गायत्री प्रजापति और उनके दो साथियों की रेप केस में अंतरिम राहत की अपील खारिज
गैंगरेप के मामले में गायत्री और उसके साथी अमरेंद्र उर्फ पिंटू और विकास की गिरफ्तारी रोकने के लिए आरोपी पक्ष ने प्रार्थना पत्र दिया था। आज इस पर सुनवाई हुई और हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 26 मई मुकर्रर की है। आरोप पिंटू और विकास बेल मिलने के बाद से फरार हैं।
बता दें कि चित्रकूट की महिला से गैंगरेप तथा नाबालिग पुत्री के साथ दुराचार के प्रयास के आरोपी पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के साथियों अमरेंद्र सिंह उर्फ पिंटू तथा विकास वर्मा के खिलाफ अदालत ने गुरुवार को गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश उमाशंकर शर्मा ने विकास के जमानतदार व्यास वर्मा व प्रियंका निरंजन और अमरेंद्र के जमानतदार स्वतंत्र विजय व शशि सिंह को भी नोटिस जारी किया था।
अदालत ने कहा कि जमानतदारों ने 18 मई तक दोनों आरोपियों को कोर्ट में हाजिर नहीं किया तो उनके जमानतनामे जब्त कर लिए जाएंगे।
विवेचना के दौरान ही जेल में बंद पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति व उसके दो साथियों विकास वर्मा व अमरेंद्र सिंह को पॉक्सो एक्ट के तत्कालीन विशेष न्यायाधीश ओमप्रकाश मिश्रा ने जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी किया था। इस पर अमरेंद्र व विकास को जेल से रिहाई मिल गई थी।
इस आदेश को शासन ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी जिस पर हाईकोर्ट ने 28 अप्रैल को इस जमानत आदेश पर रोक लगा दी थी।
अर्जी में विवेचक ने आरोपियों के खिलाफ कुर्की का आदेश जारी करने की भी मांग की थी। कोर्ट ने कुर्की का आदेश जारी करने से इन्कार करते हुए कहा कि दोनों आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाए।