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9000 लोगों को रोजगार देगा ग्रीन हाईवे प्रोजेक्ट, पहले चरण में 10 जिलों में शुरू होगा काम
महेंद्र तिवारी, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 03 Jan 2018 09:20 PM IST
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प्रदेश सरकार ‘ग्रीन हाईवे’ प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत फल व सब्जी मंडी से निकलने वाले कचरे, नगरीय कचरे, चीनी मिलों के प्रेसमड और फसलों के अपशिष्ट से सीएनजी गैस का उत्पादन होगा।
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पुणे की एक कंपनी ने इस प्रोजेक्ट पर 200 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव किया है। इससे करीब 9,000 लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फल और सब्जी मंडी से निकलने वाला कचरा शहरों की गंदगी का एक बड़ा कारण है।
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इसके अलावा शहरों से निकलने वाले कचरे का निस्तारण भी समस्या बना हुआ है। पुणे की निजी कंपनी ने इन कचरों के साथ ही चीनी मिलों के प्रेसमड से सीएनजी उत्पादन का प्रस्ताव किया है। हर जिला मुख्यालय पर 120 टन का प्लांट लगाने की योजना है।
कानपुर में पायलट प्रोजेक्ट के तहत काम शुरू
इससे प्रतिदिन प्रति यूनिट पांच टन सीएनजी और 28 से 30 टन बायो मैन्योर का उत्पादन होगा। सीएनजी वाहनों में इस्तेमाल होगी तो बायो मैन्योर आर्गेनिक खेती के काम आएगी। पूरा निवेश प्राइवेट सेक्टर का होगा। राज्य जैव ऊर्जा विकास बोर्ड इसमें तकनीकी व नीतिगत सहयोग देगा।
अधिकारी ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कंपनी ने यह काम कानपुर में शुरू कर दिया है। इसके लिए चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय व कंपनी के बीच एमओयू हो चुका है। पहले चरण में 200 करोड़ रुपये का निवेश होगा। प्रति यूनिट 18-20 करोड़ का खर्च आएगा।
इससे 10 जिलों में सीएनजी उत्पादन की यूनिट शुरू हो सकेगी। यूनिट तीनों शिफ्ट में काम करेगी। एक यूनिट में 150 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इस काम से पांच गुना अप्रत्यक्ष रोजगार मिलता है।
इस तरह करीब 750 लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रति यूनिट 900 लोगों को इससे काम के अवसर मिलेंगे। 10 यूनिट का काम शुरू होने से करीब 9,000 लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
अधिकारी ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कंपनी ने यह काम कानपुर में शुरू कर दिया है। इसके लिए चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय व कंपनी के बीच एमओयू हो चुका है। पहले चरण में 200 करोड़ रुपये का निवेश होगा। प्रति यूनिट 18-20 करोड़ का खर्च आएगा।
इससे 10 जिलों में सीएनजी उत्पादन की यूनिट शुरू हो सकेगी। यूनिट तीनों शिफ्ट में काम करेगी। एक यूनिट में 150 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इस काम से पांच गुना अप्रत्यक्ष रोजगार मिलता है।
इस तरह करीब 750 लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रति यूनिट 900 लोगों को इससे काम के अवसर मिलेंगे। 10 यूनिट का काम शुरू होने से करीब 9,000 लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
इन 10 जिलों मे लगेगी यूनिट
लखनऊ, सीतापुर, उन्नाव, शाहजहांपुर, बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, हापुड़ और गाजियाबाद।
ग्रास की सीजनल खेती कर किसान करेंगे कमाई
चूंकि यह यूनिट पूरे साल चलेगी। इसलिए 30 दिन, 12 महीने के लिए कचरे, चीनी मिलों के प्रेसमड की जरूरत होगी। मिलें कुछ महीने ही चलती हैं। इस नाते काम जारी रखने के लिए सड़कों के किनारे और नहरों व नदियों के पास की जमीन पर सीजनल एलीफैंट ग्रास, स्विच ग्रास की खेती कराई जाएगी।
प्राय: ऐसी जमीनों पर कोई खेती नहीं हो पाती। किसानों को इससे कोई आय भी नहीं होती। ऑफ टाइम ऐसी जमीन पर काम से किसानों को अतिरिक्त आय मिलेगी। योगी सरकार किसानों की आय दोगुना करना चाहती है। अत: जैव ऊर्जा विकास बोर्ड ने यह पहल की है।
ग्रास की सीजनल खेती कर किसान करेंगे कमाई
चूंकि यह यूनिट पूरे साल चलेगी। इसलिए 30 दिन, 12 महीने के लिए कचरे, चीनी मिलों के प्रेसमड की जरूरत होगी। मिलें कुछ महीने ही चलती हैं। इस नाते काम जारी रखने के लिए सड़कों के किनारे और नहरों व नदियों के पास की जमीन पर सीजनल एलीफैंट ग्रास, स्विच ग्रास की खेती कराई जाएगी।
प्राय: ऐसी जमीनों पर कोई खेती नहीं हो पाती। किसानों को इससे कोई आय भी नहीं होती। ऑफ टाइम ऐसी जमीन पर काम से किसानों को अतिरिक्त आय मिलेगी। योगी सरकार किसानों की आय दोगुना करना चाहती है। अत: जैव ऊर्जा विकास बोर्ड ने यह पहल की है।
ये होंगे फायदे
- सीएनजी उत्पादन से पेट्रोल और डीजल की खपत कम होगी
- सरकार के पर्यावरण सुधारने के प्रयासों को बल मिलेगा
- किसानों के लिए अतिरिक्त आय के स्रोत बढ़ेंगे
- स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होगा, पलायन रुकेगा
बोर्ड ने शुरू की कार्रवाई
यूपी के जैव ऊर्जा विकास बोर्ड के सदस्य संयोजक एवं समन्वयक पीएस ओझा ने कहा कि मुख्य सचिव राजीव कुमार की अध्यक्षता में हाल में राज्य जैव ऊर्जा विकास बोर्ड की बैठक हुई थी। इसमें इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने इस पर तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने प्राथमिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
- सरकार के पर्यावरण सुधारने के प्रयासों को बल मिलेगा
- किसानों के लिए अतिरिक्त आय के स्रोत बढ़ेंगे
- स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होगा, पलायन रुकेगा
बोर्ड ने शुरू की कार्रवाई
यूपी के जैव ऊर्जा विकास बोर्ड के सदस्य संयोजक एवं समन्वयक पीएस ओझा ने कहा कि मुख्य सचिव राजीव कुमार की अध्यक्षता में हाल में राज्य जैव ऊर्जा विकास बोर्ड की बैठक हुई थी। इसमें इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने इस पर तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने प्राथमिक कार्रवाई शुरू कर दी है।