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Telegram का विवादों से पुराना नाता: 9 देशों में बैन, आखिर क्यों इस एप से परेशान हैं सरकारें?

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीे Published by: Suyash Pandey Updated Tue, 16 Jun 2026 12:18 PM IST
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सार
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Telegram Controversies: नीट (यूजी) 2026 पुनर्परीक्षा होने तक केंद्र सरकार ने टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। सरकार और NTA का कहना है कि कुछ टेलीग्राम चैनलों के जरिए फर्जी पेपर लीक दावे, अफवाहें और साइबर ठगी फैलाई जा रही थीं, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती थी। टेलीग्राम को कई देशों में प्रतिबंध का सामना करना पड़ा है। आइए जानते हैं क्यों यह मैसेजिंग एप अक्सर विवादों में घिरा रहता है।

Telegram Banned in India Till June 22 Ahead of NEET 2026 Re-Exam
नीट रि-एग्जाम तक टेलिग्राम एप पर रोक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

केंद्र सरकार ने भारत में मैसेजिंग प्लेटफार्म Telegram को अस्थाई तौर पर बैन करने का फैसला किया है। यह फैसला नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (अंडरग्रेजुएट) यानी NEET (UG) 2026 की पुनर्परीक्षा को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए किया गया है।



इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने निर्देश जारी करते हुए Telegram की सेवाओं को 22 जून 2026 तक बंद रखने को कहा है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे परीक्षा से जुड़ी अफवाहों, फर्जी पेपर लीक दावों और गलत सूचनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

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बैन के पीछे क्या है NEET से जुड़ा मामला

  • एनटीए के मुताबिक, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी), राज्य पुलिस बलों और अन्य एजेंसियों द्वारा की गई जांच और निगरानी से पता चला है कि कई टेलीग्राम चैनलों, समूहों और बॉट्स का उपयोग एनईटी-यूजी पुनर्परीक्षा पेपर तक पहुंच के संबंध में फर्जी दावे फैलाने के लिए किया जा रहा था।
  • NEET एग्जाम कंडक्ट कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अनुसार, टेलीग्राम पर कई संगठित गिरोह सक्रिय थे जो छात्रों और उनके अभिभावकों से फर्जी पेपर के बदले हजारों से लाखों रुपये की मांग कर रहे थे।
  • सोशल मीडिया और टेलीग्राम पर "PAPER LEAKED DETT", "Re-NEET 2026" और "Private Mafia" जैसे नामों से फर्जी चैनल बनाकर परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक होने की अफवाहें फैलाई जा रही थीं।
  • सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने पहले कई संदिग्ध चैनलों और बॉट्स को बंद किया था, लेकिन समस्या न थमने के कारण सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69(A) के तहत एप को ही अस्थायी रूप से ब्लॉक करना का फैसला लिया गया।
  • सरकारी आदेश के तहत भारत में टेलीग्राम के उपयोग पर 22 जून तक अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। 21 जून को होने वाली NEET (UG) 2026 री-एग्जाम के बाद प्रतिबंध को हटाया जाएगा।  


 

 

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30 जून तक बंद रहेगा Edit फीचर

सरकार ने टेलीग्राम को निर्देश दिया है कि भारत में 30 जून 2026 तक पुराने मैसेज को एडिट करने का फीचर बंद रखा जाए। साइबर अपराधी और जालसाज परीक्षा खत्म होने के बाद पुराने संदेशों को एडिट करके उसमें असली प्रश्नपत्र डाल देते थे। इससे वे ओरिजिनल टाइमस्टैम्प (समय) का फायदा उठाकर यह झूठा सबूत पेश करते थे कि पेपर परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था।

Telegram ही क्यों बना निशाना?


पेपर लीक, साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी के मामलों में Telegram का नाम अक्सर सामने आता है। इसके पीछे कई तकनीकी कारण हैं:

1. अकाउंट बनाना आसान

Telegram पर अकाउंट बनाना काफी आसान है। कई देशों में वर्चुअल या अस्थायी मोबाइल नंबर उपलब्ध होते हैं, जिनकी मदद से आसानी से नए अकाउंट बनाए जा सकते हैं।

2. बड़े ग्रुप और चैनल

Telegram पर हजारों लोगों वाले ग्रुप और चैनल बनाए जा सकते हैं। इससे एक ही समय में बड़ी संख्या में लोगों तक जानकारी या भ्रामक संदेश पहुंचाना आसान हो जाता है।

3. बॉट्स और ऑटोमेशन

Telegram में बॉट्स और ऑटोमेशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। साइबर ठग इनका इस्तेमाल ऑटोमैटिक मैसेज भेजने, जवाब देने और बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचने के लिए करते हैं।

4. मैसेज एडिट करने की सुविधा

Telegram का Edit फीचर पुराने संदेशों में बदलाव की अनुमति देता है। इसी सुविधा का गलत इस्तेमाल कर कुछ लोग परीक्षा के बाद नकली पेपर लीक के दावे तैयार करते थे।

Telegram एप क्या है और किन देशों में रोक?

टेलीग्राम क्लाउड-आधारित इंस्टेंट मैसेजिंग एप है। इसे रूस के पावेल और निकोलाई डुरोव ने बनाया था। इसका मुख्यालय वर्तमान में दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद है। इस एप पर सुरक्षा, सामग्री और सरकारी नियमों के पालन न करने जैसे कारणों से कई देशों में आंशिक या पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है:


किन देशों में रोक है?

  • चीन: सरकार विरोधी गतिविधियों और आलोचनाओं के कारण जुलाई 2015 से बैन है।
  • क्यूबा: सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान सूचनाओं को फैलने से रोकने के लिए जुलाई 2021 से बैन है।
  • ईरान: शुरुआत में कई बार पाबंदियां लगाने और हटाने के बाद, आखिरकार 1 मई 2018 को इसे पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया गया।
  • नेपाल: फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी चिंताओं के कारण 18 जुलाई 2025 को इस एप को बैन किया गया है।
  • पाकिस्तान: पाकिस्तान के टेलिकॉम अथॉरिटी (PTA) के निर्देशों के बाद नवंबर 2017 से इसे पूरी तरह से ब्लॉक किया गया है।
  • सोमालिया: गलत सूचना, अश्लील सामग्री और आतंकी समूहों के जरिए इसके इस्तेमाल की वजह से अगस्त 2023 से बैन है।
  • थाईलैंड: थाईलैंड में 2020-21 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों के जरिए इसका इस्तेमाल किए जाने के कारण अक्तूबर 2020 में इसे ब्लॉक करने के आदेश दिए गए।
  • वियतनाम: अवैध और दुर्भावनापूर्ण कंटेंट को न हटाने के कारण 21 मई 2025 से इस एप के ऑपरेशंस पर रोक लगा दी गई है।
  • रूस: फरवरी 2026 में एप की स्पीड धीमी करने के बाद, अप्रैल 2026 की शुरुआत से रूसी सरकार ने टेलीग्राम को फिर से लगभग पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है। 


वे देश जहां पहले बैन था या आंशिक प्रतिबंध लागू हैं

इन देशों में आम जनता के लिए टेलीग्राम पूरी तरह से बैन नहीं है, लेकिन या तो यहां अतीत में कुछ समय के लिए बैन लगा था या फिर यहां कुछ खास तरह के नियम और शर्तें लागू हैं।
  • ब्राजील: फेक न्यूज और नियो-नाजी गतिविधियों की जांच में सहयोग न करने पर 2022 और 2023 में इसे कुछ दिनों के लिए सस्पेंड किया गया था, लेकिन बाद में जुर्माना लगाकर बैन हटा लिया गया।
  • केन्या: केन्या सरकार ने नवंबर 2023 और फिर नवंबर 2024 में राष्ट्रीय परीक्षाओं के दौरान पेपर लीक और नकल रोकने के लिए टेलीग्राम को कुछ हफ्तों के लिए अस्थायी रूप से ब्लॉक किया था।
  • फ्रांस: डेटा सुरक्षा के लिहाज से नवंबर 2023 से सभी सरकारी मंत्रियों और कर्मचारियों के लिए इसके इस्तेमाल पर बैन है।
  • जर्मनी और चेक गणराज्य: यहां पूरी तरह से बैन नहीं है, लेकिन हेट स्पीच या रूसी प्रोपेगेंडा फैलाने वाले कई खास टेलीग्राम चैनलों को ब्लॉक किया गया है।
  • अजरबैजान: 2020 में युद्ध के दौरान कुछ समय के लिए बैन किया गया था, जो बाद में हटा लिया गया।
  • इनके अलावा हांगकांग, बेलारूस, इंडोनेशिया, इराक, नॉर्वे, पोलैंड, रूस, स्पेन और यूक्रेन भी इस लिस्ट में शामिल हैं, जहां समय-समय पर कुछ विशेष चैनलों को ब्लॉक करने, सरकारी कर्मचारियों पर रोक लगाने या कुछ दिनों के अस्थायी बैन जैसी कार्रवाइयां की गई हैं।


Telegram कई देशों में बैन या प्रतिबंधित क्यों है? 

मशहूर मैसेजिंग एप टेलीग्राम अपनी बेहतरीन सुविधाओं के लिए जाना जाता है, लेकिन दुनिया के कई देशों में इसे बैन किया गया है या इस पर कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं। इसके पीछे मुख्य कारण राष्ट्रीय सुरक्षा, एप की मजबूत प्राइवेसी और यूजर डेटा पर सरकार का कंट्रोल न होना है।

सरकारें अक्सर इस एप को इसलिए ब्लॉक करती हैं ताकि सरकार विरोधी प्रदर्शनों को रोका जा सके, ऑनलाइन स्कैम पर लगाम लगाई जा सके या फिर अपने स्थानीय नियमों का पालन करवाया जा सके।


किन खास वजहों से टेलीग्राम विवादों में रहता है?

1. यूजर का डेटा शेयर न करना

टेलीग्राम की सबसे बड़ी खासियत ही कई बार इसके लिए मुसीबत बन जाती है। यह एप प्राइवेट चैट्स को पूरी तरह सुरक्षित रखता है और सरकारों को यूजर का डेटा या एन्क्रिप्शन की देने से साफ मना कर देता है।
उदाहरण: रूस और ईरान जैसे देशों ने इस एप पर इसलिए कड़ी कार्रवाई की क्योंकि टेलीग्राम ने सुरक्षा एजेंसियों को जांच के लिए यूजर के चैट डेटा का एक्सेस नहीं दिया था।


2. विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक सेंसरशिप

जिन देशों में बोलने की आजादी पर कड़ी निगरानी होती है, वहां टेलीग्राम को अक्सर ब्लॉक कर दिया जाता है। दरअसल, यह एप कार्यकर्ताओं और विरोधियों के लिए एकजुट होने का एक बड़ा प्लेटफॉर्म बन जाता है।
उदाहरण: चीन ने अपने सख्त इंटरनेट नियमों के तहत इसे पूरी तरह बैन किया हुआ है। वहीं, ईरान ने इसे इसलिए बैन किया क्योंकि इस एप का इस्तेमाल देशभर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों की योजना बनाने के लिए किया जा रहा था।


3. गैरकानूनी गतिविधियां और पेपर लीक

टेलीग्राम पर बहुत बड़े-बड़े पब्लिक ग्रुप और चैनल बनाए जा सकते हैं, जिन पर कंपनी की निगरानी काफी कम होती है। इसका फायदा उठाकर कई लोग डिजिटल ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराध करते हैं।
उदाहरण: भारत में भी टेलीग्राम तब जांच के घेरे में आया था, जब इसका इस्तेमाल बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक करने और नकल कराने वाले गिरोहों के जरिए किया गया। इसे रोकने के लिए सरकार को एप के एक्सेस पर कुछ प्रतिबंध लगाने पड़े थे।


4. स्थानीय नियमों का उल्लंघन

कुछ देश इस एप को इसलिए भी बैन कर देते हैं क्योंकि टेलीग्राम वहां के टेलीकॉम विभाग या अथॉरिटी के पास खुद को रजिस्टर नहीं करता।
उदाहरण: नेपाल ने ऑनलाइन फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के बाद एप को कुछ समय के लिए ब्लॉक कर दिया था। यह बैन तब तक जारी रहा जब तक कि कंपनी ने वहां आधिकारिक तौर पर रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन नहीं किया।

Telegram एप से जुड़े खतरे पर क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ टेलीग्राम एप से जुड़े कई गंभीर खतरों को लेकर आगाह करते रहे हैं। इनमें नो-क्लिक (Zero-click) तकनीकी खामियां, ऑटोमैटिक डाउनलोड के जरिए मैलवेयर का खतरा और बड़े पैमाने पर डेटा चोरी शामिल हैं। टेलीग्राम की सुरक्षा और संबंधित खतरों को लेकर विशेषज्ञ मुख्य रूप से ये दावे और चेतावनियां देते हैं:

  • मैलवेयर और EvilVideo खामियां: ESET विशेषज्ञों ने टेलीग्राम में EvilVideo जैसी खामियों को उजागर किया है। इनका इस्तेमाल हैकर्स खतरनाक फाइलें भेजने के लिए करते हैं। यह फाइलें दिखने में 30 सेकंड के वीडियो जैसी होती हैं, लेकिन चैट खोलते ही ऑटोमैटिक डाउनलोड के कारण फोन में मालवेयर इंस्टॉल हो जाता है।
  • डेटा लीक और निजता का अभाव: विशेषज्ञों का मानना है कि टेलीग्राम डिफॉल्ट रूप से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड नहीं होता है, यह केवल सीक्रेट चैट में ही लागू होता है। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म पर डेटा लीक और बड़े पैमाने पर अकाउंट स्क्रैपिंग की घटनाएं भी सामने आई हैं।
  • वित्तीय धोखाधड़ी और घोटाले: टेलीग्राम पर क्रिप्टो स्कैम, फ़िशिंग और फर्जी बॉट्स के मामले बहुत तेजी से बढ़े हैं। साइबर अपराधियों के जरिए लोगों को लुभावने निवेश या कम कीमत पर ऑनलाइन कोर्स का झांसा देकर ठगा जाता है।
  • डार्क वेब और आपराधिक गतिविधियां: सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि टेलीग्राम की अत्यधिक गोपनीयता और आसान कंटेंट शेयरिंग फीचर्स अपराधियों (जैसे डार्क वेब ऑपरेटर्स) के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह बन गए हैं, क्योंकि मैसेज आसानी से ट्रेस नहीं होते।
  • बचाव के उपाय:सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, टेलीग्राम का सुरक्षित उपयोग करने के लिए हमेशा एप को अपडेटेड रखें, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू करें और ऑटोमैटिक डाउनलोड विकल्प को बंद कर दें।

NTA ने मांगी आम यूजर्स से माफी


NTA ने माना कि Telegram पर लगी रोक से लाखों लोग प्रभावित होंगे, जो पढ़ाई, नौकरी, बिजनेस और निजी बातचीत के लिए इस प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं। हालांकि एजेंसी का कहना है कि यह फैसला केवल परीक्षा अवधि तक सीमित है और छात्रों के हित में लिया गया है।

छात्रों के लिए NTA की सलाह

NTA ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत सूचना माध्यमों पर ही भरोसा करें। अगर कोई व्यक्ति पेपर दिलाने, परीक्षा में मदद कराने या किसी संदिग्ध ऑफर का दावा करता है, तो इसकी जानकारी तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर दें।

NEET री-एग्जाम में हुए ये बदलाव

NTA ने 12 जून को जारी नई गाइडलाइंस में कुछ बदलावों की घोषणा की है:

  • परीक्षा अवधि 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दी गई है
  • छात्रों को 4 अतिरिक्त रफ वर्क शीट उपलब्ध कराई जाएंगी
  • आंसर शीट में रफ वर्क के लिए अधिक जगह दी जाएगी
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