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एससी आयोग की सख्त चेतावनी: चेयरमैन जसवीर गढ़ी बोले-सम्मान को ठेस पहुंचाने वालों को नहीं मिलेगी रियायत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 14 Feb 2026 02:54 PM IST
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सार
पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने डेरा सचखंड बल्ला में नतमस्तक होकर बाबा निरंजन दास का आशीर्वाद लिया।
पत्रकारों से बात करते जसवीर गढ़ी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी शनिवार को जालंधर दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने डेरा सचखंड बल्ला में नतमस्तक होकर बाबा निरंजन दास का आशीर्वाद लिया।
दौरे के दौरान उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा को जारी नोटिस के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। गढ़ी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संविधान और कानून से ऊपर कोई नहीं है। यदि कोई व्यक्ति समाज के किसी वर्ग के सम्मान को ठेस पहुंचाने या उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश करेगा तो आयोग एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी की तरह उसके सामने खड़ा होगा।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारों की रक्षा आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस संबंध में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयोग तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करेगा और जरूरत पड़ी तो कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे।
गढ़ी ने यह भी दोहराया कि सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। सार्वजनिक जीवन में दिए गए बयान समाज पर व्यापक प्रभाव डालते हैं, इसलिए नेताओं को संयम और जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए।
दौरे के दौरान स्थानीय प्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने भी उनसे मुलाकात की। आयोग की इस सख्त चेतावनी के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
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दौरे के दौरान उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा को जारी नोटिस के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। गढ़ी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संविधान और कानून से ऊपर कोई नहीं है। यदि कोई व्यक्ति समाज के किसी वर्ग के सम्मान को ठेस पहुंचाने या उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश करेगा तो आयोग एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी की तरह उसके सामने खड़ा होगा।
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उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारों की रक्षा आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस संबंध में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयोग तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करेगा और जरूरत पड़ी तो कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे।
गढ़ी ने यह भी दोहराया कि सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। सार्वजनिक जीवन में दिए गए बयान समाज पर व्यापक प्रभाव डालते हैं, इसलिए नेताओं को संयम और जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए।
दौरे के दौरान स्थानीय प्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने भी उनसे मुलाकात की। आयोग की इस सख्त चेतावनी के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।