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MP News: अपराधियों की संपत्ति कुर्क करने में पीछे न रहें, जानें आपकी सुरक्षा के लिए CM ने दिए क्या निर्देश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Fri, 12 Jun 2026 09:14 PM IST
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सार
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, साइबर अपराधों पर नियंत्रण और शिक्षा संस्थानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
 

MP News: Do not hold back in attaching the assets of criminals; find out the instructions the CM has issued fo
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को पूरी सक्रियता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों के आसपास छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को रोकना प्राथमिकता होनी चाहिए और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। 

शुक्रवार को मंत्रालय में आयोजित गृह विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय में पुलिस बल के सामने नई चुनौतियां हैं। इनसे निपटने के लिए पुलिस को आधुनिक संसाधन और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि अपराधों की जांच करने वाले विवेचना अधिकारियों को विशेष अन्वेषण भत्ता देने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इसके लिए अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं का अध्ययन भी किया गया है।
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सायबर अपराधों पर सख्ती
बैठक में बढ़ते साइबर अपराधों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गृह विभाग आईटी विशेषज्ञों और कंसल्टेंट की सेवाएं जल्द से जल्द लेने की प्रक्रिया शुरू करे। सोशल मीडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के दुरुपयोग से जुड़े अपराधों की निगरानी के लिए राज्य साइबर सेल को मजबूत करने पर भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि विवेचना अधिकारियों को अपराध स्थल तक पहुंचने, साक्ष्य जुटाने, गवाह और पीड़ित के परिवहन, फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी और डिजिटल साक्ष्य संग्रह जैसे कार्यों में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। इन जरूरतों को देखते हुए मध्यप्रदेश में भी जांच अधिकारियों के लिए भत्ता लागू करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। 

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सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर चर्चा
बैठक में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि भीड़ प्रबंधन, कानून व्यवस्था, वीआईपी सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और आपदा प्रबंधन के लिए अभी से ठोस तैयारी की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि उज्जैन में कंट्रोल रूम और अन्य व्यवस्थाओं को अस्थायी नहीं, बल्कि स्थायी अधोसंरचना के रूप में विकसित किया जाए।  मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के कई नवाचारों की तारीफ की। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई, सड़क दुर्घटनाएं कम करने के प्रयास, आपदा मित्रों के प्रशिक्षण, एयर एम्बुलेंस सहयोग और सैनिक कल्याण के क्षेत्र में किए गए कार्यों को सराहनीय बताया। साथ ही खुले में मांस विक्रय पर प्रतिबंध और तेज ध्वनि वाले स्पीकरों के नियंत्रण के निर्देशों का सख्ती से पालन जारी रखने को कहा।

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नई व्यवस्थाओं पर भी हुआ विचार
बैठक में मध्यप्रदेश पुलिस चयन एवं भर्ती बोर्ड के गठन, जिला स्तर पर सीन ऑफ क्राइम मोबाइल यूनिट शुरू करने, वीवीआईपी ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को विशेष भत्ता देने और सेफगार्ड एमपी जैसी AI आधारित सुरक्षा प्रणाली विकसित करने जैसे प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। इस प्रणाली का उद्देश्य बुजुर्गों, महिलाओं और कमजोर वर्गों की सुरक्षा को बेहतर बनाना है।

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मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश
- पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग करें।
- स्कूल-कॉलेजों के आसपास छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं।
- महिलाओं और कमजोर वर्गों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
- भू-माफिया और संगठित अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जरूरत पड़ने पर संपत्ति कुर्क की जाए।
- ई-चालान और ई-साक्ष्य जैसी तकनीकों का अधिकतम उपयोग किया जाए।
- नशा विरोधी अभियान लगातार चलाया जाए और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता बढ़ाई जाए।
- पुलिसकर्मियों के लिए आवास की बेहतर व्यवस्था की जाए और पुलिस हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से नए मकान बनाए जाएं।
- सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए हेलमेट के उपयोग को बढ़ावा देने में पुलिस सक्रिय भूमिका निभाए।
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