समीक्षा बैठक: केंद्रीय शिक्षा मंत्री बोले- यूपी के गौरव पथ अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बेसिक, माध्यमिक, उच्च, प्राविधिक व व्यवासायिक शिक्षा विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि एनईपी लागू करने व शिक्षकों के खाली पद भरने में उत्तर प्रदेश काफी आगे है।
विस्तार
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यूपी में मेधावी विद्यार्थियों के नाम पर बनाए जा रहे गौरव पथ अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय हैं। इससे ग्रामीण व अन्य क्षेत्रों के प्रतिभावान छात्रों को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने कहा कि दूसरे देशों में भी केंद्रीय विश्वविद्यालयों की शाखाएं खोली जाएंगी। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में इसके लिए समुचित प्रावधान हैं। यूपी में योगी सरकार के कार्यकाल में ढाई से तीन लाख शिक्षकों की भर्ती पर कहा कि शायद ही कहीं और शिक्षकों की इतनी भर्तियां हुई हों।
धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को राज्य के बेसिक, माध्यमिक, उच्च, प्राविधिक एवं व्यावसायिक शिक्षा विभाग के कामकाज की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि यूपी में 5 करोड़ विद्यार्थी होने के नाते यह राज्य हमारे लिए काफी अहम है। यूपी की तरक्की के बिना राष्ट्र की तरक्की की कल्पना भी नहीं की जा सकती। शनिवार को राज्य व केंद्र के अधिकारियों के साथ की गई समीक्षा में सामने आया कि यूपी में सही मायनों में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू किया जा रहा है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सुधारवादी सरकार है। यूपी में सुशासन होने पर ही देश में सुशासन होगा। राज्य सरकार के प्रयासों का परिणाम है कि यहां छात्रों के ड्रॉप आउट रेट में काफी कमी आई है। यहां शिक्षा को कौशल विकास से जोड़ने का सराहनीय काम भी हुआ है। उच्च शिक्षा में तो यह कार्य काफी अच्छे ढंग से हो रहा है। यहां एनसीसी में बालिकाओं को महत्व दिया जा रहा है, जो कि महिला सशक्तीकरण का परिचायक है। कस्तूरबा स्कूलों को भी यहां 8वीं से बढ़ाकर 12वीं कक्षा तक किया गया है।
प्रधान ने कहा कि शिक्षा हमारी समवर्ती सूची में है। इसलिए एनसीईआरटी के साथ यूपी के पाठ्यक्रमों को जोड़ते हुए आसानी से किताबें मुहैया कराई जा रही हैं। योगी सरकार ने स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में बड़े सुधारवादी कदम उठाए हैं। यह पहला राज्य है, जिसने फी रेग्युलेशन एक्ट बनाया। इससे आम परिवारों के विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा मिल रही है। न्यायालय ने भी इसकी प्रशंसा की है। इस अवसर पर प्राविधिक शिक्षा मंत्री जितिन प्रसाद, राज्य मंत्री सतीश द्विवेदी व गुलाबो देवी भी मौजूद रहे।
प्रशासनिक सुविधाओं के लिए होगी दिल्ली में बैठक
उन्होंने कहा कि राज्य के अधिकारियों ने कुछ प्रशासनिक सहूलियतें मांगी हैं। इसका समाधान निकालने के लिए जल्द ही दिल्ली में यहां के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। साढ़े चार साल में यूपी में कई मामलों में बेंचमार्क स्थापित हुआ है। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने के लिए भी यहां काफी काम हुआ है।
आईआईटी-आईआईएम भी जाएं बाहर
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि हमारे आईआईटी और आईआईएम विश्वस्तरीय हैं। यह बाहर भी जाएं, इसके लिए कई देशों से चर्चा हो रही है।
एनआईओएस से जुडेंगे यूपी संस्कृत बोर्ड के स्कूल भी
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि यूपी के संस्कृत बोर्ड को एनआईओएस (राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान) के फ्रेमवर्क से जोड़ेंगे। इसमें जो भी समस्याएं आ रही होंगी, उन्हें दूर किया जाएगा। दरअसल यूपी में संस्कृत शिक्षा बोर्ड से संबंद्ध स्कूलों को सभी मानक पूरा करने पर भी एनआईओएस के केंद्र नहीं दिए जाते हैं। जबकि, बिहार सरीखे राज्यों में अन्य बोर्डों को भी यह सुविधा हासिल है।
लखीमपुर की घटना पर बोलने से बचे
प्रेस कांफ्रेंस में लखीमपुर की घटना से संबंधित किसी भी सवाल का उत्तर देने से केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने परहेज किया। उन्होंने कहा कि यह सरकारी विभागों की समीक्षा का कार्यक्रम है। वह रविवार तक लखनऊ में हैं, इसलिए भाजपा के प्रदेश चुनाव प्रभारी होने के नाते अन्य सवालों के जवाब बाद में देंगे।
निजी स्कूलों के शिक्षकों को डीएलएड कराने पर विचार
एक सवाल के जवाब में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अगर एनसीईआरटी की साइंस स्ट्रीम की किताबों में कुछ टॉपिक संक्षेप में दिए गए होंगे, तो उन्हें विस्तार देने के मामले में विचार किया जाएगा। हालांकि, वहां मौजूद डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि इस पर यूपी सरकार ने पहले ही ध्यान दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों को डीएलएड कराने पर पुन: विचार किया जाएगा।
शिक्षकों के खाली पद भरना प्राथमिकता : डॉ. दिनेश शर्मा
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि शिक्षकों के जो खाली पद अब भी हैं, उन्हें भी भरा जा रहा है। विज्ञापन जारी किए गए हैं।