नकली 'हिजड़ा' बनकर करते थे यात्रियों से वसूली, क्राइम ब्रांच ने रंगे हाथ धरा
- काशी एक्सप्रेस में महिलाओं के कपड़े पहनकर वसूली करते पकड़े गए चार आरोपी
- आरपीएफ की क्राइम ब्रांच ने पकड़ा रंगे हाथ, अब रेलवे एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
विस्तार
इसे बढ़ती बेरोजगारी कहें या फिर पैसा कमाने का नया तरीका। जो भी है युवाओं के लिए बेहद ही निराशाजनक है। पैसा कमाने के लिए लोग अब हिजड़ा बनने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। ये महिलाओं के कपड़े पहन कर ट्रेनों में ताली बजाते हुए यात्रियों से वसूली करते हुए कभी भी देखे जा सकते हैं।
जबरन वसूली करने वाले ऐसे लोगों से यात्री खासे परेशान हैं। यात्रियों की शिकायत पर बृहस्पतिवार को आरपीएफ की क्राइम ब्रांच ने महिला वेश में यात्रियों से वसूली करने वाले लोगों की घेराबंदी की। इस दौरान काशी एक्सप्रेस में चार तथाकथित हिजड़े पकड़े गए।
आरपीएफ क्राइम ब्रांच प्रभारी संजय पांडे ने बताया कि पकड़े गए चारों पुरुष हैं, जो महिलाओं का वेश धारण कर ट्रेनों में यात्रियों से वसूली करते हैं।
'बेरोजगारी की वजह से नकली हिजड़ा बन करते हैं वसूली'
आरपीएफ की क्राइम ब्रांच को लंबे समय से सूचना मिल रही थी नैनी से इलाहाबाद की ओर आने वाली ट्रेनों में कुछ लोग महिलाओं के कपड़े पहनकर यात्रियों से जबरन वसूली करते हैं और जंक्शन के पहले आउटर पर उतर जाते हैं।
लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए आरपीएफ क्राइम ब्रांच की टीम बृहस्पतिवार की सुबह नैनी स्टेशन से इलाहाबाद आ रही काशी एक्सप्रेस में सवार हो गई। जनरल कोच में जांच के दौरान टीम ने कुल चार लोगों को रंगे हाथ पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि वसूली करने वाले छह अन्य लोग वहां से भाग गए।
क्राइम ब्रांच प्रभारी संजय पांडेय ने बताया पकड़े गए लोग महिला वेश में यात्रियों से वसूली कर रहे थे। पूछताछ के दौरान इन लोगों ने अपने नाम रज्जू, बिल्लो, शबनम एवं आंचल बताए। बताया कि ऐसे लोगों की धरपकड़ का अभियान अभी जारी रहेगा। आज जो चार लोग पकड़े गए इनके खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।