बिजली चोरी से लाचार सरकार, हर महीने लग रहा 583 करोड़ का 'झटका'
सरकार के तमाम कवायद सख्ती के बाद भी प्रदेश में हर महीने करीब 583 करोड़ रुपये की बिजली चोरी होती है। इसलिए अगर बिजली चोरी पर प्रभावी अंकुश लगा लिया जाए तो सरकार के खजाने में करोड़ों रुपये की बचत की जा सकती है।
इसी तरह सूबे के सभी विद्युत उपभोक्ता भी अगर हर महीने सिर्फ 5 यूनिट बिजली की बचत करें तो हर हमीने करीब 35 करोड़ और सालाना करीब 420 करोड़ रुपये की बिजली की बचत की जा सकती है।
यह जानकारी राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की ओर से बुधवार को ऊर्जा संरक्षण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में दी गई है। राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा 2015-16 के लिए जारी बिजली दर का हवाला देते हुए परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि लाइन लॉस व चोरी के चलते सूबे में हर साल करीब 27983 मिलियन यूनिट बिजली बर्बाद हो रही है।
हर साल बर्बाद हो रही है 10,745 करोड़ की बिजली
इस तरह से यदि औसत मूल्य 3.84 प्रति यूनिट की दर से बर्बाद बिजली की कीमत का आकलन किया जाए तो हर साल करीब10745 करोड़ की बिजली बर्बाद हो रही है।
जिसमें से करीब 7 हजार करोड़ की बिजली सिर्फ चोरी हो रही है। यानि औसतन हर महीने करीब 583 करोड़ रुपपये की बिजली चोरी हो रही है।
इस मौके पर परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि मौजूदा समय से प्रदेश में करीब 1.75 करोड़ विद्युत उपभोक्ता हैं। यदि सभी उपभोक्ता हर महीने 5 यूनिट बिजली बचा लें तो करीब प्रत्येक महीने में करीब 9 करोड़ यूनिट बिजली की बचत की हो सकती है। इसका औसत मूल्य करीब 35 करोड़ होगा।