सीएम अखिलेश की सुरक्षा में फिर चूक, ऑफिस में मिला 'बिज्जू'
सालों जुगाड़ करने के बाद भी सूबे के तमाम बड़े-बड़े प्रभावशाली लोगों को भले ही मुख्यमंत्री कार्यालय पंचम तल पर एंट्री न मिलती हो लेकिन आवारा घूमने वाला जानवर बिज्जू तीन महीने में यहां दो बार अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है।
प्रदेश के सबसे वीवीआईपी जोन में सचिवालय सिक्योरिटी स्टाफ ने इसे देखा तो जू के अधिकारियों को सूचना दी। घटना की पूरी रिपोर्ट मुख्य सुरक्षा अधिकारी सचिवालय को भेजी गयी है।
सुबह करीब नौ बजे सुरक्षा दस्ते को सूचना मिली कि पंचम तल पर वीवीआईपी लिफ्ट संख्या 3 के पास मुख्यमंत्री गैलरी के बगल में शीशे के पार्टिशन में एक बिज्जू फंसा है।
शास्त्री भवन के निरीक्षक सुरक्षा मो. रियाज, मुख्य रक्षक त्रिभुवन प्रसाद और मुख्य रक्षक उमेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। इसके बाद सचिवालय स्टाफ ने नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान कंट्रोल रूम और अधिकारियों को सूचना दी।
इस तरह किया गया काबू
मौके पर पहुंचे जू स्टाफ के कीपर बबलू के साथ मिलकर सचिवालय के सुरक्षा दस्ते ने शीशा तोड़ा और बिज्जू को बोरे में बंद कर काबू किया। इसे जू परिसर मे रखा गया है।
मो. रियाज ने पूरे मामले की रिपोर्ट मुख्य सुरक्षा अधिकारी सचिवालय को भेजी है। मई में कुतर दिया था आजम खां और मुख्य सचिव का माइक सीएम दफ्तर में बिज्जू की आवाजाही इससे पहले भी सुर्खियां बटोर चुकी है।
इससे पहले 14 मई को पंचम तल पर मीटिंग हॉल में बिज्जू की मौजूदगी ने हड़कंप मचाया था। तब जू स्टाफ द्वारा पकड़े गये बिज्जू ने कैबिनेट मंत्री आजम खां और मुख्य सचिव के माइक को कुतर दिया था।
जून 2014 में भी पंचम तल पर कई दिनों तक कराई परेड
जून 2014 में सीएम दफ्तर पंचम तल पर बिज्जू ने कई दिनों तक परेड कराई थी। तब काफी मशक्कत के बाद एक बिज्जू पकड़ में आया था।
एक बार तो उसकी मौजूदगी की दुर्गंध पर सीएम ने खुद भी नाराजगी जताई थी। तब आनन-फानन जू में कैंप करने वाली ‘रैपिड रेस्क्यू यूनिट’ ने कई दिनों तक सर्च ऑपरेशन चलाया था।
कौन है यह जानवर
बिज्जू को माइनर कैट या सिवेट कैट के नाम से भी जाना जाता है।
ये काटता नहीं है, फिर भी अगर ये काट ले तो घाव साफ करके फौरन डॉक्टरी मदद लेनी चाहिए।