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Hathras News: शराब ही नहीं, खराब खान-पान भी बिगाड़ रहा लीवर की सेहत
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 16 Jun 2026 02:16 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
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आज के दौर में लीवर खराब होने की मुख्य वजह सिर्फ शराब का सेवन ही नहीं रह गया है, बल्कि हमारा बिगड़ता खान-पान और अनियंत्रित जीवनशैली भी युवाओं के लीवर को तेजी से बीमार कर रही है। जिला अस्पताल में हो रही एलएफटी (लीवर फंक्शन टेस्ट) की जांच में इसके चौंकाने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं।
13 दिनों की जांच में 45 फीसदी युवाओं का लीवर मिला संक्रमित
जिला अस्पताल से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस महीने 1 से 13 जून के बीच 30 से 45 वर्ष की आयु वर्ग के करीब 135 युवाओं की एलएफटी जांच की गई। जांच रिपोर्ट के विश्लेषण से पता चला कि इनमें से लगभग 45 फीसदी युवाओं के लीवर में सूजन (फैटी लीवर) की समस्या पाई गई है। हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें से कई युवा ऐसे भी हैं जो शराब का सेवन बिल्कुल नहीं करते हैं।
फास्ट फूड और गतिहीन जीवनशैली मुख्य विलेन
सीएमएस डाॅ. सूर्यप्रकाश ने बताया कि फैटी लीवर की इस बढ़ती समस्या के पीछे मुख्य वजह अत्यधिक मात्रा में फास्ट फूड, तला खाना, कोल्ड ड्रिंक्स और प्रिजर्वेटिव युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन है। इसके साथ ही शारीरिक श्रम न करना यानी सिटिंग जॉब और व्यायाम की कमी इस बीमारी को और बढ़ावा दे रही है। सीएमएस ने बताया कि लीवर में सूजन की समस्या को शुरुआती दौर में ही पहचानना जरूरी है। अगर समय रहते खान-पान में सुधार न किया जाए, तो यह समस्या आगे चलकर लीवर सिरोसिस जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी का रूप ले सकती है। युवाओं को अपने दैनिक आहार में सुधार करने की सख्त जरूरत है।
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चिकित्सकों द्वारा बताए गए बचाव के तरीके..
-संतुलित आहार लें : भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल, फाइबर युक्त अनाज और सलाद को शामिल करें।
-फास्ट फूड से दूरी : चाउमीन, बर्गर, पिज्जा, मोमोज और अत्यधिक तैलीय व मसालेदार खाने से पूरी तरह परहेज करें।
-नियमित व्यायाम : दिन में कम से कम 30 से 45 मिनट पैदल चलें, योग करें या कसरत करें।
-वजन पर नियंत्रण : शरीर के बढ़ते वजन और पेट की चर्बी को नियंत्रित रखें।
-पानी की पर्याप्त मात्रा : दिनभर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पीएं, ताकि शरीर के टॉक्सिंस बाहर निकल सकें।
13 दिनों की जांच में 45 फीसदी युवाओं का लीवर मिला संक्रमित
जिला अस्पताल से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस महीने 1 से 13 जून के बीच 30 से 45 वर्ष की आयु वर्ग के करीब 135 युवाओं की एलएफटी जांच की गई। जांच रिपोर्ट के विश्लेषण से पता चला कि इनमें से लगभग 45 फीसदी युवाओं के लीवर में सूजन (फैटी लीवर) की समस्या पाई गई है। हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें से कई युवा ऐसे भी हैं जो शराब का सेवन बिल्कुल नहीं करते हैं।
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फास्ट फूड और गतिहीन जीवनशैली मुख्य विलेन
सीएमएस डाॅ. सूर्यप्रकाश ने बताया कि फैटी लीवर की इस बढ़ती समस्या के पीछे मुख्य वजह अत्यधिक मात्रा में फास्ट फूड, तला खाना, कोल्ड ड्रिंक्स और प्रिजर्वेटिव युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन है। इसके साथ ही शारीरिक श्रम न करना यानी सिटिंग जॉब और व्यायाम की कमी इस बीमारी को और बढ़ावा दे रही है। सीएमएस ने बताया कि लीवर में सूजन की समस्या को शुरुआती दौर में ही पहचानना जरूरी है। अगर समय रहते खान-पान में सुधार न किया जाए, तो यह समस्या आगे चलकर लीवर सिरोसिस जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी का रूप ले सकती है। युवाओं को अपने दैनिक आहार में सुधार करने की सख्त जरूरत है।
चिकित्सकों द्वारा बताए गए बचाव के तरीके..
-संतुलित आहार लें : भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल, फाइबर युक्त अनाज और सलाद को शामिल करें।
-फास्ट फूड से दूरी : चाउमीन, बर्गर, पिज्जा, मोमोज और अत्यधिक तैलीय व मसालेदार खाने से पूरी तरह परहेज करें।
-नियमित व्यायाम : दिन में कम से कम 30 से 45 मिनट पैदल चलें, योग करें या कसरत करें।
-वजन पर नियंत्रण : शरीर के बढ़ते वजन और पेट की चर्बी को नियंत्रित रखें।
-पानी की पर्याप्त मात्रा : दिनभर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पीएं, ताकि शरीर के टॉक्सिंस बाहर निकल सकें।