापा मारा था। इस दौरान कटे-फटे नोट का व्यापार करने वाले कारोबारी के प्रतिष्ठान पर लाखों की नई करेंसी मिली थी। इसमें सबसे ज्यादा 10, 20 और 50 के बंडल थे जिसे विभाग ने जब्त कर लिया था। व्यापारी इसका हिसाब नहीं दे पाया था।
बाजार में नई करेंसी के रेट
- 10 की गड्डी 1380 रुपये।
- 20 वाली गड्डी 2450 रुपये।
- 50 वाली गड्डी 5200 रुपये।
- 100 वाली गड्डी 10,100 रुपये।
- 200 वाली गड्डी 22,200 रुपये।
