लखनऊ जू में बदली वन्य जीवों की खुराक, अब चिकन बंद, अंडे भी 20 मिनट उबालने के बाद ही दिए जाएंगे
देश के कई राज्यों में बर्ड फ्लू का प्रकोप देखते हुए लखनऊ जू प्रशासन ने शनिवार से वन्यजीवों को मुर्गे के गोश्त (चिकन) की खुराक बंद कर दी है। वन्यजीवों को किसी भी तरह के संक्रमण से बचाने के लिए लागू की गई यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी। यही नहीं जिन भी वन्यजीवों को खुराक में अंडे दिए जाते हैं उन्हें भी ये अब 20 मिनट तक उबालने के बाद ही दिए जा रहे हैं।
बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए एहतियात के तौर पर बाड़ों को सैनिटाइज और विसंक्रमित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके अलावा भी कई बदलाव जू प्रशासन ने किए हैं। अब चिड़ियाघर जाने से पहले दर्शकों को फुटवॉश से गुजरना होगा और हाथ सैनिटाइज किए बिना प्रवेश नहीं मिलेगा। इन सब बदलाव के अलावा परिंदों के बाड़ों में जाने वाले भोजन को पहले पोटेशियम परमैगनेट के पानी से विसंक्रमित किया जा रहा है। प्राणी उद्यान के महानिदेशक ने बताया, 'चिकन और अंडा बंद कर दिया गया है। निर्देश दिया है कि कोई चिड़िया अस्वस्थ हो या मर जाए तो उसे अलग किया जाए। बर्ड सेक्शन सील है और हाई अलर्ट पर है।'
जंगली बिल्लियों की खुराक है मुर्गा
जू में बब्बर शेर, बाघ, तेंदुआ, सियार, लकड़बग्घा, मगरमच्छ, घड़ियाल के लिए लगभग चार क्विंटल पड़वे का गोश्त व मछलियां खुराक में दी जाती हैं। चिकित्सकों के मुताबिक करीब आधा दर्जन जंगली बिल्लियों को रोजाना पांच किलो से कम मुर्गे के गोश्त की खुराक मिल रही थी। अब इसकी जगह इन्हें अन्य किस्म का गोश्त दिया जाएगा। इसके अलावा बंदर, चिंपैंजी व भालू के लिए 35 से ज्यादा उबले अंडों की खुराक दी जाती है।
परिंदों के लिए बना आइसोलेशन वार्ड
निदेशक जू आरके सिंह ने बताया बर्ड फ्लू को देखते हुए प्राणि उद्यान में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। बाहरी वाहनों का प्रवेश पहले से मना है। सभी दर्शकों व कर्मचारियों को फुटवॉश, सैनिटाइजेशन के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। बाड़ों का सैनिटाइजेशन और विसंक्रमण सुबह-शाम जारी है। वन्यजीवों की चिकन की खुराक रोक दी गई है।
पक्षियों में कोई भी लक्षण प्रतीत होने पर उनके सैंपल जांच के लिए लैब भेजे जाएंगे। परिंदों के लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। पक्षियों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए चिकित्सीय सलाह से औषधियां बढ़ाई जा रही हैं। वन्यजीवों को दिए जाने वाला भोजन पोटेशियम परमैगनेट के घोल से साफ करके ही दिया जा रहा है।
