{"_id":"5cfbca9abdec2206fd72d935","slug":"kgmu-didn-t-admit-injured-boy-now-missing-family-persons-searching","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सिविल अस्पताल से केजीएमयू भेजा गया घायल किशोर हुआ लापता, मेरठ से तलाशने आए परिवारीजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिविल अस्पताल से केजीएमयू भेजा गया घायल किशोर हुआ लापता, मेरठ से तलाशने आए परिवारीजन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Sat, 08 Jun 2019 10:19 PM IST
विज्ञापन
जख्मी हालत में लापता हुआ बच्चा
- फोटो : अमर उजला
विज्ञापन
डालीबाग में 17 दिन पहले सड़क हादसे में जख्मी किशोर को लावारिस हालत में सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, वहां से उसे केजीएमयू भेजा गया, लेकिन अब उसका कुछ भी पता नहीं चल रहा है। इस बात की जानकारी तब हुई जब किशोर के पिता अपने घायल बेटे का वायरल वीडियो देखकर सिविल अस्पताल पहुंचे।
मेरठ मंजूर नगर जैदी फॉर्म के रहने वाले हसनैन हैदर का बेटा मीनाल (13) करीब पांच माह पहले घर से लापता हो गया था। पिता का कहना है कि उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं है। बच्चे की कई दिन तक तलाश किया मगर वह नहीं मिला। इसके बाद घरवालों ने नौचंदी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
बीते माह 22 मई को हजरतगंज क्षेत्र के डालीबाग में सड़क हादसे में बच्चा घायल हो गया। उसके सिर पर गंभीर चोट आई थी। लोगों ने उसे लावारिस में सिविल अस्पताल में दाखिल कराया था। घायल बेटे का वीडियो वायरल होने बाद पिता मेरठ से उसे तलाशते शनिवार को लखनऊ आए।
वह सिविल अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में उन्हें बेटे को केजीएमयू भेजने की जानकारी मिली, वह केजीएमयू पहुंचे तो उन्हें उनका बेटा नहीं मिला। अब वह सिविल, केजीएमयू व बलरामपुर अस्पताल में दिनभर बेटे की तलाश में भटकते रहे। पिता का कहना है कि बच्चा यहां तक भटकता हुआ कैसे आया, अभी इसकी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
Trending Videos
मेरठ मंजूर नगर जैदी फॉर्म के रहने वाले हसनैन हैदर का बेटा मीनाल (13) करीब पांच माह पहले घर से लापता हो गया था। पिता का कहना है कि उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं है। बच्चे की कई दिन तक तलाश किया मगर वह नहीं मिला। इसके बाद घरवालों ने नौचंदी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीते माह 22 मई को हजरतगंज क्षेत्र के डालीबाग में सड़क हादसे में बच्चा घायल हो गया। उसके सिर पर गंभीर चोट आई थी। लोगों ने उसे लावारिस में सिविल अस्पताल में दाखिल कराया था। घायल बेटे का वीडियो वायरल होने बाद पिता मेरठ से उसे तलाशते शनिवार को लखनऊ आए।
वह सिविल अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में उन्हें बेटे को केजीएमयू भेजने की जानकारी मिली, वह केजीएमयू पहुंचे तो उन्हें उनका बेटा नहीं मिला। अब वह सिविल, केजीएमयू व बलरामपुर अस्पताल में दिनभर बेटे की तलाश में भटकते रहे। पिता का कहना है कि बच्चा यहां तक भटकता हुआ कैसे आया, अभी इसकी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
लावारिस मरीजों का हाल लेने वाला कोई नहीं
परिवारीजन
- फोटो : अमर उजला
केजीएमयू से लेकर सरकारी अस्पतालों में भर्ती होने वाले लावारिस मरीजों का हाल लेने वाला कोई नहीं है। भर्ती के बाद मरीजों का स्टाफ तक वार्ड में झांकने नहीं जाते हैं। ऐसे में मरीज कभी बेड से नीचे पड़े रहते हैं तो कभी खुद ही उठकर रोड पर पहुंच जाते हैं।
मामले का पता लगाएंगे
अस्पताल में कई लावारिस मरीज आते हैं। बिना रिकार्ड चेक किए बताना मुश्किल होगा। मामले में बारे में पता कराया जाएगा।
डॉ. एचएस दानू, निदेशक, सिविल अस्पताल
बीते माह एक लावारिस बच्चा न्यूरो सर्जरी विभाग में भर्ती हुआ था। उसके घरवाले 17 मई को इलाज के बाद लेकर चले गए। मामला जानकारी में नहीं है, पता कराया जाएगा।
डॉ. बीके ओझा, चिकित्सा अधीक्षक, केजीएमयू
मामले का पता लगाएंगे
अस्पताल में कई लावारिस मरीज आते हैं। बिना रिकार्ड चेक किए बताना मुश्किल होगा। मामले में बारे में पता कराया जाएगा।
डॉ. एचएस दानू, निदेशक, सिविल अस्पताल
बीते माह एक लावारिस बच्चा न्यूरो सर्जरी विभाग में भर्ती हुआ था। उसके घरवाले 17 मई को इलाज के बाद लेकर चले गए। मामला जानकारी में नहीं है, पता कराया जाएगा।
डॉ. बीके ओझा, चिकित्सा अधीक्षक, केजीएमयू
