सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   smarak karmi on strike

वेतन के लिए राज्य मंत्री काे घेरा

ऋषि मिश्र/लखनऊ Updated Sun, 27 Oct 2013 02:02 AM IST
विज्ञापन
smarak karmi on strike
विज्ञापन
वेतन न मिलने से नाराज स्मारक कर्मियों का कार्य बहिष्कार का पहला दिन शनिवार को जोरदार रहा। आंदोलन कानपुर रोड स्थित बौद्ध विहार शांति उपवन के कार्यालय तक पहुंच गया।
Trending Videos


दोपहर बाद कई अधिकारियों को प्रशासनिक भवन के भीतर ही घेर लिया गया। ढाई घंटे तक न तो प्रशासनिक भवन के बाहर कोई जा सका और न ही अंदर।

इसके बाद सीओ कैंट बबिता सिंह ने मौके पर पहुंच कर्मचारियों को समझाया और बंद किए गए लोगों को बाहर निकाला।

मालूम हो कि स्मारक संरक्षण समिति के कर्मचारियों का वेतन बजट पास हो जाने के बावजूद फंसा हुआ है। दो महीने से उनको वेतन नहीं मिला है।

इससे नाराज डॉ. भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल के सैकड़ों कर्मचारी शुक्रवार दोपहर सड़क पर उतर आए थे। पार्क के ठीक सामने की सड़क पर इन कर्मचारियों ने नारेबाजी की थी और शनिवार से कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्मारक संरक्षण समिति के करीब 5300 कर्मचारियों के लिए साल भर का बजट सरकार ने पास कर दिया है। इस बजट में से महीने का बजट करीब साढ़े छह करोड़ रुपये है।

मगर पिछले दो महीने से कर्मचारियों को उनका वेतन नहीं दिया गया है। सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी शनिवार दोपहर साढ़े तीन बजे बाद बौद्ध विहार शांति उपवन प्रशासनिक केंद्र पहुंचे।

यहां उन्होंने न तो किसी को अंदर जाने दिया और न ही बाहर आने दिया। यहां राज्य मंत्री राहत सिंह चौधरी किसी काम से आए थे, उनको भी कर्मचारियों ने बाहर नहीं आने दिया।

शाम छह बजे इस बात की सूचना सीओ कैंट बबिता सिंह को मिली। वे दलबल के साथ मौके पर पहुंची और कर्मचारियों को समझाया कि वे अपने वेतन की मांग को उचित फोरम पर उठाएं। साथ ही उन्होंने सभी प्रबंधकों और मंत्री को यहां से बाहर निकाला।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed