{"_id":"6a3062a29f65f967b9036663","slug":"clash-involving-sticks-and-knives-during-lake-survey-three-injured-hathras-news-c-56-1-hts1004-150035-2026-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: झील की पैमाइश के दौरान चले डंडे और चाकू, तीन घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: झील की पैमाइश के दौरान चले डंडे और चाकू, तीन घायल
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 16 Jun 2026 02:07 AM IST
विज्ञापन
हसायन में चारपाई पर घायल को लिटाकर जाम लगाते ग्रामीण। संवाद
- फोटो : Samvad
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हसायन कस्बे के मोहल्ला किला खेड़ा में सोमवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक प्राचीन और ऐतिहासिक झील (नॉन-जेड ए तालाब) की जमीन की पैमाइश के दौरान दो पक्ष आपस में भिड़ गए। पुलिस और राजस्व टीम की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे और चाकू चले। इस हिंसक झड़प में एक महिला समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
आक्रोशित ग्रामीणों ने घायल को चारपाई पर लिटाकर कस्बे के मुख्य तिराहे पर जाम लगा दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सोमवार दोपहर करीब एक बजे मोहल्ला किलाखेड़ा स्थित श्री हनुमानजी महाराज की बगीची के पीछे राजा अवागढ़ की ऐतिहासिक नॉन-जेड ए तालाब की जमीन पर तहसील स्तरीय राजस्व टीम पैमाइश करने पहुंची थी।
टीम में नायब तहसीलदार सिकंदराराऊ, कानूनगो रामनरेश, राजस्व निरीक्षक, हल्का लेखपाल और कोतवाली पुलिस भी शामिल थी। जैसे ही पैमाइश की कार्रवाई शुरू हुई, जमीन पर पहले से काबिज पक्ष ने इसका विरोध कर दिया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और जमीन पर अपना-अपना दावा ठोकने लगे। कहासुनी इतनी बढ़ी कि दोनों ओर से लाठी-डंडे और चाकू निकल आए। इस खूनी संघर्ष में एक पक्ष के कन्हैयालाल, उनकी पत्नी लीलावती और शकुंतला देवी चाकू लगने से लहूलुहान होकर गिर पड़े। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
विज्ञापन
झड़प के बाद काफी देर तक गंभीर रूप से घायल कन्हैयालाल जमीन पर ही पड़े रहे। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीण और परिजन घायल को चारपाई पर डालकर कस्बे के मुख्य तिराहे पर ले आए और सड़क के बीचों-बीच चारपाई बिछाकर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान काफी संचया में पुलिस बल तैनात रहा।
घायल लीलावती ने रोते हुए बताया कि उनके पूर्वज चार पुश्तों से राजा अवागढ़ के यहां मजदूरी करते थे। राजा बलवंत सिंह ने उनके पूर्वजों को हसायन कस्बे की अपनी रियासत से 68 बीघा जमीन का पट्टा देकर काबिज किया था, जिस पर वे वर्षों से खेती कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस व राजस्व टीम दूसरे पक्ष से मिल गई है।
गांव छीतपुर के व्यक्ति लगातार शिकायत कर रहे थे कि पट्टा उनके नाम है और दूसरा पक्ष जमीन पर काबिज है। शिकायत पर टीम जांच के लिए पहुंची थी। दस्तावेज देखने के दौरान ही दोनों पक्षों में विवाद हो गया था। ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवा दिया गया है। मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है, इसलिए कोर्ट के आदेश पर आगे की कार्यवाही होगी।
-धर्मेंद्र सिंह, एसडीएम सिकंदराराऊ
आक्रोशित ग्रामीणों ने घायल को चारपाई पर लिटाकर कस्बे के मुख्य तिराहे पर जाम लगा दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सोमवार दोपहर करीब एक बजे मोहल्ला किलाखेड़ा स्थित श्री हनुमानजी महाराज की बगीची के पीछे राजा अवागढ़ की ऐतिहासिक नॉन-जेड ए तालाब की जमीन पर तहसील स्तरीय राजस्व टीम पैमाइश करने पहुंची थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
टीम में नायब तहसीलदार सिकंदराराऊ, कानूनगो रामनरेश, राजस्व निरीक्षक, हल्का लेखपाल और कोतवाली पुलिस भी शामिल थी। जैसे ही पैमाइश की कार्रवाई शुरू हुई, जमीन पर पहले से काबिज पक्ष ने इसका विरोध कर दिया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और जमीन पर अपना-अपना दावा ठोकने लगे। कहासुनी इतनी बढ़ी कि दोनों ओर से लाठी-डंडे और चाकू निकल आए। इस खूनी संघर्ष में एक पक्ष के कन्हैयालाल, उनकी पत्नी लीलावती और शकुंतला देवी चाकू लगने से लहूलुहान होकर गिर पड़े। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
झड़प के बाद काफी देर तक गंभीर रूप से घायल कन्हैयालाल जमीन पर ही पड़े रहे। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीण और परिजन घायल को चारपाई पर डालकर कस्बे के मुख्य तिराहे पर ले आए और सड़क के बीचों-बीच चारपाई बिछाकर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान काफी संचया में पुलिस बल तैनात रहा।
घायल लीलावती ने रोते हुए बताया कि उनके पूर्वज चार पुश्तों से राजा अवागढ़ के यहां मजदूरी करते थे। राजा बलवंत सिंह ने उनके पूर्वजों को हसायन कस्बे की अपनी रियासत से 68 बीघा जमीन का पट्टा देकर काबिज किया था, जिस पर वे वर्षों से खेती कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस व राजस्व टीम दूसरे पक्ष से मिल गई है।
गांव छीतपुर के व्यक्ति लगातार शिकायत कर रहे थे कि पट्टा उनके नाम है और दूसरा पक्ष जमीन पर काबिज है। शिकायत पर टीम जांच के लिए पहुंची थी। दस्तावेज देखने के दौरान ही दोनों पक्षों में विवाद हो गया था। ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवा दिया गया है। मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है, इसलिए कोर्ट के आदेश पर आगे की कार्यवाही होगी।
-धर्मेंद्र सिंह, एसडीएम सिकंदराराऊ