न्यूज राउंडअपः ब्रसेल्स में आतंकी हमला, 35 की मौत, पढ़ें खास खबरें
ब्रसेल्स के एयरपोर्ट पर हुए दो आत्मघाती हमले में 13 लोगों की मौत हो गई है। वही एक अन्य आतंकी हमला अंडरग्राउंड मेट्रो में किया गया। इस हमले में भी 13 लोग मारे गए हैं।
खबरों के अनुसार प्रस्थान वाले एरिया में धमाके हुए हैं और 13 के मारे जाने की भी आशंका है टीवी समाचारों की खबरों के मुताबिक बम धमाके बाद लोगों से बाहर भागते हुए देखा गया है, जहां पर धमाका हुआ वहां पर काले रंग का धुंआ एयरपोर्ट के आसपास उड़ते हुए देखा गया है। बम धमाके के बाद बड़ी संख्या में लोग एयरपोर्ट से बाहर भागते हुए देखे गए।
अभी शुरूआती खबर में ब्रसेल्स सरकार ने यह पुष्टि नहीं की है कि इस आतंकी हमले में कितने लोग मारे गए हैं। बताया जा रहा है कि यह विस्फोट अमेरिकन एयरलाइंस की चेक इन पोस्ट के पास हुआ।
ब्रसेल्स एयरपोर्ट ने अपने ट्वीटर एकाउंट के जरिए जानकारी देते हुए बताया है कि एयरपोर्ट में दो बड़े बम विस्फोट हुए हैं। लोगों से अपील की जाती है कि वो एयरपोर्ट क्षेत्र में न आएं। सभी फ्लाइट को निरस्त कर दिया गया है और एयरपोर्ट क्षेत्र को खाली कराया जा रहा है।
देहरादूनः जेट एयरवेज के प्लेन में बम की खबर, सर्च ऑपरेशन जारी
दिल्ली आईजीआई एयरपोर्ट पर आज उस वक्त हडकंप मच गया जब चेन्नई जाने वाली फ्लाइट में बम धमाके की धमकी की खबर सामने आयी। दिल्ली से जाने वाले 5 विमानों में बम की धमकी की खबर मिली है।
विमान में बम धमाके की सूचना पर अधिकारी तुरंत हरकत में आ गए और फ्लाईट को अलग स्थान पर रोका गया। दरअसल दिल्ली से चेन्नई जाने वाली जेट एयरवेज की फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी की खबर थी।
ऐसे में एयरपोर्ट पर ही अचानक एक अलग स्थान पर फ्लाइट को लाकर रोक दिया गया। यहां विमान की जांच की गई। हालांकि धमकी देने वाले के बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं मिल सकी है। मामले की जांच जारी है।
सियासी संकट में फंसे उत्तराखंड CM ने केंद्र पर साधा निशाना
सियासी संकट की घड़ी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्र सरकार को घेरे में लिया है। हरीश रावत ने केंद्र सरकार पर उत्तराखंड को कम बजट देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि केंद्र से राज्य को जितनी आर्थिक मदद मिलनी चाहिए थी उतनी मदद नहीं मिली। भाजपा इस पर लगातार झूठ बोलती रही।
उधर, उत्तराखंड सरकार के बागी मंत्री हरक सिंह रावत ने कांग्रसे से बात करने के लिए एक बड़ी शर्त रखी है। कृषि मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा है कि अगर हरीश रावत को मुख्यमंत्री पद से हटा दिया जाए तो वह कांग्रेस से बात करेंगे।
उत्तराखंड की राजनीति में उथल-पुथल मचाने वाले कांग्रेस के बागी विधायकों ने अपना ठिकाना बदल लिया है। मुमकिन है कि यहां कुछ दिन और रहते तो हरीश रावत समर्थक उनके पास पहुंच जाते। इस बात का खुलासा इसी होटल में रह रहे कुछ भाजपा विधायकों ने किया है।
सोमवार को एक भी बागी विधायक यहां नहीं दिखा और न ही उनकी गाड़ियां। बागी विधायक इस पांच सितारा होटल में शनिवार से थे। ऐसे में यह भी आरोप लग रहा था कि इसका खर्च कौन उठा रहा है। एक तरफ कांग्रेस के बागी विधायक होटल से निकल गए तो दूसरी ओर यहां रह रहे भाजपा विधायकों ने बड़ी मुश्किल से दो दिन बाद मुंह खोला।
मोदी से मिलकर लौटीं महबूबा ने मुलाकात को बताया सकारात्मक
भाजपा और पीडीपी के बीच विश्वास का संकट समाप्त करने की कोशिश तेज हो गई है। इसी क्रम में आज पीडीपी अध्यक्षा महबूबा मुफ्ती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह जम्मू कश्मीर में सरकार गठन में बड़ा कदम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर बाहर निकली महबूबा मुफ्ती काफी संतुष्ट नजर आयी। मुलाकात के बाद पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने मीडिया से कहा, 'वजीर-ए-आजम से मिलकर मुतमईन हूं।' महबूबा ने कहा कि, पीएम मोदी से मुलाकात सकारात्मक रही और मैं श्रीनगर वापस जाकर अगला कदम उठाउंगीं।
महबूबा मुफ्ती ने कहा, 'रियासत की जनता के हित में दोनों पार्टियां एकजुट हैं। पीडीपी सूत्रों के मुताबिक, मोदी से मुलाकात के दौरान महबूबा ने सभी मामलों में खुलकर बात की है और सरकार बनाने की राह में आ रही मुश्किलें लगभग सुलझ गई हैं।
जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने पर फैसला गुरुवार को पार्टी सदस्यों से मुलाकात के बाद लिया जाएगा। भाजपा के सख्त रुख के बाद गतिरोध दूर करने के लिए पीडीपी ने नरम रवैया अपना लिया है। पीडीपी की ओर से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को संदेश भेजा गया है कि पार्टी ने कोई नई शर्त नहीं रखी है।
राहुल गांधी से मिले जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार आज कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करने पहुंचे। कन्हैया जेएनयू छात्रसंघ के सदस्यों और एआईएसएफ के प्रतिनिधिमंडल के साथ राहुल से मिल रहे हैं।
जेएनयू में 9 फरवरी को देशविरोधी नारे लगाने के आरोपों को झेल रहे कन्हैया कुमार की यह राहुल गांधी से पहली मुलाकात है। गौरतलब है कि कन्हैया की गिरफ्तारी के बाद राहुल ने खुलकर कन्हैया का समर्थन किया था।
राहुल जेएनयू में आयोजित उस कार्यक्रम में भी शामिल हुए थे जो कन्हैया की गिरफ्तारी के बाद आयोजित हुआ था। इस दौरान उन्हें उन्हें जेएनयू में काले झंडे भी दिखाए गए थे और यहीं एक कांग्रेसी नेता पर ब्लेड से हमला भी हुआ था।
हाल ही में कई कांग्रेसी नेता कन्हैया की तारीफ कर चुके हैं।वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर तो कन्हैया की तुलना भगत सिंह से भी कर चुके हैं, जिसके बाद इस बात पर अच्छा खासा विवाद हो गया। बाद में इस पर शशि थरूर को सफाई भी देनी पड़ी।
छुट्टी से वापस लौटे हैदराबाद यूनिवर्सिटी के वीसी, छात्रों ने किया बवाल
दलित छात्र रोहित वेमूला की मौत के बाद से लगातार सुलग रही हैदराबाद यूनिवर्सिटी में मंगलवार को भी जमकर बवाल हुआ। यूनिवर्सिटी के वीसी अप्पा राव दो महीने की छुट्टी के बाद वापस लौटे तो छात्रों ने हंगामाा शुरू कर दिया। कैंपस और वीसी ऑफिस में जमकर तोड़फोड़ की गई।
वीसी के वापस आने की सूचना मिलते ही सौ से ज्यादा स्टूडेंट्स उनके ऑफिस और घर में घुस गए। उन्होंने वहां रखे फर्नीचर और सामान की जमकर तोड़फोड़ की।
बता दें कि राव पर रोहित वेमूला की आत्महत्या मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया था। वीसी अप्पा राव पर आरोप है कि उन्होंने राहित सहित चार छात्रों को एबीवीपी नेता की शिकायत पर यूनिवर्सिटी से सस्पेंड कर दिया था। उन्हें हॉस्टल से निकालने का भी फरमान सुना दिया गया था। सस्पेंड किए गए चारों छात्र अंबेडकर एसोसिएशन के सदस्य थे। इस घटनाक्रम के बाद 17 जनवरी को वेमूला ने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी।
रोहित की मौत के बाद छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा, उन्होंने यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन कर वीसी को हटाने और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की थी। छात्रों के बढ़ते दबाव के बीच वीसी अप्पा राव और केन्द्रीय मंत्री बंडारू दत्रात्रेय के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज हो गया था। इसके बाद वीसी दो महीने की छुट्टी पर चले गए।
लॉन्च हुआ Apple iphone SE, सस्ता होने के साथ इसमें हैं बेहतरीन फीचर
अपने सबसे महत्वपूर्ण उत्पाद आईफोन की बिक्री में गिरावट को देखते हुए एपल सोमवार को सिलिकन वैली स्थित ऑडिटोरियम में छोटा और सस्ता मोबाइल आईफोन-एसई लांच कर दिया। इसके जरिए कंपनी की निगाहें उभरते बाजारों पर है और वह संभवत: भारत और चीन के बाजार को लक्ष्य कर रही है। चार इंच स्क्रीन वाले आईफोन एसई की कीमत 399 डॉलर यानी करीब 27 हजार रुपये से शुरू होगी। फिलहाल एपल का सबसे महंगा फोन आईफोन 649 डॉलर कीमत का है।
एपल हेडक्वार्टर में कंपनी ने एपल वाच के लिए नया रिस्टबैंड और नाय आईपैड प्रो भी लांच किया है। साथ ही एपल ने पुराने आईफोन लेकर इसके मैटेरियल को दोबारा उपयोग करने की स्कीम की भी घोषणा की है। मालूम हो कि चीन विश्व में स्मार्टफोन का सबसे बड़ा खरीदार है। इस सस्ते आईफोन के जरिए एपल एक बार फिर से मध्यम दर्जे के बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का प्रयास करेगी।
मालूम हो कि तीन साल पहले भी एपल ने ऐसी ही कोशिश की थी लेकिन सफल नहीं हो पाई थी। संभव है कि विश्व की जानी मानी प्रौद्योगिकी कंपनी को अपने इस उत्पाद के बलबूते तेजी से बढ़ते भारतीय, मध्य पूर्व और अफ्रीकी बाजारों में बढ़त बनाने में मदद मिले लेकिन यहां फोन की औसत कीमत और प्रॉफिट मार्जिन का जोखिम भी है।
टेकएनालिसिस रिसर्च के विश्लेषक बॉब ओडॉनेल ने कहा कि आईफोन-एसई वैसे आईफोन धारकों के लिए एक नया विकल्प होगा जो बड़ी स्क्रीन वाला फोन नहीं चाहते हैं। ओडॉनेल ने कहा कि सस्ता आईफोन उभरते बाजारों के मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं को लुभा सकता है लेकिन यह हिट ही होगा यह नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी बात यह है कि उभरते बाजारों के मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं को बड़ी स्क्रीन वाला स्मार्टफोन ज्यादा पसंद आ रहा है।