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एलजी का फैसला सराहनीय, लेकिन डीसी से अनुमति के बात उचित नहीं
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जम्मू। महाजन, खत्री और सिख समुदाय के लोगों ने जमीन के खरीद-फरोख्त को लेकर लिए फैसले का उपराज्यपाल का स्वागत किया है। लेकिन डीसी से अनुमति लेने की बात पर रोष जताया है। उन्होंने कहा कि यह नियम जबरन थोपा जा रहा है। अधिसूचना जारी करने से पहले सरकार को सुझाव लेने चाहिए।
महाजन सभा के प्रधान रमेश चंद्र गुप्ता ने बताया कि सरकार अब सही रास्ते पर चली है, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने अभी भी 20 फीसदी अड़चन रखी है। महाजन, खत्री और सिख समुदाय के लोगों को जमीन कृषक को हस्तांतरित करने के लिए डीसी से अनुमति लेनी होगी। बताया कि एक तरफ सुविधा दी जा रही है और दूसरी ओर नियमों को थोपा जा रहा है। लोग ऐसे बंधनों से मुक्त होना चाहते हैं। उपराज्यपाल की घोषणा के बाद भी संबंधित अधिकारी हरकत में नहीं आते हैं। बार-बार जाति प्रथा को आगे लाया है, जबकि कानून की दृष्टि में सभी बराबर हैं।
अन्य समुदाय के लोगों को जमीन की खरीद-फरोख्त में डीसी से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होती है। लेकिन तीन समुदाय के लोगों को मजबूर किया जा रहा है। अधिसूचना जारी करने से पहले संबंधित अधिकारियों को संबंधित समुदाय के लोगों के साथ सलाह लेनी चाहिए, ताकि दिक्कत दूर हो सके। विशाल खत्री सभा के अध्यक्ष देवेंद्र सेठ ने कहा कि उपराज्यपाल ने तीनों समुदायों के लोगों को राहत दी है, लेकिन डीसी की अनुमति की बात रास नहीं आ रही है। इस पर सरकार को ध्यान देने की जरूरत है।
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अन्य समुदाय के लोगों को जमीन की खरीद-फरोख्त में डीसी से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होती है। लेकिन तीन समुदाय के लोगों को मजबूर किया जा रहा है। अधिसूचना जारी करने से पहले संबंधित अधिकारियों को संबंधित समुदाय के लोगों के साथ सलाह लेनी चाहिए, ताकि दिक्कत दूर हो सके। विशाल खत्री सभा के अध्यक्ष देवेंद्र सेठ ने कहा कि उपराज्यपाल ने तीनों समुदायों के लोगों को राहत दी है, लेकिन डीसी की अनुमति की बात रास नहीं आ रही है। इस पर सरकार को ध्यान देने की जरूरत है।