मजाक बनी पॉलीटेक्निक परीक्षा, पेपर फिर लीक, 20 सस्पेंड
पॉलीटेक्निक की मैथ्स का पेपर एक बार फिर लीक हो गया। इसके चलते प्राविधिक शिक्षा परिषद ने परीक्षा निरस्त कर दी है। पेपर बृहस्पतिवार को होना था, लेकिन एक दिन पहले ही प्रथम वर्ष एप्लाइड मैथमेटिक्स का पेपर गाजियाबाद में लीक हो गया।
यह वहीं पेपर है, जो पहले 16 मई को होना था। तब यह पेपर 13 मई को ही मथुरा से लीक हो गया था जिसके चलते परीक्षा निरस्त करनी पड़ी थी। इस मामले में सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव समेत 20 अधिकारियों व कर्मचारियों को निलंबित कर दिया।
मामले की जांच विशेष सचिव याद अली को सौंपी गई है। इस सत्र में पॉलीटेक्निक परीक्षा में तीन बार पेपर लीक हो चुका है। मैथ्स के अलावा फर्स्ट ईयर अप्लाइड फिजिक्स का पेपर लीक हुआ था।
प्राविधिक शिक्षा परिषद के परीक्षा अधीक्षक सुरेंद्र बहादुर को निलंबित करने के लिए परिषद अध्यक्ष को संस्तुति भेजी गई है।
इन्हें किया गया निलंबित
गाजियाबाद स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक पर परीक्षा के एक दिन पहले ही एप्लाइड मैथ के पेपर का पैकेट खोलने के मामले में प्रमुख सचिव ने प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव एसके सिंह, मेरठ क्षेत्र के संयुक्त निदेशक, केंद्र अधीक्षक व प्रधानाचार्य समेत 20 को निलंबित कर दिया।
पर्चा लीक नहीं, गलत पैकेट खुला: परिषद
प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव एसके सिंह ने कहा कि बृहस्पतिवार को एप्लाईड मैथेमेटिक्स का पेपर होना था, लेकिन एक दिन पहले राजकीय पॉलीटेक्निक गाजियाबा में गलत पैकेट खुलने से इसे निरस्त करना पड़ा। पेपर लीक नहीं हुआ।
पूरे दिन छुपाए रखी बात
पेपर लीक होने की जानकारी परिषद के अधिकारियों को बुधवार दिन में ही मिल गई थी, लेकिन वे इसे छिपाने में ही जुटे रहे। वे समय रहते परीक्षा निरस्त करने का निर्णय नहीं ले सके। अगर वे समय पर निर्णय ले लेते तो सभी केंद्रों पर एक दिन पहले ही पेपर निरस्त होने की सूचना पहुंच जाती। इससे छात्र-छात्राओं को परीक्षा केंद्र तक आने की दिक्कत न उठानी पड़ती।
कार्यप्रणाली पर सवाल: तीन बार लीक हो चुका है पेपर
लगातार तीन बार पेपर लीक होने से परिषद की छवि और कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे है। एप्लाइड मैथ और फिजिक्स के पेपर इससे पहले मथुरा के शहजादपुर पीडी फराह स्थित एडीफाई पॉलीटेक्निक संस्थान से लीक हुए थे।
इस मामले में वहां के स्थायी पर्यवेक्षक आरपी शुक्ल को लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया था। इसके बाद से परिषद ने सभी केंद्रों को अधिक एहतियात बरतने के निर्देश दिए थे, लेकिन फिर भी पेपर लीक का प्रकरण न रुक पाया।