सब्सक्राइब करें

AC In Trucks: 1,1.5 या 2... जानिए ट्रक में कितने टन का AC होता है?

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Nitish Kumar Updated Fri, 29 May 2026 06:46 PM IST

भीषण गर्मी में जहां आम लोग घर और कार में AC का सहारा लेते हैं, वहीं ट्रक ड्राइवर घंटों तक तपती सड़कों पर सफर करते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि ट्रकों में कितने टन का AC लगाया जाता है और क्या भारत में इसे लेकर कोई नियम भी हैं?

विज्ञापन
truck ac capacity india rules mandatory ac cabin details
भारत के ट्रकों में अब एसी अनिवार्य हो चुका है। - फोटो : एआई जनरेटेड
भारत में गर्मी लगातार खतरनाक स्तर तक पहुंच रही है। कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा है। ऐसे में सबसे ज्यादा मुश्किल ट्रक ड्राइवरों को होती है, जो घंटों तक हाईवे पर सफर करते हैं। लंबे समय तक गर्म केबिन में बैठने से ड्राइवर थकान, डिहाइड्रेशन और तनाव का शिकार हो सकते हैं। यही वजह है कि अब ट्रकों में AC सिर्फ लग्जरी फीचर नहीं, बल्कि जरूरत बन चुका है। आइए जानते हैं भारत के ट्रकों में कितने टन का एसी लगा होता है।
truck ac capacity india rules mandatory ac cabin details
ट्रक में कितने टन का AC होता है? - फोटो : Amar Ujala

ट्रक में कितने टन का AC होता है?

आमतौर पर ट्रकों में AC की क्षमता घरों में इस्तेमाल होने वाले स्प्लिट AC की तरह सीधे “टन” में नहीं बताई जाती। कंपनियां इसे BTU या कूलिंग कैपिसिटी के हिसाब से मापती हैं। हालांकि एक्सपर्ट्स के मुताबिक ज्यादातर भारतीय ट्रकों में 0.5 टन से 1 टन के बराबर कूलिंग क्षमता वाला AC सिस्टम लगाया जाता है।

छोटे और मीडियम कमर्शियल ट्रकों में कम क्षमता वाला AC होता है, जबकि बड़े हैवी-ड्यूटी ट्रकों और लंबी दूरी तय करने वाले ट्रेलर्स में ज्यादा पावरफुल AC सिस्टम लगाए जाते हैं। इनका मकसद पूरे केबिन को तेजी से ठंडा रखना होता है।
Trending Videos
truck ac capacity india rules mandatory ac cabin details
भारत में ट्रकों में AC के क्या हैं नियम? - फोटो : AI

भारत में ट्रकों में AC के क्या हैं नियम?

  • भारत सरकार ने पिछले साल ट्रक ड्राइवरों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया था। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 1 अक्टूबर 2025 के बाद बनने वाले सभी नए N2 और N3 श्रेणी के ट्रकों में फैक्ट्री फिटेड AC केबिन अनिवार्य कर दिया है।
  • N2 और N3 कैटेगरी में मीडियम और हैवी कमर्शियल ट्रक शामिल होते हैं। सरकार के अनुसार इन ट्रकों के केबिन में एयर कंडीशनिंग सिस्टम तय ऑटोमोटिव स्टैंडर्ड IS14618:2022 के अनुसार होना चाहिए।
  • इसका सीधा मतलब यह है कि एसी की क्षमता इतनी होनी चाहिए जो भीषण गर्मी में भी केबिन के तापमान को मानकों के अनुसार ठंडा और आरामदायक रख सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
truck ac capacity india rules mandatory ac cabin details
सरकार ने यह फैसला क्यों लिया? - फोटो : Amar Ujala
सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने पहले भी कहा था कि ट्रक ड्राइवर देश के ट्रांसपोर्ट सेक्टर की रीढ़ हैं। उन्हें बेहतर कामकाजी माहौल मिलना जरूरी है। सरकार का मानना है कि AC केबिन से ड्राइवर की मानसिक और शारीरिक थकान कम होगी। इससे सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी।
विज्ञापन
truck ac capacity india rules mandatory ac cabin details
आने वाले समय में बदल जाएगी ट्रकों की तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
आने वाले समय में बदल जाएगी ट्रकों की तस्वीर
भारत में अब धीरे-धीरे ट्रक इंडस्ट्री आधुनिक हो रही है। पहले जहां ट्रकों में सिर्फ बेसिक सुविधाएं मिलती थीं, वहीं अब AC केबिन, बेहतर सीट्स, डिजिटल डिस्प्ले और सेफ्टी फीचर्स पर जोर दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों में भारतीय ट्रकों का अनुभव काफी हद तक बदल जाएगा।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest mobile reviews apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed