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ट्राई की सलाह, ग्रामीणों को मिले कुछ डाटा मुफ्त
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 21 Dec 2016 11:56 AM IST
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TRAI
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भारत के दूरसंचार नियामक ट्राई ने सलाह दी है कि ग्रामीण ग्राहकों को हर महीने कुछ डेटा मुफ्त उपलब्ध कराया जाए ताकि देश में डिजिटल या कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा दिया जा सके। ट्राई ने इसके लिए सार्वभौम सेवा दायित्व कोष (यूएसओएफ) से आर्थिक सहायाता देने की बात भी कही है।
यूएसओएफ के तहत सरकार टेलिकॉम सर्विस कंपनियों से कुछ रकम सेस के तौर पर लेती है। इस सेस से जुटाई रकम का देश के ग्रामीण व दूरदराज के इलाकों में दूरसंचार बुनियादी ढांचा स्थापित करने के लिए इस्तेमाल होता है।
ट्राई ने कहा है, "ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए वहनीयता के अंतर को पाटने के लिए और नकदी रहित अर्थव्यवस्था की ओर कदम बढाने के सरकार के फैसले का समर्थन करने के लिए यह प्राधिकार एक ऐसी योजना की सिफारिश करता है जिसमें ग्रामीण दूरसंचार ग्राहकों को हर महीने एक निश्चित मात्रा जैसे कि 100 एमबी डेटा नि:शुल्क दिया जाए।"
हालांकि ट्राई ने यह भी सुनिश्चित करने का सुझाव दिया है कि टेलिकॉम कंपनियां इसकी आड़ में कोई ‘भेदभाव’ नहीं करने लगें। यानी वे नि:शुल्क मोबाइल इंटरनेट सेवा संबंधी उसके नियमों का उल्लंघन नहीं करें।
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यूएसओएफ के तहत सरकार टेलिकॉम सर्विस कंपनियों से कुछ रकम सेस के तौर पर लेती है। इस सेस से जुटाई रकम का देश के ग्रामीण व दूरदराज के इलाकों में दूरसंचार बुनियादी ढांचा स्थापित करने के लिए इस्तेमाल होता है।
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ट्राई ने कहा है, "ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए वहनीयता के अंतर को पाटने के लिए और नकदी रहित अर्थव्यवस्था की ओर कदम बढाने के सरकार के फैसले का समर्थन करने के लिए यह प्राधिकार एक ऐसी योजना की सिफारिश करता है जिसमें ग्रामीण दूरसंचार ग्राहकों को हर महीने एक निश्चित मात्रा जैसे कि 100 एमबी डेटा नि:शुल्क दिया जाए।"
हालांकि ट्राई ने यह भी सुनिश्चित करने का सुझाव दिया है कि टेलिकॉम कंपनियां इसकी आड़ में कोई ‘भेदभाव’ नहीं करने लगें। यानी वे नि:शुल्क मोबाइल इंटरनेट सेवा संबंधी उसके नियमों का उल्लंघन नहीं करें।