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पांच घंटे ठप रही बिजली
अमर उजाला/गोंडा
Updated Tue, 24 May 2016 11:24 PM IST
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उत्पादन लागत में कमी आई
- फोटो : Getty
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पावर कॉरपोरेशन के वितरण खंड अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा मंगलवार को एक तिहाई शहरवासियों को साढ़े पांच घंटे तक बिजली कटौती के रूप में झेलना पड़ा। बिजली कटौती की पूर्व सूचना न मिल पाने के कारण जहां लोग अपने घरों में पानी की व्यवस्था नहीं कर पाए तो वहीं उन्हें उमसभरी गर्मी में परेशान होना पड़ा।
बताया जाता है कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि एक एक्सईएन से सूचना मिलने के बाद भी दूसरे ने उस सूचना का प्रचार-प्रसार लोगों में नहीं किया। जिससे एक तिहाई शहर की करीब सवा लाख आबादी को बिजली की अघोषित कटौती से साढ़े पांच घंटे तक परेशान होना पड़ा।
पावर कॉरपोरेशन के लौव्वाटेपरा में निर्माणाधीन 400 केवी बिजलीघर से 220 केवी लाइन का तार जेल रोड पर बने पावर ट्रांसमिशन डिवीजन के 220 केवी बिजलीघर पर लाया जा रहा है।
मंगलवार को इसी 220 केवी लाइन का तार एक टावर से दूसरे टावर तक खींचने के लिए ट्रांसमिशन डिवीजन (पारेषण खंड विभाग) के अधिकारियों ने इसका शटडाउन जिले में तैनात डिस्ट्रीब्यूशन डिवीजन के लोगों से पांच घंटे के लिए पहले से ले रखा था।
लेकिन इसकी कोई पूर्व सूचना डिस्ट्रीब्यूशन डिवीजन के लोगों ने तो प्रचार-प्रसार के माध्यम से आम जनता को दी और न ही जिलास्तरीय अधिकारियों को इसके बारे में आगाह किया।
जिससे मंगलवार की सुबह 10 बजते ही कलेक्ट्रेट सहित पूरे सिविल लाइन, बड़गांव और झंझरी बिजलीघरों की बिजली 220 केवी कंट्रोलरूम से काट दी गई, जो मंगलवार की दोपहर बाद साढ़े तीन बजे बहाल हुई, जिससे साढ़े पांच घंटे तक एक तिहाई शहर में रहने वाली करीब सवा लाख आबादी की बिजली पूरे दिन कटी रही और लोगों को दिक्क्तें हुईं।
इसे लेकर शहरवासियों में पॉवर कारपोरेशन अधिकारियों के खिलाफ आक्रोश है। व्यापारी नेता आदित्यपाल का कहना है कि अगर इस कटौती की सूचना लोगों को पहले से मिल जाती तो वह अपने इंतजाम पहले से मुकम्मल कर लेते।
मंगलवार की सुबह 10 बजते ही जैसे ही शहर की एक तिहाई आबादी की बिजली गुल हुई, वैसे ही इलाकाई लोगों के फोन स्थानीय जेई व एई के मोबाइलों पर घनघनाने शुरू हो गए। लेकिन कटौती का पता न तो जेई को था और न ही एई को।
खैर कुछ देर बाद जब उन्होंने अपने स्तर से कटौती की जानकारी की तो पता चला कि बिजली ट्रांसमिशन डिवीजन के शटडाउन लेने के चलते काटी गई है, जो दोपहर बाद तीन बजे बहाल हो पाएगी।
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बताया जाता है कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि एक एक्सईएन से सूचना मिलने के बाद भी दूसरे ने उस सूचना का प्रचार-प्रसार लोगों में नहीं किया। जिससे एक तिहाई शहर की करीब सवा लाख आबादी को बिजली की अघोषित कटौती से साढ़े पांच घंटे तक परेशान होना पड़ा।
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पावर कॉरपोरेशन के लौव्वाटेपरा में निर्माणाधीन 400 केवी बिजलीघर से 220 केवी लाइन का तार जेल रोड पर बने पावर ट्रांसमिशन डिवीजन के 220 केवी बिजलीघर पर लाया जा रहा है।
मंगलवार को इसी 220 केवी लाइन का तार एक टावर से दूसरे टावर तक खींचने के लिए ट्रांसमिशन डिवीजन (पारेषण खंड विभाग) के अधिकारियों ने इसका शटडाउन जिले में तैनात डिस्ट्रीब्यूशन डिवीजन के लोगों से पांच घंटे के लिए पहले से ले रखा था।
लेकिन इसकी कोई पूर्व सूचना डिस्ट्रीब्यूशन डिवीजन के लोगों ने तो प्रचार-प्रसार के माध्यम से आम जनता को दी और न ही जिलास्तरीय अधिकारियों को इसके बारे में आगाह किया।
जिससे मंगलवार की सुबह 10 बजते ही कलेक्ट्रेट सहित पूरे सिविल लाइन, बड़गांव और झंझरी बिजलीघरों की बिजली 220 केवी कंट्रोलरूम से काट दी गई, जो मंगलवार की दोपहर बाद साढ़े तीन बजे बहाल हुई, जिससे साढ़े पांच घंटे तक एक तिहाई शहर में रहने वाली करीब सवा लाख आबादी की बिजली पूरे दिन कटी रही और लोगों को दिक्क्तें हुईं।
इसे लेकर शहरवासियों में पॉवर कारपोरेशन अधिकारियों के खिलाफ आक्रोश है। व्यापारी नेता आदित्यपाल का कहना है कि अगर इस कटौती की सूचना लोगों को पहले से मिल जाती तो वह अपने इंतजाम पहले से मुकम्मल कर लेते।
मंगलवार की सुबह 10 बजते ही जैसे ही शहर की एक तिहाई आबादी की बिजली गुल हुई, वैसे ही इलाकाई लोगों के फोन स्थानीय जेई व एई के मोबाइलों पर घनघनाने शुरू हो गए। लेकिन कटौती का पता न तो जेई को था और न ही एई को।
खैर कुछ देर बाद जब उन्होंने अपने स्तर से कटौती की जानकारी की तो पता चला कि बिजली ट्रांसमिशन डिवीजन के शटडाउन लेने के चलते काटी गई है, जो दोपहर बाद तीन बजे बहाल हो पाएगी।
मुख्य अभियंता, देवीपाटन जोन हर्ष मुंशी का कहना है कि बिजली का शटडाउन चाहे ड्रिस्ट्रीब्यूशन डिवीजन ले या फिर ट्रांसमिशन, दोनों के एक्सईएन की जिम्मेदारी बनती है कि वह इसकी सूचना पब्लिक में पहले करा दें। ताकि लोग अपनी तैयारी पहले से मुकम्मल कर लें। मंगलवार को किसकी गलती से लोगों को साढ़े पांच घंटे तक अघोषित कटौती से जूझना पड़ा। इसका वह अपने स्तर से पता लगा रहे हैं।
