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योगी सरकार का बड़ा फैसला, भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर 'रावण' होंगे रिहा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 13 Sep 2018 08:54 PM IST
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भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण
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सहारनपुर में 2017 में हुई जातीय हिंसा के मुख्य आरोपी और भीम सेना के मुखिया चंद्रशेखर उर्फ रावण को सरकार ने रिहा करने का फैसला किया है। वह लगभग 16 महीने से जेल में बंद हैं। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने बताया कि चंद्रशेखर उर्फ रावण को रिहा करने का आदेश सहारनपुर के जिलाधिकारी को भेज दिया गया है।
रिहाई का फैसला उनकी मां के प्रार्थनापत्र पर लिया गया है। चंद्रशेखर के जेल में बंद रहने की अवधि 1 नवंबर 2018 तक थी। चंद्रशेखर के साथ बंद दो अन्य आरोपियों सोनू पुत्र नथीराम और शिवकुमार पुत्र रामदास निवासी शब्बीरपुर को भी रिहा करने का निर्णय किया गया है। प्रदेश सरकार का यह फैसला दलित हितैषी छवि का संदेश देने का हिस्सा माना जा रहा है।
चंद्रशेखर उर्फ रावण को मई 2017 में सहारनपुर के शब्बीरपुर में जातीय हिंसा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। चंद्रशेखर भीम सेना बनाकर सुर्खियों में आए थे। उन्हें 8 जून 2017 को हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार किया था।
रावण की गिरफ्तार को लेकर दलित समाज में काफी विरोध हुआ था। गिरफ्तारी के बाद जिला प्रशासन को सहारनपुर में दो दिनों तक इंटरनेट सेवा बंद रखनी पड़ी थी। इसे लेकर राजनीति भी खूब हुई।
मायावती शब्बीरपुर पहुंची थीं, जिसके बाद हिंसा और भड़क गई थी। वहां के तत्कालीन जिलाधिकारी और एसएसपी को हटा दिया गया था। बाद में एसएसपी को निलंबित कर दिया गया था।
कांग्रेस व आम आदमी पार्टी सीधे तौर पर चंद्रशेखर के पक्ष में खड़ी थी। बीते दिनों आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जेल में बंद चंद्रशेखर से मिलने की अनुमति मांगी थी, लेकिन सरकार ने उन्हें अनुमति नहीं दी।
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रिहाई का फैसला उनकी मां के प्रार्थनापत्र पर लिया गया है। चंद्रशेखर के जेल में बंद रहने की अवधि 1 नवंबर 2018 तक थी। चंद्रशेखर के साथ बंद दो अन्य आरोपियों सोनू पुत्र नथीराम और शिवकुमार पुत्र रामदास निवासी शब्बीरपुर को भी रिहा करने का निर्णय किया गया है। प्रदेश सरकार का यह फैसला दलित हितैषी छवि का संदेश देने का हिस्सा माना जा रहा है।
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चंद्रशेखर उर्फ रावण को मई 2017 में सहारनपुर के शब्बीरपुर में जातीय हिंसा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। चंद्रशेखर भीम सेना बनाकर सुर्खियों में आए थे। उन्हें 8 जून 2017 को हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार किया था।
रावण की गिरफ्तार को लेकर दलित समाज में काफी विरोध हुआ था। गिरफ्तारी के बाद जिला प्रशासन को सहारनपुर में दो दिनों तक इंटरनेट सेवा बंद रखनी पड़ी थी। इसे लेकर राजनीति भी खूब हुई।
मायावती शब्बीरपुर पहुंची थीं, जिसके बाद हिंसा और भड़क गई थी। वहां के तत्कालीन जिलाधिकारी और एसएसपी को हटा दिया गया था। बाद में एसएसपी को निलंबित कर दिया गया था।
कांग्रेस व आम आदमी पार्टी सीधे तौर पर चंद्रशेखर के पक्ष में खड़ी थी। बीते दिनों आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जेल में बंद चंद्रशेखर से मिलने की अनुमति मांगी थी, लेकिन सरकार ने उन्हें अनुमति नहीं दी।