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पटेल प्रधानमंत्री होते तो देश के टुकड़े न होते : विज
Updated Fri, 10 Aug 2018 01:29 AM IST
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पटेल प्रधानमंत्री होते तो देश के टुकड़े न होते : विज
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। अकसर अपने विवादित और तीखे बयानों से सुर्खियों में रहने वाले हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने एक बार फिर देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। विज ने तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा की बात का नैतिक समर्थन हुए कहा कि नेहरू के बजाय यदि किसी और या फिर सरदार पटेल को देश का प्रधानमंत्री बनाया जाता तो न देश के टुकड़े होते और न ही पाकिस्तान और कश्मीर जैसी समस्या का जन्म होता।
विज ने कहा कि नेहरू खानदान के सामने महात्मा गांधी भी बोलते नहीं थे। तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा ने एक कार्यक्रम में जवाहरलाल नेहरू के प्रति महात्मा गांधी के झुकाव और भारत-पाकिस्तान के विभाजन पर बयान दिया था जिसमें दलाईलामा ने कहा था कि यदि नेहरू के बजाय जिन्ना को भारत का प्रधानमंत्री बनाया जाता तो शायद भारत और पाकिस्तान का विभाजन न होता। दलाईलामा के इस बयान पर विज जिन्ना को तत्कालीन भारत का प्रधानमंत्री बनाए जाने की बात पर सहमत तो नहीं नजर आए, परंतु नेहरू और गांधी की भूमिका पर सवालिया निशान जरूर खड़े कर दिए।
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अंबाला कैंट। अकसर अपने विवादित और तीखे बयानों से सुर्खियों में रहने वाले हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने एक बार फिर देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। विज ने तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा की बात का नैतिक समर्थन हुए कहा कि नेहरू के बजाय यदि किसी और या फिर सरदार पटेल को देश का प्रधानमंत्री बनाया जाता तो न देश के टुकड़े होते और न ही पाकिस्तान और कश्मीर जैसी समस्या का जन्म होता।
विज ने कहा कि नेहरू खानदान के सामने महात्मा गांधी भी बोलते नहीं थे। तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा ने एक कार्यक्रम में जवाहरलाल नेहरू के प्रति महात्मा गांधी के झुकाव और भारत-पाकिस्तान के विभाजन पर बयान दिया था जिसमें दलाईलामा ने कहा था कि यदि नेहरू के बजाय जिन्ना को भारत का प्रधानमंत्री बनाया जाता तो शायद भारत और पाकिस्तान का विभाजन न होता। दलाईलामा के इस बयान पर विज जिन्ना को तत्कालीन भारत का प्रधानमंत्री बनाए जाने की बात पर सहमत तो नहीं नजर आए, परंतु नेहरू और गांधी की भूमिका पर सवालिया निशान जरूर खड़े कर दिए।
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