प्यार के उपहार को लौटा मत देना
कोई तुम्हें चाहे तो ठुकरा मत देना
अल्फाज की जगह जज्बात भरे
मोहब्बत के खत को जला मत देना
जिसे तुम, बस तुम अच्छे लगते हो
उसका दिल तोड़कर दुखा मत देना
जो तुमसे बात करके खुश होता हो
उसे नजरअंदाज कर रुला मत देना
जो तुम्हें जिन्दगी की रोशनी माने
उसके अरमानों को बुझा मत देना
अवतार सिंह अक्षरजीवी
जयपुर
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