फीफा विश्वकप में विवाद: ईरानी खिलाड़ी मोहेबी पर बैन लगाने की मांग क्यों उठी? गोल के बाद इस तरह मनाया था जश्न
फीफा विश्वकप 2026 में ईरान और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला 2-2 से ड्रॉ रहा, लेकिन मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा ईरानी मिडफील्डर मोहम्मद मोहब्बी के गोल सेलिब्रेशन की हो रही है। मोहब्बी ने बराबरी का गोल करने के बाद 'बंदूक चलाने' जैसा इशारा किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कुछ प्रशंसकों ने उनके खिलाफ कार्रवाई और यहां तक कि प्रतिबंध की मांग भी कर डाली। वहीं मैच के दौरान ईरानी झंडों और राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों ने भी माहौल को गर्म बनाए रखा।
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विस्तार
गोल करने के बाद मोहेबी ने जश्न मनाते हुए बंदूक चलाने जैसा इशारा (गन सेलिब्रेशन) किया और फिर हाथ को न करने जैसा कुछ इशारा किया। हालांकि, फैंस इसे गन सेलिब्रेशन मानकर चल रहे हैं। यह नजारा कैमरों में कैद हो गया और कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद फुटबॉल फैंस के बीच इस सेलिब्रेशन को लेकर बहस शुरू हो गई।
मोहेबी के इस जश्न को लेकर कई प्रशंसकों ने नाराजगी जताई। कुछ लोगों ने तर्क दिया कि विश्व कप जैसे वैश्विक मंच पर इस तरह के इशारे गलत संदेश दे सकते हैं। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने फीफा से उनके खिलाफ कार्रवाई करने और यहां तक कि टूर्नामेंट से प्रतिबंधित करने की मांग भी की। हालांकि, मैच अधिकारियों या फीफा की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Iranian player Mohebi did a gun celebration on US soil 😭😭😭 pic.twitter.com/JkDJKDEjGa
— Nყƙιƚα (@NikitaRMFC) June 16, 2026
FIFA confiscated our sun & lion flags for “political” reasons, but this terrorist scum can make a gun gesture towards the crowd
— Throwback Iran (@Tarikh_Eran) June 16, 2026
Mohammad (fitting name) Mohebi must be banned from playing in this tournament pic.twitter.com/GE8y56UYw9
ईरान और न्यूजीलैंड के बीच यह मुकाबला सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रहा। मैच से पहले और दौरान राजनीतिक तनाव भी देखने को मिला। रिपोर्ट्स के मुताबिक, किक-ऑफ से पहले सैकड़ों प्रदर्शनकारी स्टेडियम के बाहर ईरानी सरकार के विरोध में एकत्र हुए। स्टेडियम के भीतर भी कई दर्शक ईरान के पूर्व-क्रांति वाले झंडे के साथ नजर आए। फीफा ने ऐसे झंडों के प्रदर्शन पर रोक लगाई थी, लेकिन इसके बावजूद कई प्रशंसक उन्हें बैनर, टी-शर्ट और झंडों के रूप में लेकर पहुंचे। इतना ही नहीं, मैच के बाद ईरान के कोच ने अमेरिका पर तुरंत उनके देश से बाहर जाने का आदेश देने के गंभीर आरोप भी लगाए।
सोफी स्टेडियम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। दर्शकों को प्रवेश से पहले मेटल डिटेक्टर और बैग जांच से गुजरना पड़ा। कुछ प्रशंसकों को अपने कपड़ों पर बने प्रतीकों को ढंकने या टी-शर्ट उल्टी पहनने के निर्देश भी दिए गए। इसके बावजूद स्टेडियम के अंदर कई स्थानों पर प्रतिबंधित झंडे दिखाई दिए। मैच से पहले राष्ट्रगान के दौरान भी कुछ ईरानी प्रशंसकों ने विरोध जताया, जबकि कुछ ने मैदान की ओर पीठ कर ली।
मैच की बात करें तो न्यूजीलैंड ने शुरुआती बढ़त बनाई थी, लेकिन ईरान ने शानदार वापसी करते हुए एक अंक हासिल किया। हालांकि मुकाबले के बाद चर्चा खिलाड़ियों के प्रदर्शन से ज्यादा मोहम्मद मोहब्बी के सेलिब्रेशन और स्टेडियम में दिखे राजनीतिक संदेशों की रही। अब देखना होगा कि फीफा इस विवादित जश्न को लेकर कोई कदम उठाता है या नहीं, लेकिन इतना तय है कि ईरान-न्यूजीलैंड मुकाबला विश्वकप 2026 के शुरुआती सबसे चर्चित मैचों में शामिल हो गया है।