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मानसून सत्र : दोनों सदनों में पांचवां दिन भी चढ़ा हंगामे की भेंट, कार्यवाही बार-बार बाधित, सोमवार तक स्थगित

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Sat, 23 Jul 2022 05:41 AM IST
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सार

लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने विपक्षी सदस्यों से अपने स्थान पर जाने की अपील करते हुए कहा कि सभी को बात रखने की इजाजत दी जाएगी। हंगामा जारी रहने पर अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। 12 बजे के बाद भी हंगामा नहीं रुकने पर पीठासीन सभापति ने कार्यवाही सोमवार तक स्थगित कर दी।

Monsoon session: uproar in both houses, adjourned till Monday
संसद में हंगामा - फोटो : ANI
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विस्तार

संसद सत्र का पांचवां दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। दोनों सदनों में बार-बार हंगामे के बाद कामकाज सोमवार तक स्थगित कर दिया गया। हालांकि, हंगामे के बीच ही लोकसभा में भारतीय अंटार्कटिक विधेयक पारित कर दिया गया। राज्यसभा में प्रश्नकाल में सरकार ने कुछ सवालों के जवाब दिए। विपक्ष की ओर महंगाई और आवश्यक वस्तुओं पर बढ़ी जीएसटी पर चर्चा की मांग उठाई गई। 

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सभापति एम वेंकैया नायडू ने बताया कि विनय विश्वम, तिरुचि शिवा, मल्लिकार्जुन खरगे, इलारम करीम, डॉ. वी शिवदासन ने महंगाई को लेकर नियम 267 के तहत चर्चा के नोटिस दिए थे, जिन्हें अनुमति नहीं दी है। अग्निपथ की समीक्षा को लेकर जयंत चौधरी, एजेंसियों के दुरुपयोग को लेकर प्रमोद तिवारी, दीपेंद्र हुड्डा, केसी वेणुगोपाल के भी नोटिस मिले हैं। 
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इन विषयों पर भी चर्चा की अनुमति नहीं दी गई। इस पर नारेबाजी करते हुए प्लेकॉर्ड लेकर विपक्षी आसन के पास पहुंच गए। ऐसे में कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। दोपहर 12 बजे से आसन पर उपसभापति हरिवंश ने हंगामे के बीच ही प्रश्नकाल शुरू कराया तो। दोपहर बाद सदन सामान्य रूप से चला। लोकसभा में हंगामे के बीच ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराया। 

इस दौरान विधि एवं न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने जवाब दिए। विपक्षी आसन के निकट नारेबाजी करते रहे। लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने विपक्षी सदस्यों से अपने स्थान पर जाने की अपील करते हुए कहा कि सभी को बात रखने की इजाजत दी जाएगी। हंगामा जारी रहने पर अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। 12 बजे के बाद भी हंगामा नहीं रुकने पर पीठासीन सभापति ने कार्यवाही सोमवार तक स्थगित कर दी।

आठ साल में विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसियों में 2,000 से ज्यादा बच्चे मरे
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के मुताबिक बीते आठ साल में देशभर में विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसियों (एसएए) में 2000 से ज्यादा बच्चों की मौत हुई है। टीएमसी की सांसद प्रतिमा मंडल के सवाल पर शुक्रवार को  महिला एंव बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने बताया कि 2014 से अबतक एसएए ने 27,085 बच्चों को गोद लिया है, जिनमें से 287 बच्चों की मौत 2014-15 में हुई। 

इसके बाद 289 की मौत 2015-16 में, 281 की 2016-17, 321 की 2017-18, 253 की 2018-19, 282 की 2019-20, 182 की 2020-21 और 132 की मौत 2021-22 में हुई। वहीं, एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने देशभर में बाल देखभाल संस्थानों और उनके निरीक्षण तंत्र की वास्तविक समय में निगरानी व निर्बाध निरीक्षण के लिए मॉनिटरिंग एप विकसित किया है।

समान नागरिक संहिता का अभी विचार नहीं : केंद्र
केंद्र सरकार का समान नागरिक संहिता लाने का फिलहाल कोई विचार नहीं है। हालांकि, राज्य सरकारें ऐसा कानून लाने के लिए स्वतंत्र हैं। केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को लोकसभा में लिखित जवाब में कहा कि समान नागरिक संहिता से जुड़ी याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। इसलिए सरकार ने कोई फैसला नहीं किया है।

रिजिजू ने कहा, विधायी दखल से लैंगिक व धार्मिक रूप से निष्पक्ष समान कानून सुनिश्चित होते हैं। संविधान का अनुच्छेद 44 कहता है कि राज्य देश के सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा। उन्होंने कहा, पर्सनल लॉ के विषय शादी, तलाक, वसीयत, संयुक्त परिवार एवं विभाजन, संविधान की समवर्ती सूची से संबंधित हैं। इसलिए, इसमें राज्यों को भी कानून बनाने का अधिकार है।

पीएम उदय की सफलता के लिए जरूरी दस्तावेज प्रक्रिया का सरलीकरण
आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने पीएम उदय योजना को सफल बनाने के लिए अनिवार्य दस्तावेज में से वसीयत को हटाने के प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। मंत्रालय ने योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए जीपीए/एटीएस के स्थान पर रजिस्टर्ड गिफ्ट डीड प्रस्तुत करने की अनुमति दी है। राजधानी में बसी अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों की सुविधा के लिए यह योजना बनाई गई थी।

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