बेटे का हुआ अपहरण, मां ने लिखाने पूर्व प्रेमी के खिलाफ रिपोर्ट
लखनऊ में आलमबाग के गढ़ी कनौरा के हरिचंद्रपुर निवासी महिला का बेटा आशीष (16) सोमवार दोपहर संदिग्ध हालात में लापता हो गया। मानकनगर रेलवे स्कूल में दसवीं का छात्र आशीष कपड़े प्रेस कराने निकला था।
कुछ देर बाद ही उसने मां को फोन कर कार सवार बदमाशों के पीछा करने की सूचना दी। महिला ने उसे किसी के घर में घुसकर खुद को बचाने की बात कही, लेकिन तब तक आशीष चीखने लगा और फोन कट गया। महिला ने पूर्व प्रेमी धर्मपाल पर बेटे का अपहरण का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है।
उनका कहना है कि धर्मपाल करीब तीन साल पहले उसके साथ ही रहता था। उससे मुन्नी को दो बेटियां भी हुईं। दूसरी शादी से संतान न होने पर अब धर्मपाल अपनी बेटियां मांग रहा है। शनिवार शाम साढ़े पांच बजे उसने फोन कर आशीष का अपहरण करने की धमकी भी दी थी। बेटियां न देने पर ही उसने आशीष का अपहरण किया है।
‘एक बेटे को फंसवा दिया, दूसरा ट्रामा में, तीसरे को उठा लूंगा’
महिला ने बताया कि शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे उनके पास किसी का फोन आया था। महिला ने आवाज पहचानकर उसके धर्मपाल होने की बात कही है। बकौल महिला, फोन करने वाले ने कहा कि तुम्हारे एक बेटे (अजय) को मैंने मुटूथ डकैती कांड में जेल भिजवा दिया। वह दो साल से जेल में सड़ रहा है।
दूसरे बेटे (कमल) को जान से मारने की नियत से एक्सीडेंट कराया। इस वक्त ट्रॉमा में भर्ती है। अब तीसरे बेटे (आशीष) की बारी है। उसे एक-दो दिन में उठा लूंगा। पुलिस महिला के फोन की पड़ताल कर रही है।
महिला ने बताया कि आशीष दोपहर करीब पौने तीन बजे साइकिल से निकला था। दस मिनट बाद ही उसका फोन आया। उसने बताया कि सफेद रंग की मारुति कार में चार-पांच लोग बैठे हैं जो घूर रहे हैं। आशीष ने कहा कि दो लोग मेरी तरफ आ रहे हैं।
मूल रूप से फतेहपुर की महिला की करीब 30 साल पहले कानपुर के लेखपाल वर्मा से शादी हुई थी। शादी के एक साल बाद लेखपाल लखनऊ आ गया। उससे महिला के आठ लड़के हुए। जिसमें आशीष छठे नंबर का है।
इस बीच फतेहपुर निवासी धर्मपाल का महिला के घर आनाजाना शुरू हो गया। दोनों में नजदीकियां बढ़ती देख करीब आठ साल लेखपाल कानपुर लौट गया। तीन साल पहले धर्मपाल ने महिला को छोड़कर दूसरी शादी कर ली।