Rajasthan: कोटा संभाग के जिलों में बाढ़ से बिगड़े हालत, सेना समेत प्रशासन की टीमें बचाव कार्य में जुटीं
बूंदी जिले में मेज नदी ने तबाही मचा रखी है। शहर के कई इलाकों में पानी भरा हुआ है। बुधवार सुबह एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर लोगों रेस्क्यू किया, लेकिन बाद में सेना की मदद भी ली गई।
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राजस्थान के कोटा संभाग के जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। बाढ़ ग्रस्त ज्यादातर इलाकों में सेना ने मोर्चा संभाला लिया है। लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा रहा है। बाढ़ से हाड़ौती में हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। यहां के लोग लाचारी और बेबसी से एक दूसरे को ताक रहे हैं। वहीं, आज बुधवार को तीसरे दिन बारिश से लोगों को कुछ राहत मिली, लेकिन बांधों से छोड़े जा रहे पानी ने हाड़ौती में जलजला ला दिया है।
स्थानीय प्रशासन के प्रयासों के बाद भी हालात काबू में नहीं आए तो सेना को मोर्चा संभालना पड़ा। कोटा में बैराज की निचली बस्तियों और कॉलोनियों में पानी भरा हुआ है। जलभराव वाले इलाकों से इलाके गए लोगों को शेल्टर हॉम और स्कूलों में ठहराया गया है। प्रशासन यहां रह रहे लोगों के खाने-पीने की व्यवस्था कर रहा हैं।
बूंदी जिले में मेज नदी ने तबाही मचा रखी है। शहर के कई इलाकों में पानी भरा हुआ है। बुधवार सुबह एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर लोगों रेस्क्यू किया, लेकिन बाद में सेना की मदद भी ली गई। सेना, एसडीआरएफ के साथ पुलिस और प्रशासन की टीमें भी बचाव कार्य में लगी हुईं है।
बारां में कालीसिंध और पार्वती नदी के उफान पर होने से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। जिले के कई क्षेत्र पानी डूबे हुए हैं। ज्यादा जलभराव वाले इलाकों से लोगों को निकालने के लिए सेना की मदद ली जा रही है। सेना के जवान हेलिकॉप्टर के जरिए लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा रहे हैं। जिले के सीसवाली और पलायथा कस्बे की कई बस्तियां भी पूरी तरह से जलमग्न हो गईं हैं।
झालावाड़ में कालीसिंध नदी के उफान पर होने से कई गांव का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। इन गांव में फंसे लोगों को एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा। इसके अलावा जिले के अकलेरा और असनावर से भी लोगों को रेस्क्यू किया गया है।
इधर, बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और झालावाड़ से सांसद दुष्यंत सिंह ने कोटा संभाग के बाढ़ ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वे किया। इस दौरान राजे ने प्रशाशन से राहत कार्यों की जानकारी भी ली। वहीं, खेल मंत्री अशोक चांदना आनन फानन में बूंदी पहुंचे और अधिकारियों से अपने क्षेत्र के बारे में चर्चा की। उन्होंने जिला कलेक्ट्रेट में अधिकारियों की बैठक लेकर बाढ़ में हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए।