कोरोना वायरस महामारी लोगों को शारीरिक और मानिसक दोनों रूपों से प्रभावित कर रही है। कोरोना की पहली लहर के बाद से लोगों का ज्यादा समय घरों में ही बीत रहा है। इस दौरान दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलना भी कम हो गया है। इस एकांत का असर लोगों को मानसिक स्वास्थ्य पर भी देखने को मिल रहा है। लोगों को घबराहट, चिड़चिडापन, अधिक गुस्सा आने जैसी समस्याओं का अनुभव हो रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो इस महामारी ने उम्रदराज लोगों के साथ-साथ बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डाला है, अगर माहौल लंबे समय तक ऐसा ही बना रहता है तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है कोरोना महामारी, विशेषज्ञों से जानें क्या करें माता-पिता?
कोरोना वायरस महामारी लोगों को शारीरिक और मानिसक दोनों रूपों से प्रभावित कर रही है। कोरोना की पहली लहर के बाद से लोगों का ज्यादा समय घरों में ही बीत रहा है। इस दौरान दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलना भी कम हो गया है। इस एकांत का असर लोगों को मानसिक स्वास्थ्य पर भी देखने को मिल रहा है। लोगों को घबराहट, चिड़चिडापन, अधिक गुस्सा आने जैसी समस्याओं का अनुभव हो रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो इस महामारी ने उम्रदराज लोगों के साथ-साथ बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डाला है, अगर माहौल लंबे समय तक ऐसा ही बना रहता है तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
इस महामारी के दौरान हम किसी अनिश्चितता से निपटने और परिवार को सुरक्षित रखने के लिए सभी प्रयास तो जरूर कर रहे हैं लेकिन इस दौरान जाने-अनजाने बच्चों की भावनात्मक जरूरतों को नजरअंदाज कर दिया गया है, इसका असर बच्चों के व्यवहार में देखा जा रहा है। अगर माहौल जल्द सामान्य नहीं हुआ तो भविष्य में इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं।
विशेषज्ञों की मानें तो महामारी के इस समय में आपको बच्चों के साथ ज्यादा समय बिताने का मौका मिल रहा है, इसका पूरा इस्तेमाल करना चाहिए। उनकी भावनात्मक जरूरतों को समझें। इसके साथ ही बच्चों को सुखद माहौल देने की जरूरत है।
समस्याओं को समझें
विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय माता-पिता को बच्चों की आशंकाओं और समस्याओं के बारे में जानना बहुत जरूरी है। उनसे बात करें और सभी सवालों के जवाब दें। बच्चों के मन में इन दिनों बन रहे डर को दूर करने का प्रयास करें, ऐसे करके बच्चों में उत्पन्न हो रही चिंता और भावनात्मक अवसाद से कुछ हद तक निपटा जा सकता है।