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आगरा: रोडवेज के रंग में दौड़ रहीं फर्जी बसें, परिवहन निगम ने आरटीओ को सौंपी सूची

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 09 Jan 2021 03:27 PM IST
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Fake buses running in the color of roadways in agra
ईदगाह बस अड्डे के पास खड़ी मध्य प्रदेश परिवहन लिखी बस - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश परिवहन निगम के रंग में रंगी बसों का संचालन किया जा रहा है। ईदगाह, बिजलीघर और आईएसबीटी बस अड्डे के आसपास से ये बसें संचालित हो रही हैं। परिवहन निगम ऐसी 45 फर्जी बसों की सूची भी आरटीओ को सौंप चुका है, लेकिन आरटीओ की टीमें ऐसी बसों पर कार्रवाई नहीं कर रही हैं।

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मध्य प्रदेश परिवहन निगम की सफेद व नीले रंग की पट्टी वाली बसें ईदगाह से रोजाना ग्वालियर, झांसी, भरतपुर, धौलपुर तक चलाई जा रही हैं। इन बसों पर मध्य प्रदेश परिवहन लिखा होता है। यात्री रोडवेज बस समझकर सवार हो जाते हैं। 
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इसी तरह हरियाणा की बसों पर हरियाणा रोडवेज लिखकर आईएसबीटी से चलाया जा रहा है। ये बसें पहले पलवल तक संचालित थीं, अब मथुरा, कोसी तक चल रही हैं। ईदगाह और बिजलीघर से भी हरियाणा और मध्य प्रदेश निगम की फर्जी बसें चल रही हैं।

- 10 ईदगाह से धौलपुर व भरतपुर रूट 
- 12 ईदगाह से ग्वालियर मुरैना और भिंड
- 08 बिजलीघर चौराहे से राजाखेड़ा, भरतपुर
- 15 आईएसबीटी से दिल्ली, पलवल और मथुरा

ये बस स्टैंड तक नहीं जातीं
ये फर्जी बसें बस स्टैंडों तक नहीं पहुंचती हैं। मथुरा जाने वाली बसें गोवर्धन चौराहे पर सवारियां उतार देती हैं। कमला नगर के यात्री अजय ने बताया कि इन बसों के परिचालक हाईवे पर ही सवारियों को उतारकर भाग जाते हैं, बस स्टैंड तक नहीं जाते हैं। 

बीच रास्ते में कहीं भी उतार जाते हैं
लोहामंडी के धर्मवीर ने बताया कि वह एमपी रोडवेज की बस लिखा देखकर बस में सवार हुए थे। ग्वालियर जाना था मगर भिंड के पास चेकिंग देखकर सवारियों को उतार दिया। पता लगा की यह प्राइवेट बस है।

प्राइवेट बस वाले बच्चों को सीट नहीं देते
कमलानगर के सौरभ ने बताया कि प्राइवेट बसों के चालक, परिचालक किसी भी जगह से सवारी बैठा लेते हैं। बसों में बच्चों को आधा टिकट लेने के बाद भी सीट नहीं देते हैं। 

हादसा होने पर नहीं मिलता मुआवजा
एआरटीओ सुधीर कुमार ने बताया कि फर्जी रंग में दौड़ रहीं इन बसों में ज्यादातर पर परमिट भी नहीं है। ऐसे में इन बसों से किसी तरह का हादसा होने पर सवारियों को मुआवजा भी नहीं मिलता है।

आरटीओ को सौंपी है सूची: आरएम
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार पुंढीर ने बताया कि दूसरे प्रदेशों के रोडवेज के रंग में रंगी 45 बसों को चिह्नित किया गया है। इनकी सूची आरटीओ को सौंपी है। हमने भी कार्रवाई के लिए एआरएम की ड्यूटी लगाई है।

हमें नहीं मिली कोई सूची: आरटीओ
आरटीओ (प्रवर्तन) अनिल कुमार ने कहा कि इस तरह की बसें कई बार चेकिंग में पकड़ी हैं, लेकिन रोडवेज से हमें कोई सूची नहीं मिली है। संयुक्त चेकिंग में हम ऐसी बसों को पकड़कर कार्रवाई करेंगे।

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