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Mohali News: कूड़ा कलेक्शन में मनमानी पर लगेगी लगाम, अब स्कैनर कोड से होगी निगरानी
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जीरकपुर। नगर परिषद ने घर-घर कूड़ा संग्रह प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए एक नई योजना लागू की है। इसके तहत अब शहर के सभी घरों के बाहर स्कैनर कोड लगाए जाएंगे। वर्तमान में स्कैनर को फाइनल करने की प्रक्रिया चल रही है। यह पहल पंजाब सरकार के मिशन क्लीन पंजाब के तहत की गई है। इसका उद्देश्य कूड़ा संग्रह में अनियमितताओं को दूर करना है। जीरकपुर में एक लाख से अधिक घर हैं, जहां से कूड़ा उठाकर कूड़ा निस्तारण स्थल पहुंचाया जाता है। हालांकि, निवासियों की लगातार शिकायतें थीं कि घर-घर कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी मनमर्जी से काम करते हैं। वे अक्सर हफ्ते में केवल दो या तीन दिन ही कूड़ा उठाने आते थे। इससे घरों में गंदगी जमा हो जाती थी और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता था। कई बार लोगों को खुद कूड़ा कलेक्शन सेंटर तक पहुंचाना पड़ता था। इन शिकायतों के बाद नगर परिषद की स्वच्छता शाखा के अधिकारियों ने एक बैठक की। इस बैठक में समस्या के समाधान पर विचार किया गया। इसके बाद घरों के बाहर स्कैनर कोड लगाने का निर्णय लिया गया। इस कोड में कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी और मकान मालिक की जानकारी दर्ज होगी।
अनियमितताओं पर अंकुश
निवासियों ने नगर परिषद को बताया कि घर-घर कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी पूरे पैसे लेते हैं, लेकिन हफ्ते में केवल दो या तीन दिन ही कूड़ा उठाते हैं। रोज आने को कहने पर वे अक्सर जरूरी काम का बहाना बनाकर टाल देते थे। कुछ दिन लगातार आने के बाद वे फिर छुट्टियां करने लगते थे। इस स्थिति में घरों में कूड़ा रखना मुश्किल हो जाता था। इससे घरों में बीमारियां फैलने का डर बना रहता था। नई प्रणाली से इन अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा।
निगरानी और कानूनी कार्रवाई
घर-घर कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी पहले की तरह ही कूड़ा उठाते रहेंगे। यदि किसी दिन कूड़ा नहीं उठाया जाता है, तो इसकी जानकारी स्कैनर कोड में दर्ज हो जाएगी। यदि मकान मालिक शिकायत करता है, तो स्कैनर कोड से सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी। कर्मचारी द्वारा छुट्टी लेने पर भी इसकी जानकारी सीधे कार्यालय में बैठे अधिकारियों को मिल जाएगी। इसके बाद संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह प्रणाली जवाबदेही सुनिश्चित करेगी।
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आलाधिकारियों के निर्देशानुसार हर घर के बाहर स्कैनर कोड लगाने की योजना को लागू किया गया है, जिसका काम शुरू हो चुका है। आने वाले दिनों में घरों के बाहर स्कैनर कोड लगा होगा। इसकी मदद से पता चल जाएगा कि घरों से कूड़ा उठाया गया है या नहीं। - रंजीत कुमार, इंस्पैक्टर, सेनीटेशन ब्रान्च, जीरकपुर।
जीरकपुर के लोगों की लगातार मिलने वाले शिकायतें और शहर को साफ सुथरा बनाने के मद्देनजर इस योजना को लागू किया गया है, जिसकी मदद से घरों में कूड़ा हर रोज घरों से उठने लगेगा। -परविंदर सिंह भट्टी, ईओ, जीरकपुर नगर परिषद
अनियमितताओं पर अंकुश
निवासियों ने नगर परिषद को बताया कि घर-घर कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी पूरे पैसे लेते हैं, लेकिन हफ्ते में केवल दो या तीन दिन ही कूड़ा उठाते हैं। रोज आने को कहने पर वे अक्सर जरूरी काम का बहाना बनाकर टाल देते थे। कुछ दिन लगातार आने के बाद वे फिर छुट्टियां करने लगते थे। इस स्थिति में घरों में कूड़ा रखना मुश्किल हो जाता था। इससे घरों में बीमारियां फैलने का डर बना रहता था। नई प्रणाली से इन अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा।
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निगरानी और कानूनी कार्रवाई
घर-घर कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी पहले की तरह ही कूड़ा उठाते रहेंगे। यदि किसी दिन कूड़ा नहीं उठाया जाता है, तो इसकी जानकारी स्कैनर कोड में दर्ज हो जाएगी। यदि मकान मालिक शिकायत करता है, तो स्कैनर कोड से सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी। कर्मचारी द्वारा छुट्टी लेने पर भी इसकी जानकारी सीधे कार्यालय में बैठे अधिकारियों को मिल जाएगी। इसके बाद संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह प्रणाली जवाबदेही सुनिश्चित करेगी।
आलाधिकारियों के निर्देशानुसार हर घर के बाहर स्कैनर कोड लगाने की योजना को लागू किया गया है, जिसका काम शुरू हो चुका है। आने वाले दिनों में घरों के बाहर स्कैनर कोड लगा होगा। इसकी मदद से पता चल जाएगा कि घरों से कूड़ा उठाया गया है या नहीं। - रंजीत कुमार, इंस्पैक्टर, सेनीटेशन ब्रान्च, जीरकपुर।
जीरकपुर के लोगों की लगातार मिलने वाले शिकायतें और शहर को साफ सुथरा बनाने के मद्देनजर इस योजना को लागू किया गया है, जिसकी मदद से घरों में कूड़ा हर रोज घरों से उठने लगेगा। -परविंदर सिंह भट्टी, ईओ, जीरकपुर नगर परिषद