Difference Between Lump And Pimple: अक्सर हम अपने शरीर की त्वचा पर कोई उभार या सूजन देखते हैं, तो उसे मामूली फुंसी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। मगर त्वचा पर उभरी हर आकृति एक जैसी नहीं होती है, इनके पीछे के कारण और खतरे बिल्कुल अलग हो सकते हैं। फुंसी आमतौर पर त्वचा के रोमछिद्रों में तेल और बैक्टीरिया के जमा होने से होती है, जबकि गांठ कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि या तरल पदार्थ से भरी थैली हो सकती है।
Health Tips: शरीर पर उभरी हर चीज फुंसी नहीं होती, समझें गांठ और सूजन के बीच का बारीक फर्क
When to Worry About a Skin Cyst: अक्सर लोगों के मन में गांठ, सूजन, फोड़ा और फुंसी को लेकर भ्रम रहता है। दरअसल ये तीनों ही अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याएं हैं, जिनका अंतर काफी बारीक है। इसलिए आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
गांठ क्या है और इसे कैसे पहचानें?
गांठ त्वचा के नीचे कोशिकाओं का एक समूह होती है जो सख्त या लचीली महसूस हो सकती है। लिपोमा जैसी चर्बी वाली गांठें आमतौर पर दर्द रहित होती हैं और छूने पर खिसकती हैं। लेकिन अगर कोई गांठ पत्थर जैसी सख्त हो, तेजी से बढ़ रही हो और उसका आकार अनियमित हो, तो यह खतरे का संकेत हो सकता है, ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जरूर परामर्श लेनी चाहिए। गांठें अक्सर संक्रमण, बंद तेल ग्रंथियों या कभी-कभी अनुवांशिक कारणों से विकसित होती हैं।
सूजन के पीछे के मुख्य कारण
सूजन आमतौर पर किसी एक बिंदु पर केंद्रित होने के बजाय एक बड़े क्षेत्र को प्रभावित करती है। यह किसी चोट, एलर्जी, इन्फेक्शन या शरीर के आंतरिक अंगों (जैसे किडनी या हार्ट) में गड़बड़ी के कारण ऊतकों में तरल पदार्थ भरने से होती है। अगर सूजन के साथ लालिमा और तेज दर्द है, तो यह इन्फ्लेमेशन का संकेत है। सूजन अक्सर तब होती है जब शरीर किसी बाहरी हमले या आंतरिक क्षति से खुद को बचाने की कोशिश करता है।
फुंसी और फोड़े में क्या अंतर है?
फुंसी एक छोटा उभार है जिसमें अक्सर सफेद पस दिखाई देता है। यह मुख्य रूप से हार्मोनल बदलाव या साफ-सफाई की कमी से होती है। लेकिन जब संक्रमण गहरा हो जाता है, तो यह 'फोड़े' का रूप ले लेता है, जो काफी दर्दनाक होता है और बुखार भी ला सकता है। फुंसी को फोड़ना खतरनाक हो सकता है क्योंकि इससे बैक्टीरिया खून में फैल सकते हैं, जिससे संक्रमण बढ़ जाता है।
डॉक्टर से परामर्श कब जरूरी?
अगर आपकी गांठ का आकार तेजी से बदल रहा है, उसका रंग गहरा हो रहा है या उसमें लगातार दर्द और खून का रिसाव हो रहा है, तो बिना देरी किए डॉक्टर से मिलना चाहिए। 'बायोप्सी' या 'अल्ट्रासाउंड' के जरिए डॉक्टर यह पता लगाते हैं कि गांठ कैंसरकारी है या सामान्य। ध्यान रखें प्रारंभिक अवस्था में की गई जांच ही किसी भी गंभीर स्वास्थ्य जोखिम से बचने का सबसे सटीक और सुरक्षित तरीका है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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