सरकार का बड़ा फैसला, अब आसानी से नहीं मिलेगा स्कूलों में दाखिला
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा में पहली अप्रैल से 30 जून तक ही दाखिला दिया जाएगा। जागरूकता के अभाव में शिक्षक इन कक्षाओं में साल भर प्रवेश देते रहते हैं। इस तरह के मामले सामने आने के बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने भ्रांतियां दूर करते हुए बताया है कि आरटीई एक्ट के नियमों में हिमाचल सरकार ने संशोधन किया हुआ है।
संशोधन के अनुसार प्रवेश प्र्रक्रिया शुरू होने से 90 दिन तक दाखिला दिया जा सकता है। इसके बाद प्रवेश देने के लिए सरकार सेे मंजूरी लेनी पड़ेगी। प्रदेश के ग्रीष्मकालीन छुट्टियों वाले सरकारी स्कूलों में पहली अप्रैल से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई है।
ऐसे में इन स्कूलों में 30 जून तक प्रवेश प्रक्रिया का दौर चलेगा। शीतकालीन छुट्टियों वाले स्कूलों में 13 फरवरी से शैक्षणिक सत्र शुरू हुआ है। इन स्कूलों में 13 अप्रैल तक प्रवेश मिल सकेगा।
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प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा ने बताया कि कुछ स्कूलों में साल भर दाखिला देने के मामले सामने आए हैं। निदेशालय ने अपनी वेबसाइट पर आरटीई एक्ट के नियमों को अपलोड किया है। एक्ट में स्पष्ट किया गया है कि 90 दिन तक ही प्रवेश प्रक्रिया चलेगी।
जून के बाद सरकार से लेनी होगी मंजूरी, ये है दाखिले की उम्र
सरकारी स्कूलों में निर्धारित 90 दिन की प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद पहली से आठवीं कक्षा में दाखिला सरकार से मंजूरी मिलने के बाद ही दिया जाएगा। अभिभावकों को स्कूल प्रमुख के माध्यम से जिला उपनिदेशक के पास दाखिले के लिए आवेदन करना होगा।
फाइव प्लस है पहली में दाखिले की उम्र
आरटीई एक्ट के तहत पहली कक्षा में दाखिला लेने के लिए विद्यार्थी की उम्र पांच साल से अधिक तय की गई है। पांच साल से अधिक आयु के बच्चे को दाखिला देने के लिए तर्क दिया गया है कि जब विद्यार्थी पहली कक्षा पास कर लेगा तो उसकी उम्र छह साल पूरी हो गई होगी।