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Agra News: सड़क पर फेंका मेडिकल कचरा, अस्पताल पर 25 हजार जुर्माना
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आगरा। सड़क पर मेडिकल कचरा फेंककर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले अस्पताल पर नगर निगम ने 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। टास्क फोर्स ने मारुति एस्टेट, चांदनी बाग स्थित एसपी हॉस्पिटल पर यह कार्रवाई की और दोबारा ऐसा न करने की हिदायत भी दी।
शिकायत मिलने पर नगर आयुक्त ने एसएफआई प्रदीप गौतम के नेतृत्व में टास्क फोर्स को मौके पर भेजा। जांच में पाया गया कि अस्पताल से निकलने वाला मेडिकल कचरा फुटपाथ पर डाला जा रहा था। इससे संक्रमण फैलने और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका थी। अस्पताल प्रबंधन पर तुरंत जुर्माना लगाया गया।
यह कहता है नियम
बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2016 के अनुसार अस्पतालों, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब, क्लीनिक और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को चिकित्सा अपशिष्ट का पृथक संग्रहण, सुरक्षित भंडारण और अधिकृत एजेंसी के माध्यम से वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कराना अनिवार्य है। नियमों के तहत मेडिकल कचरा (बायोमेडिकल वेस्ट) को निर्धारित रंग के बैग एवं कंटेनरों में अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार रखा जाता है। इसे सामान्य कूड़े के साथ मिलाना या सार्वजनिक स्थानों पर फेंकना प्रतिबंधित है। इसके अनुचित निस्तारण से हेपेटाइटिस-बी, सी, टिटनेस सहित कई संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा रहता है। इसके अलावा पशुओं और कचरा बीनने वालों के लिए भी यह गंभीर जोखिम पैदा करता है।
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भविष्य में होगी कठोर कार्रवाई
सभी अस्पतालों, नर्सिंग होम और स्वास्थ्य संस्थानों को निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। भविष्य में कोई संस्था बायोमेडिकल वेस्ट का अनुचित निस्तारण करती पाई गई तो उसके खिलाफ और अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी। - संतोष कुमार वैश्य, नगर आयुक्त
शिकायत मिलने पर नगर आयुक्त ने एसएफआई प्रदीप गौतम के नेतृत्व में टास्क फोर्स को मौके पर भेजा। जांच में पाया गया कि अस्पताल से निकलने वाला मेडिकल कचरा फुटपाथ पर डाला जा रहा था। इससे संक्रमण फैलने और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका थी। अस्पताल प्रबंधन पर तुरंत जुर्माना लगाया गया।
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यह कहता है नियम
बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2016 के अनुसार अस्पतालों, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब, क्लीनिक और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को चिकित्सा अपशिष्ट का पृथक संग्रहण, सुरक्षित भंडारण और अधिकृत एजेंसी के माध्यम से वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कराना अनिवार्य है। नियमों के तहत मेडिकल कचरा (बायोमेडिकल वेस्ट) को निर्धारित रंग के बैग एवं कंटेनरों में अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार रखा जाता है। इसे सामान्य कूड़े के साथ मिलाना या सार्वजनिक स्थानों पर फेंकना प्रतिबंधित है। इसके अनुचित निस्तारण से हेपेटाइटिस-बी, सी, टिटनेस सहित कई संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा रहता है। इसके अलावा पशुओं और कचरा बीनने वालों के लिए भी यह गंभीर जोखिम पैदा करता है।
भविष्य में होगी कठोर कार्रवाई
सभी अस्पतालों, नर्सिंग होम और स्वास्थ्य संस्थानों को निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। भविष्य में कोई संस्था बायोमेडिकल वेस्ट का अनुचित निस्तारण करती पाई गई तो उसके खिलाफ और अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी। - संतोष कुमार वैश्य, नगर आयुक्त