बाड़मेर में बढ़ा BJP का बवाल, रो पड़े जसवंत सिंह
बीजेपी के कद्दावर नेता जसवंत सिंह की नाराजगी अब खुल कर सामने आ गई है और पार्टी ने भी अपना रुख उनके प्रति साफ कर दिया है।
राजस्थान के बाड़मेर से टिकट ना मिलने से नाराज जसवंत अब बीजेपी को बाय-बाय बोल सकते हैं। वहीं पार्टी ने भी कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।
जसवंत सिंह राजस्थान पहुंच चुके हैं, वहां उन्होंने प्रेस से बात करते हुए कहा कि सोमवार को मैं अपना फैसला सुनाऊंगा।
जसवंत समर्थकों ने किया बीजेपी दफ्तर पर कब्जा
खबरें आ रही हैं कि जसवंत समर्थकों ने बाड़मेर के बीजेपी दफ्तर पर कब्जा कर लिया है। इस बीच जसवंत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वो जनता को असली बीजेपी और नकली बीजेपी के बीच का अंतर बताएंगे।
उन्होंने कहा कि वो सोमवार 24 मार्च को अपना फैसला सुनाएंगे। माना जा रहा है कि वो अब बाड़मेर से निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।
बाड़मेर में जसवंत सिंह के समर्थन में जो पोस्टर चस्पा किए गए हैं उनमें लिखा है कि असली बीजेपी और नकली बीजेपी के अंतर को समझो।
बागी बनाएंगे अलग बीजेपी?
जसवंत सिंह के बयान से कयास लगाए जा रहे हैं कि बागियों का एक गुट पार्टी छोड़ कर नई पार्टी का गठन कर सकता है। भारत के इतिहास में इस तरह कई बार कई पार्टियों का गठन हुआ है।
जसवंत सिंह ने कहा कि,"मैंने अपनी पूरी जिंदगी पार्टी ने नाम कर दी। अब जनता ही फैसला करेगी कि असली बीजेपी कौन से है और नकली बीजेपी कौन सी। अब मैं असली बीजेपी के लिए काम करूंगा।"
और रो पड़े जसवंत सिंह
राजस्थान में मीडिया से बात करते हुए जसवंत सिंह रो पड़े। उनकी आखों से आंसू निकल आए और उन्होंने भरे गले से कहा कि," आज मैं दुखी हूं।"
उन्होंने कहा कि,"ना तो मैं बिकाऊ हूं और ना ही मेरा बेटा बिकाऊ है। मुझे जिससे बात करनी थी मैं कर चुका हूं।"
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि,"बीजेपी में अब अतिक्रमण हो रहा है। मेरे साथ दूसरी बार ऐसा हुआ है, बस अब और नहीं।"
बीजेपी ने अपनाया कड़ा रुख
राजनाथ सिंह ने कहा कि जसवंत बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं। उनके प्रति हमारे सम्मान को टिकट से नहीं नापा जा सकता। पार्टी उनकी क्षमताओं का इस्तेमाल कहीं और करना चाहती है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम उनको टिकट नहीं दे पाए, वे वरिष्ठ नेता हैं, पार्टी उनके लिए और कुछ सोच रही है।