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Apple Fined: एपल पर फिर लगा करोड़ों रुपये का जुर्माना, पहले आईफोन के साथ चार्जर नहीं देना पड़ा था भारी

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विशाल मैथिल Updated Thu, 05 Jan 2023 02:10 PM IST
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सार

Apple Fined: CNIL का कहना है कि iPhones के सेटिंग्स आइकन में उपलब्ध एडवरटाइजिंग टारगेटिंग सेटिंग्स को डिफॉल्ट रूप से पूर्व-जांच किया गया था, हालांकि डिवाइस के फंक्शनिंग के लिए यह बदलाव अनिवार्य नहीं है।

Apple Fined EUR 8 Million by French Privacy Watchdog CNIL Over Personalised App Store Ads
Apple - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

अमेरिकी स्मार्टफोन कंपनी एपल पर एक बार फिर करोड़ों रुपये का जुर्माना लगाया गया है। एपल पर अपने एप स्टोर का गलत तरीके से इस्तेमाल करने को लेकर फ्रांस की यूजर प्राइवेसी संस्था CNIL ने 8 मिलियन यूरो यानी करीब 70 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। CNIL (सीएनआईएल ) का कहना है कि एपल ने अपने एप स्टोर से यूजर को पर्सनलाइज्ड एडवर्टाइजमेंट के जरिए टारगेट किया है। बता दें कि हाल ही में एपल पर जापान में आईफोन की बल्क बिक्री को लेकर 10.5 करोड़ डॉलर ( करीब 870 करोड़ रुपये) का अतिरिक्त टैक्स लगाया गया है और ब्राजील में भी चार्जर न देने पर कंपनी को कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। 

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70 करोड़ रुपये के जुर्माने के बाद कंपनी ने प्राइवेसी निगरानी संस्था के फैसले पर नाराजगी जाहिर की है और इसके खिलाफ अपील करने की बात कही है। सीएनआईएल ने एक बयान में कहा, "आईफोन के सेटिंग्स आइकन में उपलब्ध एडवरटाइजिंग टारगेटिंग सेटिंग्स को डिफॉल्ट रूप से पूर्व-जांच किया गया था, हालांकि डिवाइस के फंक्शनिंग के लिए यह बदलाव अनिवार्य नहीं है।
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सीएनआईएल का कहना है कि इस सेटिंग में बदलाव करके कंपनी यूजर की मर्जी के बिना उनके आईफोन में कुछ एप इंस्टॉल कर देता था और पर्सनलाइज्ड एडवरटाइजमेंट के जरिए इसे टारगेट किया जाता था। बता दें कि यह मामला 2021 का है और आईओएस ऑपरेटिंग सॉफ्टवेयर के पुराने वर्जन से संबंधित है, जिसमें यूजर्स द्वारा की गई शिकायत के आधार पर यह फाइन लगाया गया है।

कंपनी ने प्राइवेसी निगरानी संस्था के फैसले पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसके खिलाफ अपील करने की बात कही है। एपल ने सफाई देते हुए कहा, "एपल सर्च विज्ञापन किसी भी अन्य डिजिटल विज्ञापन प्लेटफॉर्म से ऊपर है, जिसके बारे में हम यूजर्स को स्पष्ट तौर पर विकल्प प्रदान करते हैं कि वे पर्सनलाइज्ड एडवरटाइजमेंट पसंद करेंगे या नहीं। एप ट्रैकिंग ट्रांसपेरेंसी कहे जाने वाले एपल के प्राइवेसी अपडेट, यूजर्स को अन्य कंपनियों के स्वामित्व वाले एप और वेबसाइटों पर ट्रैकिंग गतिविधि से एप को ब्लॉक करने का विकल्प देते हैं।"

आईफोन के साथ चार्जर न देने पर लगा जुर्माना

आईफोन के साथ बॉक्स में चार्जर न देने के कारण एपल पर कई बार कार्रवाई हो चुकी है। हाल ही में ब्राजील की सरकार ने एपल के कई स्टोर पर iPhones को सीज किया था। इस कार्रवाई को Operation Discharge नाम दिया गया था। यह कार्रवाई एपल के सभी ऑथराइज स्टोर पर हुई थी। आपको याद दिला दें कि एपल ने iPhone 12 series के साथ चार्जर देना बंद कर दिया है और तमाम बवाल के बाद आईफोन 14 सीरीज को भी बिना चार्जर ही लॉन्च किया गया है।  

जापान में बल्क बिक्री पर फंसी एपल

एपल पर जापान में आईफोन की बल्क बिक्री को लेकर 10.5 करोड़ डॉलर ( करीब 870 करोड़ रुपये) का अतिरिक्त टैक्स लगाया गया है। एपल पर आरोप है कि कंपनी ने विदेशी पर्यटकों को आईफोन और अन्य डिवाइस की बल्क में ड्यूटी-फ्री बिक्री की है। टोक्यो रीजनल टैक्सेशन ब्यूरो का कहना था कि कंपनी ने पिछले दो वर्षों में 104.16 करोड़ डॉलर की बिक्री की है, जिसका टैक्स नहीं चुकाया गया है। कंपनी पर बिक्री की जानकारी छिपाने के लिए 10.5 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त टैक्स लगाया गया है।

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