बदन पर वर्दी लेकिन काम चोरी, पत्नी संग धरा गया पीएसी जवान
- वो ट्रेन में सफर करने वाली महिलाओं का सामान चुरा लेता था
- बदन पर वर्दी देखकर किसी को उस पर शक नहीं होता था
- एसी कोच की एक महिला ने जब शिकायत की तो बेनकाब हो गया
- जीआरपी-आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए चोर दंपति
- चोर दंपति के घर में तलाशी के दौरान लाखों का सामान बरामद
विस्तार
यूपी के झांसी में पीएसी का एक जवान अपनी पत्नी के साथ मिलकर ट्रेन से यात्रियों का सामान चुराता था। वर्दी को दागदार करने वाले इस पीएसी जवान और उसकी पत्नी को आरपीएफ और जीआरपी ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी दंपति ने कई चोरियों का खुलासा किया है। उनके घर से चोरी का लाखों का सामान बरामद कर लिया गया है।
रविवार की रात झांसी स्टेशन पर खड़ी गाड़ी संख्या 12192 अप श्रीधाम एक्सप्रेस के एटू कोच की बर्थ संख्या 25 पर सवार गुड़गांव निवासी शिवांगी चौहान का पर्स चोरी हो गया था। ट्रेन के ग्वालियर पहुंचने पर महिला ने जीआरपी थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उन्होंने वर्दी पहने एक व्यक्ति को झांसी में ट्रेन से उतरते हुए देखा था। इस बात की जानकारी होने पर आरपीएफ-जीआरपी ने बदमाश की तलाश शुरू कर दी।
आरपीएफ ने अपने थाने में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। फुटेज में एक खाकी वर्दीधारी एटू कोच से उतरता दिखाई दिया। वह एक पर्स लिए मुंबई एंड की तरफ जाता हुआ दिखाई दिया। इससे संभावना जताई गई कि अगर संदिग्ध वर्दीधारी ही चोर है तो वह स्टेशन पर दुबारा चोरी करने जरूर आएगा। रात में ड्यूटी स्टाफ, वेंडरों और कुलियों को वर्दीधारी की तस्वीर दिखाकर सतर्क कर दिया गया।
रणनीति बनाकर पकड़ा चोर
इत्तिफाक से वर्दीधारी जवान दूसरी रात भी उस गाड़ी में दुबारा चोरी करने आ गया। सुबह 4.30 बजे प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेन में वह एक कोच से दूसरे कोच में जा रहा था। मौके पर मौजूद आरपीएफ उपनिरीक्षक अमित मीणा, जीआरपी एसओजी प्रभारी संजय कुमार सिंह आदि की निगाह उस पर पड़ गई।
वर्दीधारी जवान को शक हुआ तो वह ट्रेन से उतरकर प्लेटफार्म एक से होकर बाहर जाने लगा, मगर उसे इसी बीच दबोच लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम धीरेंद्र बाबू शर्मा पुत्र उजियारे लाल शर्मा निवासी ग्राम बढ़इनपुरवा सिमरा मऊ का मजरा थाना रूरा जिला कानपुर देहात और हाल पता राजगढ़ थाना प्रेमनगर बताया।
जांच में पता लगा कि वह 33वीं वाहिनी पीएसी राजगढ़ में आरक्षी के पद पर तैनात है।
बुधवार को पुलिस अधीक्षक (रेलवे) किरीट राठौर और आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त आशीष मिश्र ने बताया कि आरोपी लंबे समय से ट्रेनों में चोरियां कर रहा था। कई बार वह चोरी की घटना को अंजाम देने में पत्नी का भी सहारा लेता था। चोरी करने के बाद पर्स आदि को पत्नी को सौंपकर अलग हो जाता था।
महिलाओं के जेवर, मोबाइल फोन और नकदी समेत लाखों का सामान बरामद
किराए के मकान में हर संसाधन था मौजूद
आरोपी धीरेंद्र बाबू शर्मा ने वर्ष 1998 में पीएसी की नौकरी पायी थी। वह वर्ष 2008 से 33वीं पीएसी राजगढ़ में तैनात था। उसने राजगढ़ में ही प्रदीप कुमार के मकान में किराए का मकान ले रखा था। ट्रेनों में चोरियां कर काली कमाई से उसने अपने घर में सुविधा के सभी संसाधन जुटा रखे थे। आरोपी की दो बेटी और एक बेटा है। जीआरपी के अनुसार आरोपी जुआ और शराब का भी आदी है। पिछले पंद्रह दिन से वह ड्यूटी पर भी नहीं जा रहा था।