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आग लगने से लुब्रीकेंट बनाने वाली फैक्टरी तबाह, 13 गाडिय़ों ने 9 घंटे में पाया काबू, फायर अधिकारी चोटिल
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आग में जलती हुई फैक्टरी व उठता धुआं।
- फोटो : Bahadurgarh
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बहादुरगढ़। एचएसआईआईडीसी सेक्टर-16 स्थित एक ग्रीस-ऑयल (लुब्रीकेंट) बनाने वाली फैक्टरी में शॉर्ट सर्किट से शनिवार अलसुबह आग लग गई। आग इतनी भयंकर थी कि उसे बुझाने में आसपास के जिलों से भी फायर बिग्रेड की गाड़ियां बुलवानी पड़ीं। दमकल विभाग की 13 गाड़ियों ने 9 घंटे में आग पर काबू पाया। इस दौरान फैक्टरी पूरी तरह से तबाह हो गई, जबकि साथ वाली फैक्टरी की दीवार गिर गई। मौके पर पहुंचे फायर विभाग के अधिकारी टीआर पालीवाल इस दौरान गिरने से चोटिल हो गए। उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
बता दें कि सेक्टर-16 में प्लॉट 69 में चल रही रिजॉल पेट्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड फैक्टरी में शनिवार की घनी सुबह करीब साढ़े तीन बजे अचानक आग लग गई। आग लगने की सूचना पाकर फायर विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद ही फैक्टरी मालिक गौरव भल्ला भी वहां आ गए। फैक्टरी में आग इतनी भयंकर थी कि उसे बुझाने के लिए झज्जर से 1, रोहतक से 2, सोनीपत से 1, गुरुग्राम से 3 और बहादुरगढ़ की 6 गाड़ियां जुट गईं। आग बुझाने के लिए करीब 40 कर्मचारी जुटे रहे। 9 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को काबू पाया जा सका।
फायर अधिकारी हो गए चोटिल
फैक्टरी में आग लगने की सूचना मिलने पर फायर कर्मियों के साथ-साथ फायर अधिकारी टंकीराम पॉलीवाल भी मौके पर पहुंचे थे। जब वे कर्मचारियों को आग बुझाने के लिए दिशा-निर्देश दे रहे थे तो उसी दौरान उनका पैर फिसल गया। इससे वे चोटिल हो गए। उन्हें तुरंत शहर के नागरिक अस्पताल में लाया गया। यहां पर चिकित्सकों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी।
साथ वाली फैक्टरी की भी गिर गई दीवार
आग लगने के बाद बुझाने के दौरान फैक्टरी पूरी तरह तबाह हो गई। इसके साथ ही पड़ोस वाली फैक्टरी की भी दीवार गिर गई। गनीमत यह रही कि इससे दूसरी फैक्टरी में कोई नुकसान नहीं हुआ। यह सब फायर कर्मियों की सूझबूझ से हुआ। यदि फायर कर्मचारी आग को काबू नहीं करते तो पास वाली कई फैक्ट्रियां इस आग की चपेट में आ सकती थी।
आसमान में छाया रहा धुएं का गुबार
फैक्टरी में आग इतनी भयंकर लगी थी कि जब लोग सुबह सोकर उठे तो आसमान में धुएं का गुबार छाया हुआ था। शनिवार की सुबह जिस समय आग लगी उस दौरान फैक्टरी में उत्पादन कार्य बंद था। चौकीदार ने आग देखी तो इसकी सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड और फैक्टरी मालिक गौरव भल्ला को दी। भल्ला भी सूचना पाकर फैक्टरी पहुंच गए। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी।
फैक्टरी में ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग बुझाने में लगा समय
फैक्टरी में रखे केमिकल शीघ्र ज्वलनशील होने के कारण आग विकराल रूप लेती रही और लाखों रुपये का कच्चा और तैयार माल नष्ट हो गया। फैक्टरी मालिक ने आग लगने का कारण शॉर्ट-सर्किट बताया है। घटना में पूरी फैक्टरी जलकर लगभग नष्ट हो गई। फैक्टरी मालिक गौरव से उनको हुए नुकसान के अनुमान और आग लगने के कारणों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
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बता दें कि सेक्टर-16 में प्लॉट 69 में चल रही रिजॉल पेट्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड फैक्टरी में शनिवार की घनी सुबह करीब साढ़े तीन बजे अचानक आग लग गई। आग लगने की सूचना पाकर फायर विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद ही फैक्टरी मालिक गौरव भल्ला भी वहां आ गए। फैक्टरी में आग इतनी भयंकर थी कि उसे बुझाने के लिए झज्जर से 1, रोहतक से 2, सोनीपत से 1, गुरुग्राम से 3 और बहादुरगढ़ की 6 गाड़ियां जुट गईं। आग बुझाने के लिए करीब 40 कर्मचारी जुटे रहे। 9 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को काबू पाया जा सका।
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फायर अधिकारी हो गए चोटिल
फैक्टरी में आग लगने की सूचना मिलने पर फायर कर्मियों के साथ-साथ फायर अधिकारी टंकीराम पॉलीवाल भी मौके पर पहुंचे थे। जब वे कर्मचारियों को आग बुझाने के लिए दिशा-निर्देश दे रहे थे तो उसी दौरान उनका पैर फिसल गया। इससे वे चोटिल हो गए। उन्हें तुरंत शहर के नागरिक अस्पताल में लाया गया। यहां पर चिकित्सकों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी।
साथ वाली फैक्टरी की भी गिर गई दीवार
आग लगने के बाद बुझाने के दौरान फैक्टरी पूरी तरह तबाह हो गई। इसके साथ ही पड़ोस वाली फैक्टरी की भी दीवार गिर गई। गनीमत यह रही कि इससे दूसरी फैक्टरी में कोई नुकसान नहीं हुआ। यह सब फायर कर्मियों की सूझबूझ से हुआ। यदि फायर कर्मचारी आग को काबू नहीं करते तो पास वाली कई फैक्ट्रियां इस आग की चपेट में आ सकती थी।
आसमान में छाया रहा धुएं का गुबार
फैक्टरी में आग इतनी भयंकर लगी थी कि जब लोग सुबह सोकर उठे तो आसमान में धुएं का गुबार छाया हुआ था। शनिवार की सुबह जिस समय आग लगी उस दौरान फैक्टरी में उत्पादन कार्य बंद था। चौकीदार ने आग देखी तो इसकी सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड और फैक्टरी मालिक गौरव भल्ला को दी। भल्ला भी सूचना पाकर फैक्टरी पहुंच गए। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी।
फैक्टरी में ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग बुझाने में लगा समय
फैक्टरी में रखे केमिकल शीघ्र ज्वलनशील होने के कारण आग विकराल रूप लेती रही और लाखों रुपये का कच्चा और तैयार माल नष्ट हो गया। फैक्टरी मालिक ने आग लगने का कारण शॉर्ट-सर्किट बताया है। घटना में पूरी फैक्टरी जलकर लगभग नष्ट हो गई। फैक्टरी मालिक गौरव से उनको हुए नुकसान के अनुमान और आग लगने के कारणों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।