बच्चो सौरमंडल में नौ ग्रह ही हैं, जी मास्टर जी
हिमाचल प्रदेश सरकार सूबे के बच्चों को स्कूली किताबों में गलत जानकारी दे रही है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के मुताबिक सोलर सिस्टम में अभी भी नौ प्लेनेट घूम रहे हैं।
बोर्ड की किताब में भारत के राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ की लाट की भी गलत तस्वीर छापी गई है। बोर्ड की नई छपी पाठ्य पुस्तकों में गलतियों की भरमार है।
चौथी की पर्यावरण शिक्षा की किताब में पेज 126 पर सोलर सिस्टम में अब भी प्लूटो को प्लेनेट बताया गया है। जबकि इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमी यूनियन 8 साल पहले प्लूटो से प्लेनेट का दर्जा छीन चुकी है।
लेकिन बोर्ड की किताबों में अब भी 8 नहीं 9 प्लेनेट हैं। किताब में अशोक स्तंभ में दी गई तीलियां अस्पष्ट हैं।
इसके नीचे दाईं ओर हाथी की आकृति है जबकि मूल लाट में बैल की तस्वीर है।
तेलंगाना का जिक्र भी नहीं
इसके अलावा तेलंगाना के अलग राज्य बनने के बाद भी पुस्तक के प्रथम अध्याय में कोई उल्लख नहीं है और न ही मानचित्र में इसे दर्शाया गया है।
किताब के पेज 49 पर मैगनीज प्रोडक्शन में दुनिया में भारत का दूसरा स्थान बताया है, जबकि भारत सातवें स्थान पर है। पेज 72 पर वर्ष 1946 में बनी संविधान सभा के सदस्यों की संख्या 299 की बजाय 342 दी गई है।
तीसरी की हिंदी, चौथी व पांचवीं के गणित, छठी की साइंस, सातवीं की सोशल साइंस और आठवीं की इतिहास विषय की किताबों में भी कई गलत जानकारियां हैं।
शिक्षक क्रांति मंच के अध्यक्ष विजय हीर ने बताया कि शिक्षा विभाग को चाहिए कि इन पुस्तकों को वापस लेकर इन्हें सही करे।
गलतियां अब कौन सुधारे?
लेकिन स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष बलबीर टेगटा कहते हैं कि बोर्ड वही मैटर छापता है जो एनसीईआरटी और एसएसए की ओर से भेजा जाता है।
बोर्ड ने कॉपी राइट ले रखा है। जो मैटर आता है, वही छापना होता है।
उसमें कुछ नहीं बदला जाता है, न ही कुछ जोड़ा जाता है।
इन गलतियों को दुरुस्त करने का काम भी इन्हीं एजेंसियों का है।