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सरकारी ऑफिसों के काटे कनेक्शन
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Wed, 16 Mar 2016 12:40 AM IST
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बिजली
- फोटो : अमर उजाला
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पावर कारपोरेशन ने बकाया बिल केचलते मंगलवार को सरकारी ऑफिसों और आवासों की सप्लाई काटने का अभियान शुरू कर दिया। पीएसी और बीएसएनएल सहित कई विभागों के बिजली कनेक्शन काट दिए गए।
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इनके साथ ही कई विभागों के कनेक्शन काटने को अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है। इसकेलिए संबंधित विभागों के विभागाध्यक्षों से शासन के आदेश की प्रति दिखाकर कनेक्शन काटने की अनुमति मांगी गई है।
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बिजली बिल बकाया होने पर पावर कारपोरेशन उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटता रहा है। पांच हजार रुपये या दो महीने का बिल बकाया होने पर ही कनेक्शन काट दिया जाता है। सरकारी उपभोक्ताओं पर करोड़ों रुपये का बिल बकाया है।
मंगलवार से कारपोरेशन अफसरों ने ऐसे सरकारी विभागों के कनेक्शन काटने की शुरुआत की, जिन पर डेढ़ करोड़ या इससे ज्यादा का बिल बकाया है। एसडीओ एसजी सक्सेना ने बताया कि शास्त्रीनगर स्थित पीडब्ल्यूडी आफिस के बिजली कनेक्शन, आरडीसी, गोविंदपुरम और चिरंजीव विहार के बीएसएनएल टेलीफोन एक्सचेंज के कनेक्शन और संजय स्थित पीएसी ऑफिसों के कनेक्शन काट दिए गए।
इनके अलावा संयुक्त जिला अस्पताल, कलक्ट्रेट, एसएसपी आफिस और कचहरी परिसर पर भी डेढ़ से दो करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। सभी विभाग आवश्यक सेवा वाले हैं। इनके कनेक्शन काटने के लिए संबंधित विभागों से अनुमति मांगी गई है। अनुमति के लिए दिए गए आवेदन केसाथ ही शासन का कनेक्शन काटने का आदेश भी लगाया गया है।
सरकारी विभागों के कनेक्शन काटने के शासन के आदेश हैं। इनके आधार पर कुछ विभागों के कनेक्शन मंगलवार को काटे गए। शाम को उक्त विभागाध्यक्षों केबिल जमा कराने को एक सप्ताह का समय मांगने पर सप्लाई शुरू करा दी गई। कचहरी, कलक्ट्रेट, एसएसपी आफिस और स्वास्थ्य विभाग को नोटिस जारी कर कनेक्शन काटने की अनुमति मांगी गई है, जिससे वह वैकल्पिक सप्लाई की व्यवस्था कर लें। यदि सभी विभागों से एक सप्ताह में बकाया नहीं मिल जाता है तो इनके कनेक्शन पीडी कर दिए जाएंगे।
- मनीष गुप्ता, एक्सईएन
एक बिजली अधिकारी टेलीफोन का बिल निकलवाने आए थे। सिस्टम खराब होने के चलते बिल नहीं निकल सका। इससे नाराज होकर सप्लाई कटवा दी। बिल हर बार अप्रैल में जमा कराया जाता है। यह मनमानी है, इसकेखिलाफ चीफ इंजीनियर से मुलाकात की जाएगी।
- कर्मवीर नागर, प्रवक्ता बीएसएनएल।