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Aligarh News: बेटियों ने निभाया पुत्र धर्म, पिता को दी मुखाग्नि
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Tue, 16 Jun 2026 02:38 AM IST
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पिता की अर्थी ले जातीं बेटियां। संवाद
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अलीगढ़ की केवल विहार कॉलोनी में बेटियों ने पुत्र धर्म निभाते हुए समाज के सामने एक नई मिसाल कायम की है। दिवंगत चंद्र दत्त की चारों बेटियों ने उनके निधन के बाद कंधा देकर अंतिम विदाई दी, उसके बाद बड़ी बेटी ने पिता को मुखाग्नि दी।
चंद्र दत्त का कोई पुत्र नहीं था, लेकिन उन्होंने अपनी बेटियों नीरज रानी, रेनू, रूबी और मोनिका को पुत्रों के समान शिक्षा व संस्कार दिए। बेटियों ने भी जीवनभर अपने पिता की सेवा की और हर परिस्थिति में उनका साथ निभाया।
पिता के निधन के बाद सबसे बड़ी बेटी नीरज रानी ने सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ते हुए मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा के दौरान चारों बेटियों ने मिलकर पिता की अर्थी को कंधा दिया। उनके दामादों ने भी इसमें पूरा सहयोग किया। नीरज रानी हैंड्स फॉर हेल्प सामाजिक संस्था की सदस्य हैं और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहती हैं।
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चंद्र दत्त का कोई पुत्र नहीं था, लेकिन उन्होंने अपनी बेटियों नीरज रानी, रेनू, रूबी और मोनिका को पुत्रों के समान शिक्षा व संस्कार दिए। बेटियों ने भी जीवनभर अपने पिता की सेवा की और हर परिस्थिति में उनका साथ निभाया।
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पिता के निधन के बाद सबसे बड़ी बेटी नीरज रानी ने सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ते हुए मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा के दौरान चारों बेटियों ने मिलकर पिता की अर्थी को कंधा दिया। उनके दामादों ने भी इसमें पूरा सहयोग किया। नीरज रानी हैंड्स फॉर हेल्प सामाजिक संस्था की सदस्य हैं और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहती हैं।