{"_id":"5a655dab0e054edb9f4c4a787dace67d","slug":"writers-programme","type":"story","status":"publish","title_hn":"साहित्यकारों की सजी महफिल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साहित्यकारों की सजी महफिल
अमर उजाला, पटियाला।
Updated Tue, 10 Dec 2013 10:02 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञानदीप साहित्य साधना मंच ने भाषा विभाग के सहयोग से विशेष साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन किया। यह गोष्ठी डीएवी स्कूल के सेमिनार हाल में हुई। इसकी अध्यक्षता संस्था के प्रधान सागर सूद ने की।
कार्यक्रम के मुख्य मेहमान पंजाबी यूनिवर्सिटी के आईएएस ट्रेनिंग सेंटर के डायरेक्टर हरजिंदर वालिया थे। उन्होंने कहा कि मंच ने उच्च कोटि के कार्यक्रम करवा कर पटियाला की साहित्यिक फिजा को एक अलग ही मुकाम दिया है।
उन्होंने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों की शहादत को दुनिया की एक अनोखी मिसाल बताया। संस्था के दो साल पूरे होने पर मंच के प्रधान सागर सूद ने सभी को मुबारकबाद दी।
इस दौरान संस्था के सदस्यों ने फरवरी में होने वाले वार्षिक समागम की तैयारियों पर चर्चा की।
समारोह में साहित्यकार नवीन कमल, डॉ रवि भूषण, भगवान दास गुप्ता, हरी दत्त हबीब, मनजीत सेखों, अलका अरोड़ा, कुलवंत नारिके, कृष्ण धीमान, प्रेम शर्मा, सरदूल भल्ला, डॉ इंदरपाल कौर, बलविंद्र भटटी, अंग्रेज विर्क, जीएस आनंद, देवी चरण वाजपई, दिविया शर्मा और अमनजीत कौर ने अपनी रचनाएं सुनाई।
Trending Videos
कार्यक्रम के मुख्य मेहमान पंजाबी यूनिवर्सिटी के आईएएस ट्रेनिंग सेंटर के डायरेक्टर हरजिंदर वालिया थे। उन्होंने कहा कि मंच ने उच्च कोटि के कार्यक्रम करवा कर पटियाला की साहित्यिक फिजा को एक अलग ही मुकाम दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों की शहादत को दुनिया की एक अनोखी मिसाल बताया। संस्था के दो साल पूरे होने पर मंच के प्रधान सागर सूद ने सभी को मुबारकबाद दी।
इस दौरान संस्था के सदस्यों ने फरवरी में होने वाले वार्षिक समागम की तैयारियों पर चर्चा की।
समारोह में साहित्यकार नवीन कमल, डॉ रवि भूषण, भगवान दास गुप्ता, हरी दत्त हबीब, मनजीत सेखों, अलका अरोड़ा, कुलवंत नारिके, कृष्ण धीमान, प्रेम शर्मा, सरदूल भल्ला, डॉ इंदरपाल कौर, बलविंद्र भटटी, अंग्रेज विर्क, जीएस आनंद, देवी चरण वाजपई, दिविया शर्मा और अमनजीत कौर ने अपनी रचनाएं सुनाई।