सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Fully online temporary driving license system

RTO: पूरी तरह से ऑनलाइन हुई अस्थायी ड्राइविंग लाइसेंस व्यवस्था, स्लॉट की बाध्यता हुई खत्म

संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 22 Jun 2022 10:41 AM IST
विज्ञापन
सार

अभ्यर्थी को नौ मिनट में नौ सही सवाल करने होते हैं। उत्तीर्ण होने के लिए अभ्यर्थी को एक आवेदन पर तीन बार टेस्ट का मौका मिलेगा। इसके बाद भी अभ्यर्थी पास नहीं हुआ तो दूसरा ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

Fully online temporary driving license system
Driving License - फोटो : iStock
विज्ञापन

विस्तार

अब अस्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए किसी भी अभ्यर्थी को चालक प्रशिक्षण केंद्र नहीं जाना पड़ेगा। अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन के साथ घर बैठे या साइबर कैफे में सारथी पोर्टल पर टेस्ट दे सकेंगे। परिवहन विभाग ने टेस्ट के स्लॉट की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है।

Trending Videos


नई व्यवस्था के तहत अब असीमित लोग लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। टेस्ट के स्लॉट के साथ आवेदन की सीमा भी खत्म हो गई है। अभ्यर्थी एक दिन में ही आवेदन के साथ टेस्ट देकर लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस हासिल कर सकते हैं। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) श्याम लाल ने बताया कि गोरखपुर में नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। अभ्यर्थियों को सुविधा तो मिलेगी ही सिस्टम में भी पारदर्शिता आएगी। यहां जान लें कि टेस्ट में 15 वैकल्पिक सवाल पूछे जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अभ्यर्थी को नौ मिनट में नौ सही सवाल करने होते हैं। उत्तीर्ण होने के लिए अभ्यर्थी को एक आवेदन पर तीन बार टेस्ट का मौका मिलेगा। इसके बाद भी अभ्यर्थी पास नहीं हुआ तो दूसरा ऑनलाइन आवेदन करना होगा। दूसरे आवेदन पर भी अभ्यर्थी को तीन मौके मिलेंगे। टेस्ट के बाद अभ्यर्थी के पंजीकृत मोबाइल पर परिणाम पहुंच जाएगा।

ऑनलाइन टेस्ट में 70 फीसदी आवेदन हो जा रहे निरस्त

अस्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के टेस्ट कैमरे की नजर में हो रहे हैं। टेस्ट के दौरान सिस्टम का कैमरा लाइव हो जाता है जो टेस्ट की प्रक्रिया पूरी होने तक ऑन रहता है। अभ्यर्थी की जगह किसी दूसरे के टेस्ट देने, टेस्ट के दौरान बातचीत करने, हिलने-डुलने व अन्य किसी भी प्रकार की गतिविधि को लाइव कैमरा पकड़ ले रहा है।


कैमरा में किसी भी तरह की अनियमितता पकड़ में आने के बाद अभ्यर्थी के आवेदन निरस्त हो जाते हैं। संभागीय निरीक्षक राघव कुशवाहा के अनुसार लगभग 70 प्रतिशत अभ्यर्थियों को सिस्टम ही फेल कर दे रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed