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Rohtak News: बेकरी व्यवसाय से दीप्ति ने बनाई नई पहचान, हर माह कमा रहीं 40 हजार रुपये
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40-दीप्ति भारद्वाज
- फोटो : samvad
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रोहतक। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए स्वरोजगार आत्मनिर्भरता का एक मजबूत माध्यम बनता जा रहा है। गांव चुलियाणा की दीप्ति भारद्वाज इसकी एक प्रेरणात्मक मिसाल हैं। दीप्ति अपने बेकरी व्यवसाय से हर माह करीब 40 हजार रुपये की आय प्राप्त कर रही हैं।
वह आसपास की महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने घर से शुरू किए गए छोटे से कारोबार को पहचान दिलाई है।
आज उनके द्वारा तैयार किए जाने वाले केक, कुकीज, पेस्ट्री और अन्य बेकरी उत्पादों की मांग आसपास के गांवों तक पहुंच चुकी है। आज दीप्ति का कारोबार गांव की सीमाओं से निकलकर आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। उनका मानना है कि यदि महिलाओं को सही प्रशिक्षण और परिवार का सहयोग मिले तो वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती हैं।
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प्रशिक्षण से मिला आत्मविश्वास, घर से शुरू किया कारोबार
दीप्ति बताती हैं कि वर्ष 2023 में हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आयोजित सात दिवसीय बेकरी प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने के बाद उनके जीवन में नया मोड़ आया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने बेकरी उत्पाद तैयार करने की तकनीक, गुणवत्ता और विपणन के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने घर से ही बेकरी उत्पाद तैयार करने का काम शुरू किया। शुरुआत में ऑर्डर सीमित थे लेकिन गुणवत्ता और स्वाद के कारण ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ती गई। इस दौरान उनके पति और परिवार के अन्य सदस्यों ने भी पूरा सहयोग दिया जिससे व्यवसाय को आगे बढ़ाने में मदद मिली।
वह आसपास की महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने घर से शुरू किए गए छोटे से कारोबार को पहचान दिलाई है।
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आज उनके द्वारा तैयार किए जाने वाले केक, कुकीज, पेस्ट्री और अन्य बेकरी उत्पादों की मांग आसपास के गांवों तक पहुंच चुकी है। आज दीप्ति का कारोबार गांव की सीमाओं से निकलकर आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। उनका मानना है कि यदि महिलाओं को सही प्रशिक्षण और परिवार का सहयोग मिले तो वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती हैं।
प्रशिक्षण से मिला आत्मविश्वास, घर से शुरू किया कारोबार
दीप्ति बताती हैं कि वर्ष 2023 में हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आयोजित सात दिवसीय बेकरी प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने के बाद उनके जीवन में नया मोड़ आया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने बेकरी उत्पाद तैयार करने की तकनीक, गुणवत्ता और विपणन के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने घर से ही बेकरी उत्पाद तैयार करने का काम शुरू किया। शुरुआत में ऑर्डर सीमित थे लेकिन गुणवत्ता और स्वाद के कारण ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ती गई। इस दौरान उनके पति और परिवार के अन्य सदस्यों ने भी पूरा सहयोग दिया जिससे व्यवसाय को आगे बढ़ाने में मदद मिली।