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हिमाचल: शिक्षा निदेशालय ने नघेता स्कूल के लेक्चरर को दी अनिवार्य सेवानिवृत्ति, जानिए पूरा मामला

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 25 Feb 2026 06:26 PM IST
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सार

स्कूल शिक्षा निदेशालय ने भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध होने पर सिरमौर जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नघेता में तैनात प्रवक्ता गणित हार्दिश कुमार को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है।

hp Education department gives compulsory retirement to Nagheta school lecturer, know the whole matter
स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली। - फोटो : संवाद
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विस्तार

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा निदेशालय ने भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध होने पर सिरमौर जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नघेता में तैनात प्रवक्ता गणित हार्दिश कुमार को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। हार्दिश कुमार के खिलाफ केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1965 के नियम-14 के तहत 16 अक्तूबर 2021 को अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई थी। यह मामला उस समय सामने आया था, जब वह राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तरूवाला में आईसीटी लैब प्रभारी के रूप में कार्यरत थे। जून 2021 में हार्दिश कुमार पर एक सामग्री आपूर्तिकर्ता से फोन पर बातचीत के दौरान रिश्वत मांगने का आरोप लगा।

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इस बातचीत का ऑडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद 23 जुलाई 2021 को थाना नाहन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा-7 के तहत एफआईआर दर्ज की गई। मामले की जांच के लिए विभाग ने जांच अधिकारी नियुक्त किया। दो सितंबर 2024 को प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में उपलब्ध साक्ष्यों, परिस्थितियों और संबंधित अधिकारी की स्वीकारोक्ति के आधार पर आरोप सिद्ध पाए गए। जांच रिपोर्ट पर जवाब देने का अवसर भी दिया गया, लेकिन विभाग ने स्पष्टीकरण को असंतोषजनक माना। स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने कहा कि शिक्षक पर उच्च नैतिक जिम्मेदारी होती है और उनसे ईमानदार एवं आदर्श आचरण की अपेक्षा की जाती है। छात्र कल्याण से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार और नैतिक अधोपतन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। निदेशालय ने मामले को गंभीर मानते हुए निष्कर्ष निकाला कि संबंधित प्रवक्ता को सरकारी सेवा में बनाए रखना उचित नहीं है। इसके चलते उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है।

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