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                                                                           देश की असली संतान

हे वीर तुम्हारे शहादत पे,
हम सबको अभिमान है ।
सच में भारत माता के,
तुम्ही असली संतान है ।

देश को रक्षा के लिए ही जन्मा ,
वीरता तेरा पहचान है,
सच में भारत मां के,
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2 weeks ago
                                                                           मंचों पर चरित्र के किस्से,
भाषण में आदर्शों की धार।
और सजाए चंदन लिलार।

मुख से निकले “मंत्रों की लय”,
जेब में नोटों की गड्डी!
बोलते “भारत माता की जय”,
तौलते “सौदों की मंडी”!!

आज लगभग हर...और पढ़ें
3 weeks ago
                                                                           रक्त की एक-एक बूंद
न्योछावर है भारतवर्ष पर
एक-एक नहीं कितने कर्ज हैं
इस देश का हम पर......

देश के शहीदों की
कुर्बानियां याद आती है
हर पल जिम्मेदारियों ने
पीछे मुड़ने नहीं दिया घर तक
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3 weeks ago
                                                                           जाति-धरम की दीवारों को, मिलकर आज ढहाना है,
भेदभाव को तजकर हमको, आगे कदम बढ़ाना है।

नज़रअंदाज़ न हो कोई भी, हर नागरिक अनमोल यहाँ,
सबका साथ मिले जब हमको, स्वर्ग बनेगा देश वहाँ।

सृजन कार्य की अलख जगाकर, नया इत...और पढ़ें
3 weeks ago
                                                                           “हितं मनोहारी च दुर्लभं वचः””
मन की बात मुखर होकर,
जब मंच के माईक से गूँजती है।
देशभक्ति की नई-नई परिभाषाएँ ढूंढती हैं।।

कहा “पैदल चलो, ईंधन बचाओ,
साईकल से चल स्वास्थ्य बढ़ाओ,
रेल-बस पकड़ो, और राष्ट्र...और पढ़ें
4 weeks ago
                                                                           "हितं मनोहारी च दुर्लभं वचः”

मन की बात मुखर होकर,
जब मंच के माईक से गूँजती है।
देशभक्ति की नई-नई परिभाषाएँ ढूंढती हैं।।

कहा “पैदल चलो, ईंधन बचाओ,
साईकल से चल स्वास्थ्य बढ़ाओ,
रेल-बस पकड़ो, और...और पढ़ें
1 month ago
                                                                           विपदा को मैंने दूर किया है
क्योंकि शुरू से मैंने संघर्ष किया है
वतन से मैंने सीख लिया है,
हिंदुस्तान को भारत माता का नाम दिया है।
झूठी अंधभक्ति को नहीं ,
बल्कि देशभक्ति को मैंने ये नींव दिया है।
हमने सिर कटते...और पढ़ें
1 month ago
                                                                           जन-मन-गण केवल नहीं, यह आत्मा की पुकार,
हर धड़कन में बसता है मेरा देश अपार।
मिट्टी की खुशबू में बसा अपनापन अनजान,
हर कण में बसता है मेरा हिंदुस्तान।
नदियों की कल-कल, पर्वतों का अभिमान,
सूरज-सी चमक लिए खड़ा है मेरा हि...और पढ़ें
1 month ago
                                                                           कभी कहा गया था—
"कलम तलवार से तेज़ होती है,"
पर अब
कलम ब्रांड बन चुकी है,
और कागज़
प्रायोजित मौन का विज्ञापन।

जब एक कवि
सत्य की जगह
सुविधा को चुनता है,
तो उसकी कविता
क्रांत...और पढ़ें
1 month ago
                                                                           आज फिर
किसी देश ने जीत का ऐलान किया,
और लोगों ने
स्टेटस लगा दिया—
“Proud moment 🇮🇳”
पर उसी वक़्त
किसी माँ का फोन
अब भी ring हो रहा है,
जिसे कोई उठाने वाला नहीं।
हमने युद्ध
अब मैदान...और पढ़ें
1 month ago
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