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भजनों की गूंज के बीच छप्पन भोग का चढ़ावा
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 15 Apr 2016 10:27 PM IST
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लाल डिग्गी चौक से श्रीराम जन्मोत्सव के मौके पर निकाली गई शोभायात्रा।
- फोटो : amar ujala
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वासंतिक नवरात्र की पूर्णाहुति शुक्रवार को कन्या पूजन और हवन के साथ पूरे विधि-विधान से हुई। साथ ही रामनवमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के वातावरण में मनाया गया। इसे लेकर पूरे दिन शहर के विभिन्न मंदिरों व शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिरों के साथ-साथ घरों में वेदमंत्र गूंजे और हवन से पूर्णाहुति की गई। इस दौरान देवी भजनों की गूंज रही तो छप्पन भोग से भगवान राम के प्रति श्रद्धा प्रकट करने की भक्तों में ललक देखी गई।
नवमी पूजन को लेकर श्रद्धालुओं की तैयारी बृहस्पतिवार की देर रात से शुरू हो गई। महिलाओं ने स्नान-ध्यान के बाद लजीज व्यंजन बनाए और सूर्योदय से पहले भोजन के अंश के साथ हवन-पूजन किया। मंदिरों में उमड़ी भीड़ मेले के माहौल का अहसास करा रही थी। मां के दरबार में नारियल, चुनरी और व प्रसाद चढ़ाया गया।
दर्शन-पूजन के बाद कुछ ने मंदिर में ही तो कुछ ने घर आकर कन्या भोजन कराया और दान-दक्षिणा की धार्मिक प्रक्रिया पूरी की। लेहड़ा देवी मंदिर, तरकुलही देवी मंदिर, बुढ़िया माता का मंदिर, बेतियाहाता, गोलघर व बक्शीपुर के काली मंदिर समेत सभी मंदिरों में सुबह से लेकर रात तक हवन-पूजन का सिलसिला चलता रहा।
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नवमी पूजन को लेकर श्रद्धालुओं की तैयारी बृहस्पतिवार की देर रात से शुरू हो गई। महिलाओं ने स्नान-ध्यान के बाद लजीज व्यंजन बनाए और सूर्योदय से पहले भोजन के अंश के साथ हवन-पूजन किया। मंदिरों में उमड़ी भीड़ मेले के माहौल का अहसास करा रही थी। मां के दरबार में नारियल, चुनरी और व प्रसाद चढ़ाया गया।
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दर्शन-पूजन के बाद कुछ ने मंदिर में ही तो कुछ ने घर आकर कन्या भोजन कराया और दान-दक्षिणा की धार्मिक प्रक्रिया पूरी की। लेहड़ा देवी मंदिर, तरकुलही देवी मंदिर, बुढ़िया माता का मंदिर, बेतियाहाता, गोलघर व बक्शीपुर के काली मंदिर समेत सभी मंदिरों में सुबह से लेकर रात तक हवन-पूजन का सिलसिला चलता रहा।