ईमानदारी पर खुली केजरीवाल की पोल
दिल्ली की गद्दी छोड़नी वाली आम आदमी पार्टी और उसके सेनापति अरविंद केजरीवाल अब लोकसभा चुनावों के लिए तैयारियां कर रहे हैं और राजधानी की सरकार में गुजारे 49 दिनों को भुनाने के लिए वो कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते।
पार्टी का दावा है कि जो काम उन्होंने बहुत छोटे अंतराल में किया, वह कई सरकारें साल में नहीं कर सकीं। ऐसे में आगामी लोकसभा चुनावों में वह अपनी लोकलुभावन नीतियों का प्रचार-प्रसार करना चाहती हैं, ताकि वोट बटोरे जा सकें। भ्रष्टाचार के खिलाफ ईमानदार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को जोरशोर से उठा रही है।
हालांकि, जरूरत से ज्यादा जोश में आम आदमी पार्टी से चूक हो गई है। उनके एक दावे की हवा निकल गई और जिस संस्थान की रिपोर्ट का उन्होंने हवाला दिया, उसी संस्था ने उन्हें झूठा साबित कर दिया।
सीआईआई की बैठक में किया था दावा
वैश्विक भ्रष्टाचार निगरानी संस्थान ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल (टीआई) ने आम आदमी पार्टी के इस दावे की आलोचना की है, जिसमें कहा गया था कि दिल्ली में भ्रष्टाचार में कमी आई है। यह दावा करते वक्त AAP ने टीआई की एक 'अप्रकाशित रिपोर्ट' का हवाला दिया है।
खुद को भ्रष्टाचार विरोधी नेता के तौर पर पेश करने वाले दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को सीआईआई की एक बैठक में इसी रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह दावा किया था।
केजरीवाल के मुताबिक उन्हें जानकारी मिली है कि ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल एक ऐसी रिपोर्ट जारी करने जा रही है, जिसमें कहा गया है कि दिल्ली जल बोर्ड में भ्रष्टाचार कम हुआ है।
पहले शाजिया इल्मी ने किया था रिपोर्ट का जिक्र
सीआईआई की इस बैठक का इस्तेमाल अरविंद केजरीवाल ने अपनी भ्रष्टाचार विरोधी छवि को मजबूत करने के लिए किया और साथ ही यह भी साफ करने की कोशिश हुई कि उनकी पार्टी कारोबार और उद्योग जगत के खिलाफ कतई नहीं है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा था, "65 साल से भ्रष्टाचार पर काबू नहीं पाया गया, लेकिन हम इसमें 20-30 फीसदी कम करने में कामयाब रहे और उनका कहना है कि हमें सरकारी चलानी नहीं आती।"
दरअसल, ट्रांसपेरेंसी की इस तथाकथित रिपोर्ट का सबसे पहले जिक्र आम आदमी पार्टी की नेता शाजिया इल्मी ने किया था। उन्होंने एक अखबार से कहा था कि टीआई की रिपोर्ट में यह कहा गया है कि दिल्ली में पिछले 45 दिनों में करप्शन में कमी आई है।
ट्रांसपेरेंसी का रिपोर्ट से साफ इनकार
AAP नेता शाजिया इल्मी ने कहा था, "ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने एक रिपोर्ट में कहा है कि पिछले 45 दिनों में दिल्ली में भ्रष्टाचार में कमी आई है। यह रिपोर्ट अभी भारत में रिलीज नहीं की गई है। यह अपने आप में आम आदमी पार्टी की उपलब्धि है।"
हालांकि, ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंडिया ने दिल्ली पर ऐसी किसी भी रिपोर्ट तैयार करने से साफ इनकार किया है। ऐसे में आम आदमी पार्टी के उन तमाम दावों की हवा निकल गई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि 49 दिनों का उनका ट्रैक रिकॉर्ड शानदार रहा है।
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंडिया के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर आशुतोष कुमार मिश्रा ने एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिए ऐसी किसी भी रिपोर्ट पर काम करने से साफ मना कर दिया। यह प्रेस रिलीज सोशल नेटवर्किंग साइट पर भी वायरल है।
शाजिया पर ट्रांसपेरेंसी का हमला
इस प्रेस रिलीज में टीआई की तरफ से कहा गया है, "शाजिया इल्मी की ओर से जो जानकारी साझा की गई है, वो तथ्यात्मक रूप से गलत है। हमने दिल्ली में भ्रष्टाचार पर कोई स्टडी नहीं की है, इसलिए प्रकाशित या अप्रकाशित रिपोर्ट का कोई सवाल ही नहीं उठता।"
असल में मुद्दा यह नहीं कि दिल्ली में भ्रष्टाचार कम हुआ है या नहीं, लेकिन टीआई रिपोर्ट की इस गुगली पर खुद आम आदमी पार्टी बोल्ड हो गई है, क्योंकि इससे यह संदेश जा सकता है कि आम आदमी से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है।
विरोधियों का कहना है कि आम आदमी पार्टी को दिल्ली में सरकार चलाने का मौका मिला था लेकिन उसने जिम्मेदारी उठाने के बजाय इस्तीफा देना और लोकसभा चुनावों पर निगाह टिकाना ज्यादा अहम माना।