'कठेरिया के भाषण में कुछ भी भड़काऊ नहीं'
उत्तर प्रदेश केआगरा में केंद्रीय राज्य मंत्री राम शंकर कठेरिया के कथित भड़काऊ भाषण पर गृहमंत्री राजनाथ सिहं उन्हें क्लीनचिट दे दी है। उन्होंने कहा कि मैंने राम शंकर कठेरिया का भाषण सुना है और हम सभी इस बात पर राजी हैं कि उसमें कुछ भी भड़काऊ नहीं है। उन्होंने कहा कि दुनिया में सबसे सेक्यूलर देश यदि कोई है तो वह भारत है और कोई एक दल देश की एकता और अखण्डता को बचा कर नहीं रख सकता। इसके लिए हम सभी प्रयासरत रहना होगा।
उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक सद्भाव सरीखे मुद्दों को राजनीति के हानि और लाभ के मानकों पर नहीं तय किया जाना चाहिए। संप्रादायिक सद्भाव केवल न्याय और मानवता की कसौटी पर ही तय किए जा सकते हैं। अशफाकउल्लाह खान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 'जब उनसे उनकी आखिरी इच्छा पूछी गई तो उन्होंने कहा कि उनकी मां तक यह संदेश पहुंचा देना कि उनका बेटा फांसी के तख्त पर खड़े होकर शादी रचाने जा रहे है।' राजनाथ ने आगे कहा कि उस अशफाकउल्लाह ने भी इस देश को आजादी दिलाई है तो हम यह कैसे कह सकते हैं कि इस देश का मुसलमान राष्ट्रवादी नहीं है।
राजनाथ ने आगे कहा कि कोई चाहे किसी भी धर्म को मानने वाला क्यों न हो, जो भी भारत में रहते हैं हम सबको राष्ट्रवादी मानते हैं।
गुलाम नबी ने कहा ये डबल गेम हो रहा है
वहीं राज्यसभा में राजनाथ के इस बयान के बाद विपक्ष की ओर से मांग की गई है कि राज्य मंत्री रामशंकर कठेरिया पर देशद्रोह का मामला चलाया जाए। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने सदन में कहा कि सरकार देश में दोहरा खेल खेल रही है और पार्टी दो अलग-अलग भाषा बोल रही है।
उन्होंने कहा कि 'जिस तरह का भाषण मंत्री ने दिया है वो भारत को बांटने वाला है। गृहमंत्री जी डबल खेल हो रहा है, सरकार सबका साथ - सबका विकास कह रही है और पार्टी कह रही है कि हाथ काट लो, गला काट लो।'
गुलाम नबी ने जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए कहा कि आपने छात्र कन्हैया कुमार पर देश द्रोह का मुकदमा चलाया, क्या ये वो मामला नहीं है जिसमें इन लोगों पर देशद्रोह का मामला चलाना चाहिए। आजाद ने कहा कि चाहे पार्टी दक्षिण की हो, हिन्दू हो या मुसलमान, क्षेत्रीय दल हो या भाजपा, उन पर देशद्रोह का मुकदना चलाएं।
ये था कठेरिया का भाषण
गौरतलब है कि बीते रविवार को विहिप नेता अरुण माहौर की श्रद्धाजंलि सभा में पहुंचे कठेरिया ने वहां बैठी भीड़ के बीच भड़काऊ भाषण देते हुए कहा था कि ''आज अरुण माहौर की पत्नी और उसके बच्चे पूछ रहे हैं कि वो गाय बचाने जाते था गाय, काटने वाले कसयाइयों को रोकने के लिए पुलिस को सूचना देता था। मित्रों उसकी हत्या हो गई। हिंदू समाज के साथ जो षडयंत्र हो रहा है हमें उसे समझना होगा। उसे समझकर अपने आपको ताकतवर बनाना होगा। मित्रों हमें संघर्ष करना होगा, आज कोई एक अरुण गया है, कल कोई दूसरा अरुण जाएगा। मित्रों इससे पहले कि दूसरा अरुण जाए अरुण को पहुंचाने वाले ही चले जाएं ऐसा प्रबंध करना होगा।'
लेकिन ये बयान सामने आने के बाद कठेरिया पलट गए थे और उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि मैंने अपने भाषण में किसी तरह के भड़काऊ शब्दों का प्रयोग नहीं किया। मैंने केवल इतना ही कहा कि हिंदू समाज को संगठित होना चाहिए। बदला लेने या किसी समुदाय का नाम नहीं लिया। मेरे पास इस भाषण की सीडी है जिससे सारा सच सामने आ जाएगा।
बता दें कि विहिप नेता अरुण माहौर की कुछ दिन पहले आगरा में ही कुछ लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। जिसके बाद से आगरा में लगातार माहौल तल्ख बना हुआ है।