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शहीद का अंतिम संस्कार : छोटे भाई महेश ने दी शहीद को मुखाग्नि, गोमती नदी के हथिया घाट पर बड़ी संख्या में जुटे लोग

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमेठी Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 16 Sep 2021 07:20 PM IST
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सार

शहीद की यात्रा में शामिल लोगों ने लगातार हो रही बरसात की भी परवाह नहीं की। सुबह से दोपहर तक दुर्गापुर व रामगंज बाजार में निकली अंतिम यात्रा के बाद अपरान्ह एक बजे शहीद का शव सुल्तानपुर के गोमती नदी घाट पर स्थित हथिया घाट ले जाया गया।

Martyr's funeral: Younger brother Mahesh lit the martyr, people gathered in large numbers at Hathiya Ghat of Gomti river
सुल्तानपुर के हथिया घाट पर शहीद फौजी का शव लेकर पहुंचे लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

चार दिन पूर्व श्रीनगर के ख्वाडा सेक्टर में शहीद होने वाले दिनेश कसौधन का पार्थिव शरीर बुधवार देर रात घर पहुंचा। दिनेश का पार्थिव शरीर आने के बाद लोगों का हुजूूम उमड़ पड़ा। बुधवार रात से लेकर बृहस्पतिवार दोपहर तक लोग उनके घर के सामने डटे रहे। बृहस्पतिवार दोपहर बाद दिनेश के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार सैनिक सम्मान के साथ सुल्तानपुर के हथिया घाट पर किया गया। अंतिम संस्कार के समय बड़ी संख्या लोग मौजूद रहे।

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श्रीनगर के ख्वाडा सेक्टर में सोमवार को अपने प्राणों की आहुति देने वाले सेना के जवान दिनेश कसौधन का पार्थिव शरीर बुधवार रात झमाझम बरसात के बीच उनके पैतृक गांव दुर्गापुर पहुंचा। दिनेश का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो चार दिन से रोते-रोते सूख चुके आंसू फिर बह निकले। पार्थिव शरीर घर आने की सूचना सार्वजनिक हुई तो देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंच गए। परिवार वालों के साथ दूर दराज से आए लोगों  ने भी शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। बृहस्पतिवार सुबह भारी बरसात के बीच उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई तो बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। घाट पर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच शहीद के छोटे भाई महेश कसौधन ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी।
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चार किलोमीटर निकली यात्रा
शहीद दिनेश कसौधन का पार्थिव शरीर बुधवार रात घर पहुंचा। लगातार हो रही बारिश के बावजूद गुरुवार सुबह उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। दुर्गापुर से रामगंज तक निकली यात्रा में लोग चार किलोमीटर तक पैदल चलते रहे। बड़ी संख्या में हाथों में तिरंगा लिए लोग भारत माता की जय का नारा लगाते रहे। इस दौरान जगह-जगह शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पवर्षा भी हुई।

अंतिम दर्शन को उमड़ी भीड़
शहीद दिनेश कसौधन का शव तीन दिन बाद घर पहुंचने पर अंतिम दर्शन के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। बुधवार रात से लेकर गुरुवार सुबह अंतिम यात्रा निकालने तक लोगों की भीड़ जमा रही। हर कोई शहीद के शव का अंतिम दर्शन करने को आतुर नजर आया। इस दौरान कांग्रेस नेता मुन्ना सिंह, डॉ. अरविंद चतुर्वेदी, सुनील सिंह व भाजपा नेता अनंत विक्रम सिंह, ब्लॉक प्रमुख भेटुआ आकर्ष शुक्ल समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

मां से बहुत प्यार करते थे दिनेश
शहीद के बड़े भाई ओम प्रकाश ने बताया कि दिनेश मां शारदा देवी से बहुत प्यार करते थे। रक्षा बंधन में अवकाश पर आए दिनेश लखनऊ में परिवार को छोड़कर सप्ताह भर गांव में आकर मां के पास रहे। बताया कि जाते समय दिनेश ने मुझे मां की देखभाल अच्छे से करने को कहा। वे लगातार फोनकर मां का हालचाल लेते रहते थे।

थम नहीं रहे मां के आंसू
शहीद दिनेश के मौत की सूचना मिलने के बाद से मां शारदा देवी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। गुरुवार सुबह जब बेटे का पार्थिव शरीर लेकर अंतिम दर्शन करने के लिए लोग निकले तो मां यह कहकर एक बार फिर बिलख पड़ी कि तुमने कहा था कि जल्दी आऊंगा। इस बार नहीं बताया कि अब कब लौटोगे।

पत्नी ने शहादत पर जताया फख्र
उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर कार्यरत शहीद दिनेश की पत्नी गायत्री ने पति की शहादत पर फख्र जताते हुए कहा कि देश की सेवा में शहीद होना सबकी किस्मत में नहीं होता है। कहा कि वह अपने पुत्र आदित्य को भी सेना में भर्ती कराएंगी। शव घर आने के बाद से पत्नी गायत्री का रो-रोकर बुरा हाल है। वह कभी पति के शव को निहारती तो कभी रोते-रोते गुमसुम हो जाती है।     

पिता की मौत से अनजान दोनों मासूम
शहीद दिनेश के दो संतानें हैं। सबसे बड़ी सात वर्षीय पुत्री परी तथा चार वर्षीय बेटा आदित्य है। पिता की मौत से जहां परिवार के साथ पूरा क्षेत्र गम में है वहीं दोनों मासूम इससे अनभिज्ञ हैं। कभी तिरंगे में लिपटे पिता के शव को देखते तो कभी रोती मां के गले से लिपट जाते हैं। यह मां से पूछते हैं कि पापा को क्या हो गया। वह कब आएंगे।

डीएम ने दिया 50 लाख का चेक
दिनेश की शहादत पर सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा एक सड़क मार्ग शहीद के नाम से कराने की घोषणा की थी। शहीद का पार्थिव शरीर आने के बाद गुरुवार को शहीद के घर पहुंचे डीएम अरुण कुमार ने 35 लाख रुपये का चेक पत्नी गायत्री तो 15 लाख रुपये का चेक मां शारदा देवी को दिया। डीएम ने शहीद के परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया। चेक देने से पहले डीएम व एसपी ने पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र चढ़ाकर उन्हें सैल्यूट किया।

शहीद स्मारक बनाने की मांग
शहीद का शव घर आने के बाद गुरुवार सुबह डीएम अरुण कुमार व एसपी दिनेश सिंह शहीद के घर पहुंचे थे। इस दौरान मौजूद ग्रामीणों ने डीएम से शहीद के घर के सपीम ग्राम सभा की भूमि पर शहीद स्मारक बनवाने की मांग की।

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